Take a fresh look at your lifestyle.
corona

“मजबूरियों का रोना” दिल्ली के चुनाव परिणाम ने हरियाणा में भाजपा के लिए खतरे की घंटी

“मजबूरियों का रोना”
दिल्ली के चुनाव परिणाम ने हरियाणा में भाजपा के लिए खतरे की घंटी
–राजकुमार अग्रवाल
नई दिल्ली। क्या यह– सही है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम ने भाजपा को बड़ा झटका देने का काम किया है?तमाम कोशिशों के बावजूद दिल्ली चुनाव में भाजपा अपनी साख बचाने में नाकाम रही?
और दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम ने भाजपा को गहरे सकते में डाल दिया है। दिल्ली में तख्तापलट करने की सोच रही भाजपा दहाई के अंक में भी नहीं पहुंच पाई। अरविंद केजरीवाल की “परफॉर्मेंस” डिलीवरी के आगे भाजपा पीएम मोदी के बड़े कद को “कैश” नहीं कर पाई। दिल्ली विधानसभा चुनाव ने हरियाणा की सियासत के लिए भी बदलाव की तस्वीर का संकेत कर दिया है।

भाजपा पर पड़ा सबसे अधिक असर
दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम ने सबसे अधिक भाजपा पर असर डाला है।दिल्ली के चुनाव परिणाम का हरियाणा की सियासत पर असर पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता। लगातार दो बार से प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा के लिए अगली बार सत्ता की हैट्रिक लगाना हरगिज़ आसान नहीं होगा।
दूसरी बार भी भाजपा जोड़-तोड़ करके सरकार बनाने में सफल हुई है। ऐसे में तीसरी बार सरकार बनाने के लिए उसे जनता की कसौटी पर खरा उतरना होगा। जनता में सत्ता विरोधी माहौल का सबसे अधिक नुकसान भाजपा को झेलना होगा। इसलिए उसे समय रहते दिल्ली के चुनाव के संदेश को समझकर अभी से अपने वर्किंग स्टाइल में बदलाव करना होगा।

देनी होगी डिलीवरी और भागीदारी
भाजपा को हरियाणा में सत्ता के सिंहासन पर काबिज रहने के लिए अपने जन हितैषी फैसलों की आम जनता तक बेहतर तरीके से डिलीवरी करनी होगी। मनोहर लाल खट्टर ने पिछली बार भी कई बड़े जन हितैषी फैसले लिए थे लेकिन उन फैसलों को सही तरीके से लागू करने में सरकार नाकाम रही।अफसरशाही ने सरकार की योजनाओं को परफेक्ट तरीके से लागू नहीं किया जिसके चलते बेहतरीन फैसलों के बावजूद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की छवि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की तरह नहीं बन पाई।

 

 

भाजपा को सबसे बड़ा खामियाजा नुकसान इस बात का हो रहा है कि उसके कैडर के नेता और वर्कर खुद की सरकार की बड़ाई भी नहीं कर रहे हैं। सरकार में भागीदारी नहीं मिलने के चलते भाजपा के नेता जनता के आगे “मजबूरियों का रोना” रोते हैं जिसके चलते जनता में सरकार की छवि लगातार नेगेटिव चल रही है। इस छवि को बदलने के लिए भाजपा को अधिक से अधिक नेताओं को सत्ता में भागीदारी देनी होगी।

 

दिल्ली के चुनाव परिणाम ने हरियाणा में भाजपा के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। दिल्ली के चुनाव ने यह साबित कर दिया है कि वर्किंग परफॉर्मेंस करने वाले नेताओं को ही जनता पसंद करती है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की तरह ईमानदारी की पॉलिटिक्स करने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनके कामकाज को अफसरशाही की ढिलाई ने सफलता के अंजाम पर नहीं पहुंचने दिया है। इसलिए मनोहर लाल खट्टर की छवि अरविंद केजरीवाल की तरह निखर कर सामने नहीं आ पाई है।

 

दो बार लगातार सत्ता में होने के कारण अगली बार भाजपा के लिए हरियाणा में सत्ता का सरताज बनना बेह।द कठिन होगा इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जहां मनोहर सरकार को अपने जन हितेषी फैसलों की परफेक्ट डिलीवरी का इंतजाम करना होगा वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी को अपने नेताओं को सरकार में अधिक से अधिक अडजैस्ट करना होगा।नेताओं की भागीदारी के बाद ही जनता के कामकाज को कराने में इफेक्टिव प्रयास देखने को मिलेंगे।

 

बीजेपी नेताओं की सत्ता में भागीदारी के बगैर अच्छे फैसलों का भी जनता में बेहतर प्रचार नहीं हो पा रहा है। अगर बीजेपी हरियाणा में बेहतर भविष्य की ख्वाइश रखती हैं तो उसे बड़े जन हितैषी फैसलों के अलावा अपने कैडर को भी सत्ता में हिस्सेदारी देने का फैसला जल्द से जल्द करना होगा। अगर ऐसा किया गया तो उसके सत्ता में बने रहने की गुंजाइश भी बनी रहेगी और सत्ता में भागीदारी के फार्मूले को अनदेखा किया गया तो उसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

जेजेपी पर कोरोना का प्रभाव  नहीं चल रहा सब कुछ ठीक, , पार्टी नेताओं में नहीं एकजुटता     |     एक दवा लेने और दूसरा जा रहा था पूजा करने,,,,और फिर ,,,,     |     हरियाणा  में 22 पॉजिटिव मिले  , 12521 लोग विदेश से लौटे हैं     |     हरियाणा ने पंजाब-दिल्ली-राजस्थान और यूपी की सीमाएं सील     |     hariyana-कोरोना लड़ाई में सेफ जोन में नजर आने लगा हरियाणा     |     कैथल जिला में कोरोना वायरस का कोई भी मामला नही-हरदीप दून     |     पलायन कर रहे मजदूरों को बाबैन के सरकारी स्कूल में रोके स्थानीय प्रशासन : एडीजीपी अलोक राय     |     संकट की घड़ी मे भूखे को भोजन खिलाना सबसे बड़ा पुण्य : अशोक सिंघल     |     कानून की अवहेलना करने वालों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाही : रमेश चन्द     |     दौलत राम एंड संस रोजाना कर रहा भोजन की 800 पैकिंग     |    

error: Don\'t Copy
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9802153000