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घरौंडा मिनी स्टेडियम का काम पिछले दो सालों से अटका,नपा द्वारा बनाये शौचालयों पर लटके ताले

घरौंडा मिनी स्टेडियम का काम पिछले दो सालों से अटका
युवाओं में शासन व प्रशासन के प्रति रोष
नपा द्वारा बनाये शौचालयों पर लटके ताले
पीने के पानी के लिए खिलाडिय़ों को बाहर दुकानों पर जाना पड़ता है।
घरौंडा : 19 दिसंबर,प्रवीण कौशिक
उभरती खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए शहर में मिनी स्टेडियम का काम पिछले दो सालों से अटका हुआ है। न तो यहां पर रैसिंग ट्रेक का निर्माण हुआ है, ना ही फुटबाल ग्राउंड का। दर्शक दीर्घा बनाकर औपचारिकताएं पूरी कर दी गई है। स्टेडियम में खेल कोर्ट की फेसिलिटी तो दूर खिलाडिय़ों के लिए पानी और शौचालय तक की सुविधा भी नहीं है। खेल स्टेडियम में थोड़ा बहुत जो निर्माण हुआ है वह भी क्षतिग्रस्त होना शुरू हो चुका है। इस स्टेडियम का निर्माण करवाने वाले जिम्मेदार आस-पास दिखाई नहीं देते। युवाओं का कहना है कि खेल स्टेडियम का निर्माण से ज्यादा जरूरी उनमें सुविधाएं मुहैया करवाना है। क्षेत्र में दर्जनों की संख्या में व्यायामशालाएं सरकार ने बनाई है लेकिन सभी बदहाली के दौर से गुजर रही है। सरकार खेल स्टेडियम को बनाकर सिर्फ औपचारिकताएं निभा रही है। सरकार की मंशा खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की नहीं है। दो साल से स्टेडियम में एक नई ईंट तक नहीं लगी है। जिससे युवाओं में शासन व प्रशासन के प्रति रोष है।
शहर के खिलाडियों को बेहतर खेल सुविधा देने के उद्देश्य से लगभग ढाई वर्ष पहले प्रदेश सरकार व खेल विभाग ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने का ऐलान किया था। बीती 28 अक्तूबर 2017 को प्रदेश खेल मंत्रालय के स्पोट्र्स एडवाईजर ने खेल मैदान का जायजा भी लिया था। उस समय दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित मिनी स्टेडियम में बास्केट बाल कोर्ट, वालीबाल कोर्ट, फ़ुटबाल ग्राउंड, दो सौ मीटर रेसिंग ट्रैक के अलावा मल्टी परपज हाल बनाया जाना था। करीब दो वर्षो के अंतराल में मिनी स्टेडियम की चार दीवारी, दर्शक दीर्घा और बास्केट बाल के लिए एक कोर्ट का निर्माण हुआ। जबकि मल्टी परपज हाल, वालीबाल कोर्ट, फ़ुटबाल ग्राउंड व रेसिंग ट्रैक का निर्माण शुरू भी नहीं किया गया। शहर के एकमात्र खेल मैदान में अधूरे पड़े निर्माण के कारण यहाँ पहुंचनें वाले खिलाड़ी मायूस होकर लौटते है।


खेल मैदान के हालात देखने योग्य नहीं
मैदान में खेलने आए खिलाड़ी प्रियांशु का कहना है कि स्टेडियम में खिलाडिय़ों के लिए कोई सुविधा नहीं है। पीने के पानी के लिए खिलाडिय़ों को बाहर दुकानों पर जाना पड़ता है। नगरपालिका ने शौचालय बना रखे है लेकिन उनके ऊपर ताले लटके है। राज्य स्तर पर क्रिकेट खेल रहे खिलाडी प्रथम ने कहा कि शहर में इस मैदान के अलावा कहीं पर भी युवाओं के लिए खेलने के लिए स्थान नहीं है। लेकिन इस खेल मैदान के हालात भी खेलने लायक नहीं है। रेसिंग ट्रैक बनाया नहीं गया और फ़ुटबाल के गोल पोस्ट भी टूटे हुए है। योगेश व अंकित ने बताया कि उनके बहुत से साथी खेलो में रूचि रखते है लेकिन खेल सुविधाएं नहीं होने कारण उनका ध्यान खेलों से हट रहा है।
वर्जन-
यहाँ प्रस्तावित आडिटोरियम की वजह से कार्य रुका है। आडिटोरियम के लिए शहर में अन्य जगह तलाशी जा रही है ताकि मिनी स्टेडियम की जगह सिर्फ खेल मैदानों में प्रयोग की जा सके। उपयुक्त स्थान उपलब्ध होने पर आडिटोरियम का निर्माण किया जायेगा। विधायक ने कहा कि स्टेडियम में शौचालय बनाये गए है उन्हें खोलने के लिए नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगें।
-हरविंद्र कल्याण, विधायक घरौंडा

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