Take a fresh look at your lifestyle.

सियासत के शिखर पर पहुंचने के लिए जेजेपी को तय करना होगा लंबा सफर

सियासत के शिखर पर पहुंचने के लिए जेजेपी को तय करना होगा लंबा सफर

KAITHAL(RAJKUMAR AGGARWAL)

बेहद विषम हालात में 1 साल पहले 9 दिसंबर 2018 को जींद की ऐतिहासिक सरजमीन पर जन्म लेने वाली जननायक जनता पार्टी ने 1 साल का सफर बड़ी उपलब्धि के साथ पूरा कर लिया है।
परिवार की पार्टी इनेलो से बेदखल किए जाने के बाद पूर्व सांसद अजय चौटाला ने अपने बेटे दुष्यंत चौटाला के साथ मिलकर हजारों जज्बाती वर्करों के बलबूते पर जेजेपी का गठन किया था।
एक ही साल में तीन चुनाव लड़ने और झटके खाने के बाद सत्ता की साझीदार बनकर जेजेपी ने महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल कर लिया है। 1 साल के अंदर ही दुष्यंत चौटाला की अगुवाई में जेजेपी ने खुद को सत्ता की चाबी बनाकर यह बता दिया है कि यह पार्टी न केवल इनेलो की जगह हासिल करने में सफल हो गई है बल्कि उसके साथ-साथ कांग्रेस और बीजेपी की बराबरी करने के लायक वोटबैंक पर पहुंचने की उम्मीद भी जगा गई है।
दुष्यंत चौटाला की अगुवाई में जेजेपी ने बहुत कम समय में जनता के बड़े वर्ग का जनसमर्थन हासिल करते हुए विधानसभा चुनाव में निर्णायक सफलता हासिल की और भाजपा के साथ मिलकर सरकार में साझेदारी लेते हुए सत्यता से 14 साल के वनवास को खत्म कर दिया।
जेजेपी के लिए पहले साल की वर्षगांठ पर सत्ता की हिस्सेदारी बड़ा उपहार माना जा सकता है लेकिन खुद की सत्ता की सबसे बड़ी मंजिल पर पहुंचने के लिए जेजेपी को अभी कई और पड़ाव से गुजारना है।
दुष्यंत चौटाला को अपने परदादा जन नायक चौधरी देवी लाल के सपनों को साकार करने के लिए जेजेपी को उस मुकाम पर पहुंचाना है जहां वह बड़े जनसमर्थन के बलबूते पर अपनी सरकार बनाते हुए प्रदेश को तरक्की और विकास के मार्ग पर सबसे आगे खड़े करने का काम अंजाम देना है।
दुष्यंत चौटाला और जेजेपी दोनों को यह मुकाम हासिल करने के लिए कई अग्नि परीक्षाओं से गुजरना होगा।

दुष्यंत पर रहेगा सारा दारोमदार

जननायक जनता पार्टी के भविष्य का सफर पूरी तरह से पार्टी के मुखिया दुष्यंत चौटाला पर निर्भर करेगा। भाजपा के साथ मिलकर सरकार में उप मुख्यमंत्री बनने के बाद दुष्यंत चौटाला की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। डिप्टी सीएम के रूप में न केवल दुष्यंत चौटाला को अपने विभागों में सबसे बेहतर काम करके दिखाना होगा बल्कि उसके साथ-साथ सरकार के साझीदार भाजपा के साथ बेहतर तालमेल के साथ जनता की उम्मीदों पर खरी उतरने वाली सरकार भी देनी होगी।
दुष्यंत चौटाला को अपनी पार्टी के नेताओं को सरकार में हिस्सेदारी दिलाने के अलावा पार्टी के वर्करों की ख्वाहिशों को भी पूरा करना होगा। दुष्यंत चौटाला को मैच्योरिटी के साथ पार्टी की कमान संभालते हुए जनता का भरोसा हासिल करते हुए जेजेपी को मजबूत पार्टी के रूप में तब्दील करना होगा। दुष्यंत अगर अपनी भूमिका पर खरे उतरे तो जेजेपी अगले चुनाव में बेहद मजबूत पार्टी होगी और अगर दुष्यंत जनता का भरोसा जीतने में नाकाम रहे तो उसकी बेहतरी की गुंजाइश दम तोड़ जाएगी।

संगठन को करना होगा मजबूत

विधानसभा चुनाव में जननायक जनता पार्टी को लगभग 17 फ़ीसदी वोट हासिल हुए हैं। इस वोटबैंक को दोगुना करने के लिए जननायक जनता पार्टी के संगठन को मजबूती देना सबसे जरूरी है। यह सच्चाई है कि जेजेपी का संगठन आधे से अधिक जिलों में अभी बेहद कमजोर है‌। इसके अलावा पार्टी के कई जिला अध्यक्ष, कई हल्का अध्यक्ष और कई युवा अध्यक्ष पसीना बहाने में कंजूसी कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पार्टी के संगठन से पदमुक्त करते हुए दुष्यंत चौटाला को मेहनत करने वाले समर्पित वर्करों को अहम जिम्मेदारियां सौंपनी होंगी।
जेजेपी का जनाधार मजबूत होने पर ही वोटबैंक बढ़ पाएगा। संगठन की मजबूती के बगैर जेजेपी अगला पड़ाव हासिल नहीं कर पाएगी।

