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कैथल हरियाणा

Kaithal-रोहेड़ा और खेड़ी राववाली में जमीनी विवाद के चलते आधा दर्जन लोगों ने दूसरे पक्ष  पर जानलेवा हमला करने के आरोप लगाए

रोहेड़ा और खेड़ी राववाली में जमीनी विवाद के चलते आधा दर्जन लोगों ने दूसरे पक्ष  पर जानलेवा हमला करने के आरोप लगाए
जमीनी विवाद को लेकर एक परिवार के आधा दर्जन लोगों ने लगाए लाठी-डंडे से हमला करने के आरोप !
प्रशासनिक अधिकारियों पर भी लगाए दूसरे पक्ष से मिलीभगत होने के आरोप !
सभी आरोप झूठे व बेबुनियाद, फसल भी खुद काटी और चोट भी हमें ही मार गए : रिटायर्ड एसएचओ

Half a dozen people accused of murderous attack on other side due to ground dispute in Rohera and Khedi Raowali

Half a dozen people of a family accused of assault with sticks with the help of ground dispute!

Allegations of complicity with the other party also put the administrative officers!

All the allegations are false and baseless, the crop is also reaped and the injury also kills us: retired SHO

कैथल, 22 अप्रैल (कृष्ण प्रजापति): गांव रोहेड़ा और खेड़ी राववाली में जमीनी विवाद के चलते, विवादित जमीन से फसल कटाई के दौरान एक परिवार के आधा दर्जन लोगों ने दूसरे पक्ष के 10-12 लोगों पर जानलेवा हमला करने के आरोप लगाए हैं। इसके साथ-साथ बलबीर सिंह ने दूसरे पक्ष के लोगों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों के मिलीभगत होने के भी आरोप घायलों ने लगाए हैं। बातचीत के दौरान खेड़ी राववाली निवासी बलबीर सिंह ने बताया कि हमारा रिटायर्ड एसएचओ धर्मपाल रोहेड़ा के साथ जमीनी विवाद चला हुआ है और जमीनी विवाद में हमारी आपसी 4 एफआईआर.और 107, 51 के लगभग 7 मुकदमे भी दायर हो चुके हैं। फिलहाल सभी घायल हॉस्पिटल में भर्ती हैं।
बॉक्स -घायलों ने ये लगाए गम्भीर आरोप !
खेड़ी राववाली निवासी बलबीर सिंह जोकि कैथल कोर्ट में एक एडवोकेट के मुंशी हैं। उन्होंने बताया कि रोहेड़ा और खेड़ी राववाली में अलग-अलग जगहों पर लगभग 40 एकड़ का हमारा जमीनी विवाद चल रहा है जिसमें मुकदमा नम्बर 163 व 164 के 2 केस भी चले हुए हैं। दोनों जमीनों पर एसडीएम कोर्ट कैथल में केस चला हुआ था जिसको लेकर उन्होंने 2018 से अब तक कई बार धार 145 लगाने की अपील और पुलिस सहायता की भी गुहार लगाई थी लेकिन एसडीएम ने जानबूझकर एक जगह वाली जमीन पर धारा 145 लगा दी थी दूसरी जगह वाली जमीन पर धारा 145 नहीं लगाई। बलबीर ने आरोप लगाया कि उनके तक्सीम के दावे भी पेंडिंग पड़े हैं।
बलबीर के आरोप हैं कि उन्होंने बार-बार एसडीएम कैथल के पास पुलिस सहायता की गुहार लगाई। गत 30 नवंबर 2018 से वह बार-बार एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनको न्याय नहीं मिला। उसके बाद उन्होंने इस मामले को लेकर माननीय हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की हुई है। बलबीर के आरोप हैं कि गत 8 अप्रैल 2020 को भी गेहूं की फसल की कटाई को लेकर व दूसरे पक्ष से जान से खतरा होने का हवाला देकर एसडीएम कैथल के पास पुलिस सहायता की गुहार लगाई थी लेकिन बलबीर सिंह के आरोप हैं कि रिटायर्ड एसएचओ धर्मपाल ने एसएचओ राजौंद, एसडीएम कैथल, उप तहसीलदार राजौंद से मिलकर झूठी रिपोर्ट बनाकर यह बताया कि उक्त जमीन पर कोई विवाद ही नहीं है और ना ही किसी को जान का खतरा है।
