Take a fresh look at your lifestyle.
corona

एनकाउंटर की कहानी थोड़ी जल्दी में बना दी अगर सोच समझकर बनाते तो अच्छी बनती- जस्टिस सोढ़ी

जस्टिस सोढी ने कहा-एनकाउंटर की कहानी जल्दबाजी
में बना दी, थोड़ा आराम से बनाते तो कुछ ठीक बनती..
इस मुल्क में ‘तालिबानी इंसाफ’ के लिए कोई जगह नहीं
नई दिल्ली:(atal hind) हैदराबाद में महिला वेटनरी डॉक्टर से बलात्कार और उसकी हत्या के आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने पर दिल्ली उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस आरएस सोढी का कहना है कि ‘अदालत ने चार आरोपियों को आपकी (पुलिस की) हिरासत में भेजा था, तो उनकी हिफाजत करना, उनकी देखभाल करना आपका (पुलिस का) धर्म है. यह कह देना कि वे भाग रहे थे. वे भाग कैसे सकते हैं? आप 15 हैं और वे चार हैं.’ उन्होंने कहा, किसी भी मामले में आरोपियों की सुरक्षा करना पुलिस का धर्म होता है और इस मुल्क में ‘तालिबानी इंसाफ’ के लिए कोई जगह नहीं है.

जस्टिस सोढी ने कहा, ‘यह कहानी मुझे जंचती नहीं है. यह हिरासत में की गई हत्या है. कानून कहता है कि जांच करो और जांच निष्पक्ष होनी चाहिए. यह जांच भले ही इनके खिलाफ नहीं हो, लेकिन यह चीज कैसे हुई, कहां से शुरू हुई, सब कुछ जांच में सामने आ जाएगा. इसलिए जांच होनी बेहद जरूरी है.’

उन्होंने कहा, ‘आपने कहा कि उन्होंने (आरोपियों) आप (पुलिस) पर पत्थर फेंके तो आप 15 आदमी थे, क्या आप उन्हें पकड़ नहीं सकते थे? पत्थर से अगर आपको चोट आई तो पत्थर मारने वाला आदमी कितनी दूर होगा. यह कहानी थोड़ी जल्दबाजी में बना दी. आराम से बनाते तो थोड़ी ठीक बनती.’

जस्टिस सोढी ने कहा, ‘दूसरी बात, यह किसने कह दिया कि आरोपियों ने बलात्कार किया था. यह तो पुलिस कह रही है और आरोपियों ने यह पुलिस के सामने ही कहा. पुलिस की हिरासत में किसी से भी, कोई भी जुर्म कबूल कराया जा सकता है. अभी तो यह साबित नहीं हुआ था कि उन्होंने बलात्कार किया था. वे सभी कम उम्र के थे. वे भी किसी के बच्चे थे. आपने उनकी जांच कर ली, मुकदमा चला लिया और मार भी दिया.’

उन्होंने कहा, ‘पुलिस अदालती कार्यवाही को अपने हाथ में ले ले तो उसका कदम कभी जायज नहीं हो सकता है. अगर पुलिस कानून के खिलाफ जाएगी तो वह भी वैसी ही मुल्जिम है जैसे वे (आरोपी) मुल्जिम हैं. उसका काम सिर्फ जांच करना है और जांच में मिले तथ्यों को अदालत के सामने रखना है. इसमें प्रतिवादी को भी बता दिया जाता है कि आपके खिलाफ ये आरोप हैं और आपको अपनी सफाई में कुछ कहना है तो कह दें.’

उन्होंने कहा, ‘अगर प्रतिवादी को अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका नहीं दिया जाएगा और गोली मार दी जाएगी… हो सकता है कि किसी और मुल्क में ऐसा इंसाफ होता हो, लेकिन हमारे संविधान के मुताबिक यह इंसाफ नहीं है. इसलिए यह तालिबानी इंसाफ कहीं और हो सकता है. इस मुल्क में नहीं.’

निर्भया मामले के बाद कानून को सख्त करने के बावजूद बलात्कार नहीं रुकने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘कानून कितने चाहे बना लें, जब तक इसको लागू ठीक से नहीं किया जाएगा तब तक कुछ नहीं होगा. जांच और दोषसिद्धि की प्रक्रिया तथा सजा को लागू करने में जब तक तेजी नहीं लाई जाएगी, तब तक किसी के मन में कानून का खौफ ही नहीं होगा. कानून भी खौफ के साथ ही चलता है.’

Leave A Reply

Your email address will not be published.

हरियाणा: लॉकडाउन में 3500 परिवारों को , गांव नहीं जाने दिया, अब भूखा मार रहे     |     मुख्यमंत्री मनोहर लाल  को  नियम कानून का पालन करने की जरूरत नहीं थी  ?कोरोना वायरस के चलते 14 मार्च को करनाल में आयोजित कार्यक्रम में हुए थे शामिल      |     हरियाणा में मरीजों की संख्या हुई 25,पंचकूला में स्टाफ नर्स की रिपोर्ट पॉजिटिव     |     मानवता की सेवा के लिए कांग्रेस नेता मनदीप ने किया राशन वितरण,कहा भूखे व्यक्ति का पेट भरना है सच्ची सेवा     |     सरस्वती ड्रेन में युवक की लाश मिलने से फैली सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका     |     गुलाबी, पीले और खाकी राशन कार्ड धारकों को अप्रैल माह का राशन मुफ्त – CM     |     फेसबुक पर दोस्त बनाया और भाग गई उसके बाद,,,,,     |     Hariyana- शासन-प्रशासन में हड़कंप मचा डाला,हेलीमंडी में 40 मुस्लिमों के मौजूद होने की  मिली सूचना     |     सकंट की घड़ी में देश के साथ है नंबरदार : उपदेश     |     दुधारू पशुओं से नहीं फैलता है कोरोना वायरस : डा. राजन     |    

error: Don\'t Copy
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9802153000