मरते मरते डीएफएससी  अधिकारी ने उप मुख्यमंत्री Dushyant के विभाग के भ्रष्ट तंत्र का किया पर्दाफाश

उपमुख्यमंत्री  दुष्यंत से इंसाफ मांग रही आशीष दांगी की आत्मा

बड़े अधिकारियों की प्रताड़ना से त्रस्त होकर जान देने वाले अधिकारी ने मरते मरते उप मुख्यमंत्री के विभाग के भ्रष्ट तंत्र का किया पर्दाफाश

DFSC officer exposes corrupt system of Deputy Chief Dushyant’s department while dying

Ashish Dangi’s soul seeking justice from Deputy Chief Minister Dushyant

The officer who died after being tortured by the torture of big officers, exposed the corrupt system of the dying deputy chief minister’s department.

 

=राजकुमार अग्रवाल =

कुरुक्षेत्र। फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर आशीष दांगी की मौत ने पूरे सरकारी सिस्टम की पोल खोलने का काम किया है।विभाग के बड़े अधिकारियों के प्रताड़ना और वसूली से तंग आकर जान देने को मजबूर हुए आशीष ने मरते मरते अपने विभाग के भ्रष्टाचार से लबालब सिस्टम को नंगा करने का काम किया।

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आशीष दांगी की आत्मा आज उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से इंसाफ मांग रही हैं। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास ही फूड एंड सप्लाई विभाग है। इसी विभाग के होनहार अफसर आशीष दांगी को बड़े अधिकारियों की नाजायज वसूली और प्रताड़ना के चलते अकाल मौत का शिकार होना पड़ा।

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कोई भी आदमी मौत को तभी गले लगाता है जब सहनशक्ति की सारी सीमाएं पार हो जाती हैं और इंसान को जिंदगी से ज्यादा मौत में राहत नजर आती है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला बार-बार यह दावा करते रहे हैं कि उनके विभागों में ईमानदारी से काम का चल रहा है लेकिन आशीष दांगी ने मरते समय आपबीती के जरिए उनके दावों पर करारा तमाचा मारने का काम किया है।

 

आशीष दांगी ने यह बताया कि उनके विभाग में पैसे के बलबूते पर पोस्टिंग की जाती हैं और पैसों के लिए अधिकारी सारा खेल खेलते हैं।
पैसों को लेकर बड़े अधिकारी छोटे अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रताड़ना करते हैं और उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराते हैं और जांच में फंसाने के नाम पर उनका आर्थिक और मानसिक शोषण किया जाता है।

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आशीष इ की मौत ने यह बता दिया है कि किस तरह से उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की छत्रछाया के नीचे उनके विभाग में भ्रष्टाचार का नंगा नाच किया जा रहा है।भ्रष्टाचार में डूबे हुए अधिकारियों की सरपरस्ती में ही हजारों करोड़ का धान घोटाला हुआ और अब गेहूं और सरसों की खरीद में घालमेल किया जा रहा है। अधिकारियों को पैसे लेकर पोस्टिंग दी जा रही है तो इसका मतलब यही है कि फसल खरीद में भारी धांधली की जा रही है।

 

 

बड़े भ्रष्ट अधिकारियों के आगे पूरा सिस्टम घुटने टेक चुका है।
आशीष दांगी की मौत फूड एंड सप्लाई विभाग से जुड़ी होने के कारण उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से उम्मीद की जाती थी कि वह आशीष दांगी की मौत का खुद संज्ञान लेते हुए विभाग के काली भेड़ों को उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

 

आशीष दांगी की मौत के 48 घंटे बाद भी उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का इस मामले में चुप रहना यह इशारा कर रहा है कि उन्हें आशीष दांगी की जान जाने का कोई गम नहीं है और ना ही उन्हें अपने विभागों के भ्रष्ट तंत्र की कोई परवाह है‌।
जब एक अधिकारी ने मरते वक्त अपनी मौत के कारणों का पूरा ब्यौरा दे दिया है तो उन आरोपों के ऊपर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का मुंह नहीं खोलना और आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना बता रहा है कि उपमुख्यमंत्री चौटाला आशीष दांगी की आत्मा को इंसाफ दिलाने की बजाय आरोपों के घेरे में खड़े अधिकारियों के साथ सहमति रखते हैं।

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आशीष दांगी ने जान देने से पहले यह पूरी तरह से साफ कर दिया कि वह बेहद खराब हालात में जान दे रहा है। बड़े अधिकारियों की प्रताड़ना की इंतिहा पार होने के चलते उसे मजबूरी में अपनी जान देने को मजबूर होना पड़ा।

ऐसे में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का कोई भी एक्शन नहीं लेना होनहार अफसर की आत्मा को इंसाफ दिलाने की बजाय उसे और प्रताड़ना देता हुआ दिख रहा है।
उप मुख्यमंत्री का अपने ही विभाग में इस अंधेरगर्दी के खिलाफ कुछ भी नहीं करना उनकी कथनी और करनी के अंतर को साफ-साफ दिखा रहा है।

 

 

उल्लेखनीय है कि खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर आशीष दांगी की आत्महत्या का मामला सरकार पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक (F&SI) ने विभागीय अधिकारियों की प्रताड़ना और भ्रष्टाचार से तंग आकर ज़हर खा लिया। मरने से पहले इंस्पेक्टर के आख़िरी बयान की वीडियो भी सामने आई है। इसमें वो अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। इसलिए उनके बयान और परिवार के आरोपों के आधार पर सीबीआई जांच होनी चाहिए। इंस्पेक्टर आशीष दांगी मूल रूप से रोहतक के मदीना गांव के रहने वाले थे और कुरुक्षेत्र के ठोल व इस्माइलाबाद ख़रीद केंद्र पर तैनात थे।

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