उधर बलबीर ने आरोप लगाते हुए कहा कि पटवारी व सरपंच की रिपोर्ट के मुताबिक जमीन विवादित है, कई बार झगड़ा हुआ है और जान-माल का भी खतरा है, जिसकी शिकायत उन्होंने सीएम विंडो, डीसी कैथल को भी है लेकिन उसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बलबीर सिंह के आरोप है कि गत दिवस वह अपनी गेहूं की फसल की कटाई करने के लिए गए हुए थे जहां पर उसके परिवार के आधा दर्जन लोगों पर दूसरे पक्ष के लोगों ने डंडों व गंडासियो से हमला कर दिया, जिस पर पुलिस को सहायता के लिए फोन किया गया था लेकिन पुलिस काफी देर से पहुंची और प्रशासन द्वारा भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उन्होंने कहा कैथल एसडीएम, राजौंद एसएचओ, रिटायर्ड एसएचओ धर्मपाल से उनको जान का खतरा है और अगर मेरी जान को कोई नुकसान होता है तो  ये लोग जिम्मेवार होंगे। उन्होंने दूसरे पक्ष के राजबीर, सुखबीर, राजेन्द्र, प्रदीप, दीपक, अजीत अमित आदि पर हमला करने के और 2 एकड़ गेहूं काट कर ले जाने के भी आरोप लगाए हैं।
बॉक्स– घायल हुए बलबीर सिंह ने की यह अपील
घायल हुए बलबीर सिंह ने जहां दोबारा से मेडिकल करवाने की मांग की है और दोषी हमलावरों पर कार्रवाई करने की मांग के साथ साथ, मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। उसने सीएम, पीएम और गृह मंत्री अनिल विज से मिलकर जल्द ही मामले में सख्ती से कार्रवाई की मांग भी की है।
बॉक्स– बलबीर सिंह के सभी आरोप झूठे, बेबुनियाद हैं, बहकावे में आकर लगा रहे हैं बेतुके आरोप : रिटायर्ड एसएचओ
उधर दूसरे पक्ष के रिटायर्ड एसएचओ धर्मपाल रोहेड़ा ने बताया कि बलबीर सिंह और उसके परिवार ने उक्त जमीन से फसल भी खुद काटी है और हमारे परिवार के सदस्यों को चोट भी खुद मारी है। उन्होंने कहा कि अगर हम दोषी हैं तो पुलिस तस्दीक करें, जांच करें, हम जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इस जमीन को लेकर जहां बलबीर सिंह ने हाईकोर्ट में अपील लगाई हुई है तो हमने भी हाईकोर्ट में अपील दायर की हुई है। धर्मपाल ने कहा कि हम हर तरीके से कानून की पालना कर रहे हैं। बलबीर सिंह पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस शिकायत में भी मेरा नाम लिखवाया है जबकि मैं उस दिन घर पर ही था, चाहे तो अधिकारी जांच कर सकते हैं। धर्मपाल ने बताया कि जब राजौंद थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे तभी मैं खेतों में पहुंचा था। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता बलबीर सिंह कई बार पंचायत में भी झूठा साबित हुआ है और उन्होंने 40-50 हमारे खिलाफ झूठी शिकायतें कई जगहों पर दी हुई हैं और उसके सभी आरोप झूठे व बेबुनियाद हैं।
वर्जन – क्या कहते हैं उप तहसीलदार राजौंद
उधर बातचीत करते हुए राजौंद उप तहसीलदार भूप सिंह ने बताया कि गांव के नंबरदार, सरपंच, चौकीदार के बयान के मुताबिक उक्त जमीन पर कोई झगड़े वाली बात सामने नहीं आई, जिसके बाद इसकी रिपोर्ट बनाकर उन्होंने जिला प्रशासन को और एसडीएम कैथल को दे दी थी। उन्होंने कहा कि अगर बलबीर सिंह किसी भी प्रकार के आरोप लगा रहा है तो वे सरासर झूठे, गलत व बेबुनियाद हैं और उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

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