मेरा गांव

शहर क्या आज गांव भी विराना लगता है ।
आफत क्या आई खमोश ठिकाना लगता है ।
कहाँ चला गई वो चकाचौंध जमाने की ,
जाना नामुमकिन वो गुलशन बेगाना लगता है ॥
हर मोहल्ले की अलग सी खूबी व अंदाज है ।
आज फीकी पड़ी है रौनक ऐसा कहाँ रिवाज है,
हसीन वादियां, ऊंचे पर्वत , झरने गहरी नदियां ,
हिम का आंचल देश का ये सरताज है ॥
शहर मेरा फिर चमकेगा थोड़ा सब्र सा कर लो ।
माटी देगी फिर से खुशबू हिम्मत जहन भर लो ,
घने जंगलों की फगडंडी से आना तुम यहाँ,
इन्तजार में मीलने  की उम्मीद ठान ग़र लो ॥
रचनाकार :- दिलाराम भारद्वाज ‘ दिल ,
करसोग , मण्डी (हिमाचल प्रदेश )
8278819997

हरियाणा नेताओं को अब कोरोना वायरस से नहीं लगता डर, फील्‍ड में उतर दिग्‍गज

हरियाणा नेताओं को अब कोरोना वायरस से नहीं लगता डर, फील्‍ड में उतर दिग्‍गज चंडीगढ़(अटल हिन्द…

सत्तासीन लोगों के लिए लोग सड़कों पर जूतों की माला लेकर खड़े मिलेंगे-अभय  चौटाला 

सत्तासीन लोगों के लिए लोग सड़कों पर जूतों की माला लेकर खड़े मिलेंगे-अभय  चौटाला जींद, 08…

अपना कुनबा संभाले कांग्रेस, अपने 30 विधायकों को साथ बैठाकर दिखाएं हुड्डा – दुष्यंत चौटाला*

अपना कुनबा संभाले कांग्रेस, अपने 30 विधायकों को साथ बैठाकर दिखाएं हुड्डा – उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला*…

खुला चैलेंज…खुला चैलेंज कौन नेता-अधिकारी इस भवन में आने की दिखाएगा दिलेरी

खुला चैलेंज…खुला चैलेंज कौन नेता-अधिकारी इस भवन में आने की दिखाएगा दिलेरी मानसून के मौसम में…

कौन बनेगा मार्केट कमेटी चेयरमैन राव इंद्रजीत और जरावता के बीच होगा पहला राजनीतिक परीक्षण

कौन बनेगा मार्केट कमेटी चेयरमैन राव इंद्रजीत और जरावता के बीच होगा पहला राजनीतिक परीक्षण पटौदी…

Translate »
error: Content is protected !!