समर्पित वर्करों को देनी होगी हिस्सेदारी

दुष्यंत चौटाला को पार्टी के समर्पित वर्करों को सत्ता में हिस्सेदारी देनी होगी। पार्टी नेताओं और वर्करों के सियासी और आर्थिक तौर पर मजबूत होने के बाद ही सियासी जंग में जेजेपी भाजपा और कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने में सफल हो पाएगी। संघर्ष के समय पूरा दमखम लगाने वाले लोगों को ही सरकार में हिस्सेदारी देनी होगी। अनूप धानक को मंत्री बनाकर दुष्यंत चौटाला ने यह संदेश दिया है कि समर्पित भाव से काम करने वाले लोगों को ही आगे किया जाएगा। यही परंपरा चेयरमैन और दूसरे पदों में भी कायम रखी जानी चाहिए।
बात यह है कि जेजेपी ने 1 साल के सफर में बड़ी सफलता हासिल करने का काम किया है। जेजेपी की स्थापना के समय इसकी सफलता की गारंटी कोई नहीं ले रहा था। गिने-चुने चेहरों और हजारों जज्बाती वर्करों ने सभी विरोधियों के आकलनों को चकनाचूर करते हुए जेजेपी को सत्ता का हिस्सेदार बनाया है।
दुष्यंत चौटाला की अगुवाई में जेजेपी एक ही साल में प्रदेश की निर्णायक सियासी ताकत बन गई है। इससे आगे का सफर तय करने के लिए दुष्यंत चौटाला को मेहनतकश और काबिल लोगों को आगे करना होगा।
सेटिंग करने वाले और नकारात्मक छवि वाले लोगों को पार्टी संगठन से हटाकर उनकी जगह सही नियत और पसीना बहाने वाले लोगों को पद सौंपने होंगे। जेजेपी के वोटबैंक को डबल करने के लिए दुष्यंत चौटाला के पास सरकार की हिस्सेदारी के रूप में भरपूर अवसर मौजूद हैं। अगर दुष्यंत चौटाला अपने विभागों में बढ़िया कार्य करने में सफल रहे तो जनता में उसका बढ़िया संदेश जाएगा जिसके चलते आगामी विधानसभा चुनाव तक जेजेपी का वोटबैंक बढ़ाने में आसानी रहेगी।
जेजेपी को जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए और अपने वायदों को पूरा करने के लिए सत्ता के सांझेदार भाजपा के साथ तालमेल बिठाना होगा। सत्ता के साथ ही जेजेपी में ढोंगी नेताओं की भरमार नजर आ रही है। यह वह लोग हैं जो पिछले 1 साल के संघर्ष के दौरान जेजेपी के साथ कभी खड़े हुए नजर नहीं आए। ऐसे लोगों को नजरअंदाज करते हुए संघर्ष के समय दिन-रात एक करने वाले लोगों को ही प्राथमिकता देते हुए सरकार और संगठन में भागीदारी देनी होगी।
जननायक चौधरी देवीलाल के सपनों को साकार करने के लिए जेजेपी को वटवृक्ष के रूप में विस्तार हासिल करना होगा। यह लक्ष्य हासिल करना किसी भी सूरत में आसान नहीं है। दुष्यंत चौटाला ने अगर सही लोगों की टीम बनाकर पार्टी की मजबूती के लिए काम किया तो जेजेपी हर चुनौती को पार करते हुए 5 साल में कांग्रेस और बीजेपी के बराबर खड़ी हुई नजर आएगी।
अगर दुष्यंत चौटाला ने जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करते हुए गलत फैसले लिए तो आगामी चुनाव में उनके लिए खतरे की घंटी भी बन सकती है। अब देखना यही है कि दुष्यंत चौटाला जेजेपी को भविष्य को सुरक्षित करने के लिए किस तरह की रणनीति अपनाते हुए सरकार की हिस्सेदारी का फायदा उठाकर ने केवल पार्टी के नेताओं और वर्गों के सपनों को साकार करते हैं बल्कि जनता की उम्मीदों पर भी खरा उतरते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

दिल्ली: भजनपुरा में कोचिंग सेंटर की इमारत गिरी, पांच छात्रों की मौत     |     भ्रम फैलाकर 2015 का विधानसभा चुनाव जीते केजरीवाल, : अमित शाह     |     मतदाता दिवस पर रैली एवं संगोष्ठी का किया गया आयोजन     |     मतदाता दिवस पर किया गया रैली एवं संगोष्ठी का आयोजन     |     हरियाणा में गौशालाएं और नंदी शालाएं घोर अवस्था की शिकार हैं?     |     शैमरॉक स्कूल के प्रांगण में सिमटा नजर आया लघु भारत, 28 राज्यों की वेशभूषा में नजर आए विद्यार्थी     |     22 साल के लड़के और 60 साल की महिला के बीच हुआ प्यार,शादी करने पर अड़े     |     रुखसाना को राष्ट्रीय प्रेरणा दूत पुरुस्कार 2020 से सम्मानित  किया जाएगा ।        |     डा.अशोक तंवर अब करेगें नई राजनीतिक पारी की शुरूआत     |     हरियाणा के सीएम ने लगाई गुहार प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट  सरकारी स्कूलों को अडाॅप्ट करे – मुख्यमंत्री     |    

error: Don\'t Copy
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9802153000