ये बेबसी का आलम, यह तस्वीर कहती तो बहुत कुछ है पर कुछ लिखा जाए यह संभव नही

देखो-देखो ये बेबसी का आलम, यह तस्वीर कहती तो बहुत कुछ है पर कुछ लिखा जाए यह संभव नही

(Written by Raj Kumar Aggarwal)

Look – see this helplessness, this picture says a lot but it is not possible to write anything

नई दिल्ली: एक तस्वीर जिसमे एक बाप की बेबसी झलक रही है।एक बाप जो अपनी बेटी को अपने सीने से लगाना चाहता है उसके साथ खेलना चाहता है उसके पास बैठना चाहता है उसे अपने हाथों से खाना खिलाना चाहता है लेकिन वह यह सब चाहाकर भी नही कर सकता है क्योंकि हालात ही कुछ ऐसे हैं जिसने उसे यह सब न करने पर मजबूर कर दिया है।वहीं, उसके सामने खड़ी उसकी बेटी मन में कई सारी अभीलाषायें लिए अपने पापा को एक टक नजर से निहार रही है कि उसके पापा उसके पास आयेंगे वह प्यारी सी अनजान सी बच्ची यह नही जान रही कि उसके पापा के पैरों को हालातों ने इसकदर बांध दिया है कि उसके पापा उसके पास नही आ सकते।

 

 

दरअसल, आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं जिसमे एक पुलिसमैन खाना खा रहा है और कुछ ही दूरी पर उसकी बेटी खड़े होकर उसको देख रही है।

 

आपको बता देंकि कि यह तस्वीर मध्य प्रदेश के इंदौर की है।इस तस्वीर में जो पुलिसमैन दिख रहा है वह इंदौर एक थाना का थाना प्रभारी है नाम है निर्मल सिंह।

 

निर्मल सिंह इन दिनों कोरोना काल में दे रहे ड्यूटी के चलते घर बहुत कम जाते हैं।उनको इस बात की चिंता रहती है कि वह ड्यूटी के दौरान कई लोगों के संपर्क मे आते हैं ऐसे में किसे क्या बीमारी है कुछ पता नहीं इसलिए उन्हें डर रहता है कि उनके घर जाने पर कहीं कोई बीमारी उनके परिवार को चपेट न ले ले।फिलहाल जैसे तैसे निर्मल सिंह अपने घर पहुँचे लेकिन घर के अंदर नही गए बाहर ही खाना मंगा लिया और वहीं खाकर अपनी पत्नी और बेटी से दूर ही दूर से मुलाकत करते हुए वापस अपनी ड्यूटी पर चले गए।

 

निर्मल सिंह के सामने एक तरफ देश के प्रति फर्ज है और दूसरी तरफ परिवार के प्रति।निभाना दोनो को है लेकिन ऐसे समय में देश के प्रति फर्ज निभाना प्राथमिकता है क्योंकि जिसने देश के प्रति फर्ज अच्छे से निभा लिया समझो उसने अपने परिवार की हिफाजत में कदम उठा लिया क्योंकि देश है तो परिवार है।

 

फिलहाल निर्मल सिंह देश के प्रति जो अपना फर्ज अदा कर रहे हैं उसकी अर्थ प्रकाश सराहना करता है और कामना करता है कि वह व उनका परिवार कोरोना की आंच से बचा रहे।

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