Take a fresh look at your lifestyle.
corona

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का करंट गायब हरियाणा भाजपा मैं मची अंदरूनी उथल-पुथल

हरियाणा भाजपा में मची  अंदरुनी उथल-पुथल

मनोहर लाल खट्टर का करंट गायब

राजकुमार अग्रवाल
चंडीगढ़।

2 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव ने प्रदेश की सियासत को पूरी तरह से बदल दिया है। प्रदेश में लगातार दूसरी बार भाजपा की सरकार बनने के अलावा सभी पार्टियों के अंदरूनी सियासी हालात में बड़े बदलाव आए हैं।

भाजपा में मच रही अंदरूनी उथल-पुथल

प्रदेश की सत्ता पर लगातार दूसरी बार काबिज होने वाली भाजपा में इस बार अंदरूनी उथल-पुथल मची हुई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर में पहले वाला “करंट” नजर नहीं आ रहा है। बड़े विभाग मिलने के बाद अनिल विज का कद “हैवीवेट” हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, कैप्टन अभिमन्यु और ओमप्रकाश धनखड़ की जाट पॉलिटिक्स पर सवालिया निशान लग गए हैं।
भाजपा में चौधर और दबदबे का सवाल जवाब मांग रहा है लेकिन चारों तरफ खामोशी ने भाजपा में बेचैनी पैदा कर दी है।

हुड्डा हो गए हावी

पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस में पूरी तरह से हावी हो गए हैं। प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा के साथ ट्यूनिंग ठीक बिठाने के साथ-साथ उन्होंने प्रदेश संगठन में अपना दबदबा कायम कर लिया है।
कल दिल्ली में हुई पार्टी की “भारत बचाओ रैली” में सबसे ज्यादा लोगों की भीड़ ले जाकर भूपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस हाईकमान को भी अपना महत्व साबित कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस के दूसरे बड़े नेताओं के लिए फिलहाल संभावना के दरवाजे बंद नजर आ रहे हैं।

जेजेपी को सबसे बड़ा फायदा

भाजपा के साथ सरकार में हिस्सेदारी हासिल करने वाली जननायक जनता पार्टी को बदले सियासी हालात का सबसे बड़ा फायदा हुआ है। 10 विधायकों के साथ सत्ता में भाजपा के साथ सांझेदारी बनाने के कारण दुष्यंत चौटाला को अपनी नई नवेली पार्टी की जड़ें जमाने का बड़ा अवसर मिल गया है।
दुष्यंत चौटाला भाजपा के साथ मिलकर जहां कांग्रेस को कमजोर करने की रणनीति बना रहे हैं वहीं दूसरी तरफ अपनी पार्टी के जनाधार को भी मजबूती देने की योजना पर काम कर रहे हैं।
दुष्यंत चौटाला की अगुवाई में जेजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए सारी संभावनाओं को खंगाल रही है। उपमुख्यमंत्री बनने के बाद दुष्यंत चौटाला फहली प़क्ति के रसूखदार नेताओं में शामिल हो गए हैं।

इनेलो की हुई बेकद्री

विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सबसे मजबूत विपक्षी पार्टी कही जाने वाले इनेलो बदहाली और बेकद्री की शिकार हो गई है। विधानसभा चुनाव में सिर्फ ढाई प्रतिशत वोटों पर ही सिमटने वाली इनेलो अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। सिर्फ एक एमएलए बनने के चलते उसके लिए खुद का वजूद बचाए रखना भी मुश्किल हो गया है। अभय चौटाला की अगुवाई में इनेलो खात्मे की कगार पर खड़ी है।

बात यह है कि विधानसभा चुनाव के परिणाम ने प्रदेश की सियासत में भारी उथल-पुथल मचाने का काम किया है।
स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के चलते भाजपा को जोर का झटका लगा है। भाजपा हाईकमान के फैसलों के चलते प्रदेश भाजपा में संतुलन और चौधर का मामला अंदरूनी तौर पर बेचैनी पैदा कर रहा है।
भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस में एक बार फिर बड़े चौधरी बन गए हैं‌ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा भी उनके बगैर चलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं।अशोक तंवर के कांग्रेस छोड़ने के बाद भूपेंद्र हुड्डा के रास्ते में कोई रुकावट नजर नहीं आ रही है और वह प्रदेश कांग्रेस में मनचाही कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की अगुवाई में जेजेपी तेजी से बड़ा मुकाम हासिल कर गई है। सरकार के सांझेदार बनने के चलते जेजेपी इनेलो की जगह पर काबिज हो गई है।
अभय चौटाला की गलतफहमी और गलत फैसलों ने इनेलो को सियासी तौर पर कंगाल कर दिया है और इसका सियासी भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।
2024 की सियासी तैयारी में भाजपा, कांग्रेस और जेजेपी अभी से जुट गए हैं। यह तय है कि अगली चुनावी जंग में तीनों ही पार्टियां नए समीकरणों के बीच सत्ता की सरताज बनाने के लिए एक दूसरे से भिड़ती हुई नजर आएंगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

एक बीवी के साथ घिरा हूँ, दूसरी के घर जा सकता हूँ:     |     बड़ी खबर -जींद में मारी गोली बिना मास्क लगाए गांव में घूम रहे युवकों को टोका था      |     भारत में 40 करोड़ लोग गरीबी में फसेंगे,-ILO की रिपोर्ट     |     हरियाणा में भुखमरी का शिकार 4000 बाहरी मजदूर     |     ग्राम पंचायत कसीथल ने 11 हजार रुपये मुख्यमंत्री रिलिफ फंड में दिए     |     भारत शिक्षण संस्थान ने जरुरतमंद परिवारों को भोजन उपलब्ध करवाया     |     उमंग संस्था व खुशी उन्नति केंद्र ने झंडौला में घर-घर जाकर दिए सैनिटाईजर     |     टाटका के किसान द्वारा उगाई पीलें व बैंगनी रंग की गोभी बनी लोगों के आर्कषण का केंद्र     |     मजदूरों की कमी के चलते किसानों को अब खेतों में काम करने पर मजबूर होना पड़ रहा है     |     मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने झूठ बोला !447 नहीं  312 पदों पर ही मेडिकल अफसरों की नियुक्ति हुई है      |    

error: Don\'t Copy
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9802153000