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15 वर्ष की उम्र में  एसिड अटैक झेलने वाली भारत की बेटी लक्ष्मी अग्रवाल पर कुछ बोलती  चित्रकारी 

15 वर्ष की उम्र में  एसिड अटैक झेलने वाली भारत की बेटी लक्ष्मी अग्रवाल पर कुछ बोलती  चित्रकारी

=====चित्रकार  खुश्बू वर्मा भोपाल====

 

 

भोपाल की खुश्बू वर्मा ने एसिड अटैक लक्ष्मी अग्रवाल पर की चित्रकारी

भोपाल(अटल हिन्द ब्यूरो )

लक्ष्मी अग्रवाल दिल्ली की रहने वाली थी, माध्यम वर्ग से ताल्लुक रखने वाली लक्ष्मी बहुत ही सुन्दर भी और खुशमिजाज भी .

इनका जन 1990 में 1 जून को हुआ . महज 15 वर्ष की थी जब उन पर एसिड अटैक हुआ .

उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, कि उनको इस विषम परिस्थिति से गुजरना पड़ेगा. कुछ मनचलों ने दिनदहाड़े उनके ऊपर

एसिड अटैक किया. जिस से उनको बहुत ही बुरी तरीके से नुकसान पहुंचा.

इसके बाद उनको बहुत ही कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा. परंतु इस सशक्त महिला ने अपने जीवन में हार नहीं मानी और

आगे बढ़ने का निश्चय किया. अपनी परिस्थिति से उभरने के लिए उन्होंने खुद को सरवाइव करना सिखाया. आज यह महिला स्टॉप

एसिड सेल और एक टीवी होस्ट के साथ-साथ एक भारतीय प्रचारक के रूप में दुनिया के सामने कार्य कर रही हैं.

     ====चित्रकारी   ======

लक्ष्मी अग्रवाल पर कब और कैसे हुआ था, एसिड अटैक

लक्ष्मी अग्रवाल जी के साथ 2005 में एसिड अटैक की घटना घटित हुई थी. वे कक्षा सातवीं में पढ़ती थी. इस छोटी सी उम्र में ही

एक 32 वर्षीय व्यक्ति नईम खान उर्फ़ गुड्डा ने उनको शादी के लिए प्रपोज किया, परंतु लक्ष्मी ने उस व्यक्ति द्वारा दिए गए प्रपोजल

को अस्वीकार कर दिया.

22 फरवरी 2005 को जब लक्ष्मी करीब 11:00 बजे दिल्ली के एक खान बाजार मार्केट से वापस लौट रही थी, तो उस युवक ने

अपने छोटे भाई की गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम देने का सोचा.

उसी दौरान उसके छोटे भाई की गर्लफ्रेंड ने लक्ष्मी को धक्का दिया, यह बयान खुद लक्ष्मी द्वारा दिया हुआ है. धक्का खाते ही लक्ष्मी

अचानक से सड़क पर गिर गई और उस समय गुड्डा ने मौका पाते ही इनके शरीर पर एसिड अटैक कर दिया..

लक्ष्मी ने अपने एक बयान में बताया कि उस दौरान लक्ष्मी ने अपनी आंखों को ढक लिया था, इसलिए उनकी आंखों को ज्यादा

नुकसान नहीं पहुंच सका. लक्ष्मी ने बताया कि जिस दौरान उनके शरीर पर तेजाब पड़ा उस समय उनको थोड़ा सा ठंडक महसूस

हुई, परंतु कुछ सेकंड बाद ही उनको महसूस हुआ कि उनके शरीर में बहुत तेज जलन हो रही है.

उन्होंने बताया कि , कुछ क्षणों में ही उनके चेहरे और कान के हिस्सों के मांस पिघल कर जमीन पर गिरने लगे और उनकी हड्डियों

में भी जलन होने लगी. उन्होंने बताया कि 2 माह से अधिक उन्होंने इस दुखदायक परिस्थिति के साथ जूझते हुए राम मनोहर

लोहिया अस्पताल में बिताया.

एसिड अटैक घटना के बाद जुड़ी हुई कुछ बातें

लक्ष्मी अग्रवाल बताती हैं, कि जब उनकी आंखों को डॉक्टर सिल रहे थे तब वह होश में थी. परंतु उनको यह नहीं समझ में आ रहा

था , कि आखिर में उनके साथ यह क्या हो रहा है ? वह बताती हैं कि करीब 2 महीने से भी अधिक बाद जब वह घर लौटी तो घर के

सभी आईने हटा दिए गए थे. लक्ष्मी जी ने कहा, कि कैसे भी करके उन्होंने अपने चेहरे को आईने में देख लिया.

अपने चेहरे को आईने में देखते ही वह खुद बहुत डर गई और इतना ही नहीं उनको बहुत ही दुख हुआ. वह बताती हैं, कि उन्होंने

उसी वक्त ठान लिया कि उनके जिंदगी का अब कोई मकसद नहीं रह गया है. अपने आपको अब खत्म कर लेना चाहिए, ऐसा

उन्होंने अपने मन में निश्चय कर लिया था.

वे बताती हैं, कि अपने माता-पिता के बारे में सोच कर उन्होंने आत्महत्या का विचार नहीं किया परंतु उन्होंने कहा, कि जीवन जीना

इस परिस्थिति में इतना आसान उस वक्त नहीं था.

वे बताती हैं, कि जब मैं कहीं बाहर या फिर घर के छत पर ही टहलने निकलती थी, तो लोग उनके चेहरे को देखकर अपने मुंह को

फिर लेते थे, दयनी नजर से देख आगे बढ़ जाते थे.

यहां तक , कि कई लोगों ने उनको यह तक सलाह दे दी कि, अपने चेहरे को ढक कर रखा करो नहीं तो आजू- बाजू के बच्चे तुम्हारे

चेहरे को देखकर डर जाएंगे. उन्होंने कहा, कि इस दुनिया में उन्हें एक बार नहीं अनेकों बार अपमान का सामना करना पड़ा था.

“और वे आज बताती हैं , कि मैं उन सभी लोगों का अत्यधिक शुक्रिया अदा करना चाहती हूं जिन्होंने मुझे अपमानित किया”. वह

बताती हैं, कि लोगों द्वारा अपमानित होने एवं उनको घृणा से देखे जाने से ही उनके अंदर एक ऐसी ज़िद जागृत हुई, कि अब तो

कुछ इस दुनिया को उनको करके ही दिखाना है. चित्रकारी करते समय खुश्बू की माँ ज्योति वर्मा और पापा केशव वर्मा उसकी इस

मेहनत को सलाम करते है और अपनी बेटी को बहुत बड़ा कलाकार बनाना चाहते है माता पिता का कहना है कि हमारी बेटी अपने

भोपला जिले के कई पेंटिंग्स में हिस्सा ले चुकी है और वह हमेशा अच्छा करती है हमे उम्मीद है कि वह हमारे सपनो को पंख देगी

और अपने भविष्य के साथ साथ लोगो को भी समय समय पर मोटिवेट करती रहेगी

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