Take a fresh look at your lifestyle.

गांधी परिवार का SPG सुरक्षा घेरा हटाएगी मोदी सरकार….. अब मिलेगी Z+ सिक्योरिटी….गृहमंत्रालय की बैठक में हुआ फैसला

गांधी परिवार का SPG सुरक्षा घेरा हटाएगी मोदी सरकार….. अब मिलेगी Z+ सिक्योरिटी….गृहमंत्रालय की बैठक में हुआ फैसला

नयी दिल्ली 8 नवंबर 2019। गांधी परिवार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. मोदी सरकार गांधी पविवार की सुरक्षा कम करने की तैयारी कर रही है. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि गांधी परिवार से SPG सुरक्षा घेरा हटाया जाने वाला है. अब नई व्यवस्था में एसपीजी की की जगह Z+ सुरक्षा दी जाएगी. कांग्रेस ने मोदी सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक साजिश करार दिया है. कांग्रेस का कहना है कि इस फैसले के पीछे आरएसएस की मंशा काम कर रही है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को एसपीजी की सुरक्षा मिली हुई है. अब उन्हें एसपीजी की जगह सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा जी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में ये फैसला लिया गया. इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सुरक्षा से भी एसपीजी कवर हटाकर सीआरपीएफ की जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी.

 

गृहमंत्रालय क सूत्रों ने बताया कि एसपीजी ने अपनी रिपोर्ट में गांधी परिवार के 30 विदेशी दौरे का हवाला दिया. एसपीजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बिना उनकी सुरक्षा लिए वे देश से बाहर चले गए. इस दौरान उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई.

SPG सुरक्षा क्यों हैं सबसे खास

 

यह देश में सबसे ऊंचे स्तर की सुरक्षा है जो वर्तमान प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों को दी जाती है. SPG देश के सबसे जांबाज सिपाही कहे जाते हैं. विशेष सुरक्षा दल (Special Protection Group- SPG) 2 जून, 1988 में भारत की संसद के एक अधिनियम द्वारा बनाया गया था. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है. यह केंद्र का विशेष सुरक्षाबलों में से एक है. इन जवानों का चयन पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स (BSF, CISF, ITBP, CRPF) से किया जाता है. यह बल गृह मंत्रालय के अधीन है. SPG देश की सबसे पेशेवर एवं आधुनिकतम सुरक्षा बलों में से एक है. ये जवान एक फुली ऑटोमेटिक गन FNF-2000 असॉल्ट राइफल से लैस होते हैं. कमांडोज के पास ग्लोक 17 नाम की एक पिस्टल भी होती है. कमांडो अपनी सेफ्टी के लिए एक लाइट वेट बुलेटप्रूफ जैकेट भी पहनते हैं. SPG के जवान अपने आंखों पर एक विशेष चश्मा पहने रहते थे. इससे उनकी आखों को हमले से बचाया जाता है साथ ही वह किसी भी प्रकार का डिस्ट्रैक्शन नहीं होने देता हैं. आखिर में बता दें कि SPG एक हमलावर फोर्स नहीं बल्कि रक्षात्मक फोर्स है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फिर निराश किया कार्यकर्ताओं को     |     कैथल में तख्तापलट की तैयारी जिला परिषद चेयर पर्सन की कुर्सी खतरे में     |     कैथल पुलिस प्रशासन के खिलाफ नहीं थम रहा आम जनता का रोष     |     Teri meri Kahani and Ashiqui mein teri 2.0 which releaaed today are tracks which define the love story of Happy Hardy and Heer     |     Pulkit Samrat’s New Song ‘Walla Walla’ Will Surely Give You Feels Of An Arabian Night!     |     मनोहर लाल का घरौंडा, करनाल आगमन पर विधायकगणों व कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा के साथ कईं स्थानों पर किया स्वागत।     |     Nainital-सिस्टम का गठजोड़, थानाध्यक्ष ने अपने दरोगा को दी खनन में लिप्त विधायक के डंपर को थाने न लाने की हिदायत     |     Almora-अल्मोड़ा परिसर प्रशासन को हटाया गया तो सभी शिक्षक प्रशासनिक पदों से देंगे त्यागपत्र,     |     Ludhiana Tops in Punjab by generating highest E- Cards,With 5475 claims District Patiala leads Punjab     |     सरबत सेहत बीमा योजना रोज़मर्रा के 1000 से अधिक मरीज़ों को दे रहा है सुविधा-बलबीर सिंह सिद्धू     |    

error: Don\'t Copy
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9802153000