3305 लोग हिरासत में लिए गए,दिल्ली में जामा मस्जिद पर नमाज के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन,

दिल्ली में जामा मस्जिद पर नमाज के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन, 3305 लोग हिरासत में लिए गए, जानें कहां-क्या हुआ

नई दिल्ली/अहमदाबाद/लखनऊ।(atal hind)

संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ गुरुवार को हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश के लखनऊ और संभल, गुजरात के अहमदाबाद और कर्नाटक के मंगलौर में शुक्रवार को हालात नियंत्रण में रहे। गुजरात पुलिस ने 8 हजार लोगों पर हत्या की साजिश और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। एक कांग्रेस पार्षद समेत 49 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।  मिली जानकारी के मुताबिक, इंटेलिजेंस ब्यूरो ने अहमदाबाद पुलिस को शहर के शाह आलम इलाके में हिंसा भड़कने का अलर्ट भेजा था। अगर पुलिस इस पर कार्रवाई करती तो हिंसा रोकी जा सकती थी। वहीं, उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा के मामले में सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क समेत 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई। उधर, असम में प्रदर्शन और हिंसा के बाद बंद हुई इंटरनेट सेवा 9 दिन बाद बहाल हो गई।

हिंसक प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को राज्यों के हालात

दिल्ली

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण नेतृत्व में दिल्ली की जामा मस्जिद से नागरिकता कानून के विरोध में मार्च शुरू हुआ। दिल्ली पुलिस ने भीम आर्मी को जामा मस्जिद से जंतर-मंतर तक यह मार्च निकालने की इजाजत नहीं दी है। चावड़ी बाजार, लाल किला और जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन के गेट बंद कर दिए गए हैं। शास्त्री भवन के आसपास भी सुरक्षा कड़ी की गई है।पूर्वोत्तर दिल्ली में सुरक्षा इंतजाम कड़े किए गए हैं। पुलिस ने यहां शुक्रवार को 14 में से 12 थाना क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी और फ्लैग मार्च भी निकाला। सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स की 10 कंपनियां पूर्वोत्तर दिल्ली में तैनात की गई हैं। 5 ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है।

गुजरात

अहमदाबाद के शाह आलम इलाके में प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को पुलिस के जवानों पर पथराव किया था। इस हमले में एक डीसीपी, एक एसीपी समेत 21 पुलिसकर्मी घायल हुए। मामले में 5 हजार लोगों पर ईसनपुर थाने में केस दर्ज हुआ है, जिसमें हत्या की साजिश, शासकीय कार्य में बांधा डालने जैसी धाराएं लगाई गईं। शुक्रवार को कांग्रेस पार्षद शहजाद खान समेत 49 लोगों की गिरफ्तारी हुई। सूत्रों ने दिव्य भास्कर नेटवर्क को बताया कि अहमदाबाद पुलिस ने हिंसा भड़कने की इंटेलिजेंस ब्यूरो की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया था।

गुरुवार को बनासकांठा के मुख्य हाईवे पर भीड़ ने पुलिस की गाड़ी पर हमला किया था। इस मामले में 3022 प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज किया गया। इनमें से 22 की पहचान कर ली गई है।

उत्तर प्रदेश

राज्य में धारा 144 लागू होने के बावजूद गुरुवार को लखनऊ और संभल में नागरिकता कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। पुलिस ने लखनऊ में 7 केस दर्ज किए और 200 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। फायरिंग में मारे गए युवक के पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी हुई।

संभल जिले में हिंसा और आगजनी के मामले में सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क समेत 17 पर केस दर्ज हुआ है। प्रदेश में अब तक कुल 3305 लोग हिरासत में लिए गए हैं। लखनऊ समेत 20 जिलों में मोबाइल इंटरनेट ठप है। जुमे की नमाज के चलते प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए हैं।

कर्नाटक

मंगलौर और दक्षिण कन्नड़ जिले में 21 दिसंबर को रात 10 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। बेंगलुरु में स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं। मंगलौर में बस सेवा बंद कर दी गई है। शहर में धारा 144 अब 22 दिसंबर तक बढ़ाई गई है। मंगलौर में प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को पुलिस स्टेशन में आग लगाई थी। पथराव में 20 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। पुलिस की फायरिंग में 2 लोगों की मौत हो गई थी। उधर, बेंगलुरु में प्रदर्शन और हिंसा के मामले 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

बिहार

राजद ने नागरिकता कानून के खिलाफ शनिवार को प्रदेश में बंद बुलाया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह कानून असंवैधानिक और मानवता विरोधी है। इससे भाजपा का विभाजनकारी चरित्र सामने आ गया है। गुरुवार को बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में माकपा कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक और हाईवे जाम किए थे।

असम

सभी जिलों में शुक्रवार को इंटरनेट सेवा बहाल हो गई। यहां प्रदर्शन और हिंसा के चलते 11 दिसंबर से इंटरनेट पर रोक लगाई गई थी।

तमिलनाडु

चेन्नई में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन करने वाले 600 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इनमें अभिनेता सिद्धार्थ और संगीतकार टीएम कृष्णा भी शामिल हैं।

केरल

उत्तर केरल हाई अलर्ट पर है। यहां के वायनाड, कोझिकोड, कासरगोड और कन्नूर जिले में सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए गए हैं।

पश्चिम बंगाल

राज्य में शुक्रवार को हालात सामान्य रहे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज कोलकाता के अल्पसंख्यक बाहुल्य पार्क सर्कस इलाके में धरना देंगी।

नागरिकता कानून और इसके विराेध पर मुख्यमंत्रियों के बयान

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को कहा कि मैं असम की जनता को भरोसा दिलाता हूं कि भाषा और संस्कृति के आधार पर किसी के अधिकारों का हनन नहीं होगा। मैं नए कानून का विरोध करने वालों को बातचीत के लिए आमंत्रित करता हूं।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि आज जो लोग मुसलमानों को भड़काने में लगे हैं, उन्हें राजपाट का जब मौका मिला था, तब उन्होंने क्या किया? मैं इस बात की गारंटी लेता हूं कि बिहार में अल्पसंख्यकों की उपेक्षा नहीं होगी।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री मोदी में हिम्मत है तो वे संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में नागरिकता कानून पर जनमत संग्रह कराए।कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि नए कानून से किसी भी भारतीय नागरिक के अधिकारों का हनन नहीं होता। अफवाहों पर ध्यान न दें।

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