हरियाणा में भ्र्ष्टाचार मनोहर के लाडले मंत्री ने किया था उद्घाटन , 6 माह बाद ही 14 करोड़ का फ्लाईओवर हुआ धड़ाम !

उद्घाटन के 6 माह बाद ही 14 करोड़ का फ्लाईओवर हुआ धड़ाम !

बीते वर्ष 6 सितंबर को सीएम के लाडले मंत्री नरबीर ने किया उद्घाटन. रेलवे फाटक संख्या 48 पर पीडब्ल्यूडी और रेलवे के सांझा फ्लाईओवर. इलाके में हुई बेमौसमी बरसात ने खोली सरकारी गोल-माल की पोल. निर्माण के समय से ही घटिया सामग्री इस्तेमाल का लगता रहा आरोप

=अटल हिन्द ब्यूरो =
पटौदी। कहावत है कि जल्दी का काम-शैतान का काम और ऐसा  कोई भी काम किसी भी हादसे का कभी भी कारण बनकर आमजन के लिए खतरा और सरकार के लिए किरकिरी का कारण बनता है। आखिर ऐसा  क्या हुआ और क्यों हुआ कि रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम के बीच प्रस्तावित फोर लेन सडक़ मार्ग पर रेवाड़ी-पटौदी के बीच गांव पहाड़ी के रेलवे फाटक पर बना फ्लाईओवर 6 माह भी वाहनों का बोझ सहन नहीं कर सका और शनिवार को सुबह करीब 11 बजे यह फ्लाईओवर रेलवे ट्रैक के कुछ ही दूरी पर धराशायी हो गया। हैरानी यह है कि फ्लाईओवर के ऊपर सडक़ इतने दायरे में गायब हो गई कि ट्रक -बस जैसा वाहन भी सीधा नीचे ही आ गिरता। सौभाग्य यही रहा कि किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन देने वाली बीजेपी सरकार पर लोगों ने सवाल उठाने में काई कसर नही छोड़ी।

पहले गुरुग्राम, बसई और अब पटौदी के पहाड़ी में बने फ्लाईओवर एक के बाद गिरने या टूटने से विपक्ष को भी मुद्दा मिलता आ रहा है, बीजेपी सरकार सहित सरकार के मंत्रियों तथा एमएलए को घेरने के लिए। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार की पोल खुलने लगी है। पहाड़ी गांव के रेलवे फाटक संख्या 48 पर पीडब्ल्यूडी और रेलवे के सांझा फ्लाईओवर का उद्घाटन सीएम खट्टर के लाडले पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर के द्वारा बीते वर्ष 6 सितंबर को आनन-फानन में किया गया और इसी फ्लाईओवर को पार वह रेवाड़ी में गए थे। प्रदेश के विकास की हवाई जहाज की रफ्तार से तुलना करने वाले मंत्री जी का महकमा कितना कारगर था इसका नमूना बनकर पहाड़ी का फ्लाईओवर सामने है। रेलवे लाइन के पास में ही फ्लाईओवर करीब 6 माहिने पहले ही बन कर तैयार हुआ था। जो कि बेमौसमी बरसात से धरासायी हो गया। जैसे ही फ्लाईओवर के भरभरा कर गिरने की जानकारी प्रशासन को मिली तो आनन-फानन में फ्लाईओवर को दोनों जरफ से बंद कर, रूट डायवर्ट कर दिया गया है । लेकिन प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग की पोल हल्की सी बरसात ने ही खोल कर रख दी है।

पहाड़ी के सरपंच प्रदीप के मुताबिक फ्लाईओवर निर्माण के समय से ही यहां बरती गई लापरवाही और मनमानी पर बार-बार आवाज बुलंद की, शासन-प्रशासन को बताया गया, उसी दौरान ही एक मजदूर की जान भी चली गई थी, लेकिन कोई ध्यान ही नहीं दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पटौदी पंचायत समिति के चेयरमैन राकेश यादव, पूर्व चेयरमैन एवं जिला पार्षद दीपचंद, गांव के पूर्व सरपंच नरेंद्र पहाड़ी, पूर्व सरपंच लाला राम सहित अनेक ग्रामींण मौके पर पहुंचे और यह जानने का प्रयास किया कि फ्लाईओवर के नीचे कोई व्यक्ति मलबे में तो नहीं दब गया है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी पटौदी के एसडीओ, पटौदी थाना एसएचओ सुरेश कुमार, सहित पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे और धराशायी फ्लाईओवर का अपनी आखों से नजारा भी देखा। ग्रामींणों ने निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगाये हैं। लेकिन जिस तरह से यह हादसा हुआ है उससे साफ लगता है कि जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली सरकार के कामकाज कितने भ्रष्टाचार युक्त हो रहे हैं।

और भी गंभीर हो सकता था हादसा

यहां मौके पर पहुंचे ग्रामींणों की मानें तो फ्लाईओवर पर हादसा और भी भयंकर हो सकता था, यदि यह फ्लाईओवर रेलवे ट्रैक के पास में रात के समय गिरा होता तो। क्यों कि फ्लाईओवर के बनने और आरंभ होने के बाद से यहां रात को लाईंटें ही नहीं जलती हैं। दूसरे रात के समय वाहन चालकों को कैसे मालूम होता कि फ्लाईओवर के बीचों बीच में सडक़ गायब हो चुकी है। एेसे में यह सोचकर ही रूह कांप जाती है कि रात को सडक़ गायब होने पर न जाने कितने बेकसूर लोग हादसे का शिकार होते ही रहते।

ठेकेदार का लाइसेंस होगा ब्लेक लिस्ट

पहाड़ी गांव में रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर के धराशायी होने के बारे में पटौदी के विधायक सत्य प्रकाश जरावता ने कहा है कि, इस मामले में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। वह स्वयं मौके पर पहुंचे और रेवाड़ी-पटौदी आवागमन के लिए सडक़ रूट को डायवर्ट करवाया गया। फ्लाईओवर मामले की जांच के आदेश दे दिये गए हैं, विभाग के एसई को कमेटी के द्वारा जांच कराने के लिए कहा गया है। जांंच में जो भी दोषी सामने आएगा उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। जरावता ने कहा कि सरकार के साथ-साथ विभाग के मंत्री के पास में फ्लाईओवर बनाने वाले ठेकेदार के लाइसेंस को ब्लेक लिस्ट सिफारिस भेज दी गई है।

फ्लाईओवर के भविष्य पर सवाल

रेेवाड़ी-पटौदी के बीच रेल लाइन के ऊपर बने फ्लाईओवर के भविष्य सहित इसकी मजबूती और आवागमन के लिए सुरक्षित होने पर बड़ी सवाल खड़ा हो गया है। क्यों कि जिस प्रकार से फ्लाईओवर के ऊपर बीच में सडक़ धंसी तथा नीचे मिट्टी बैठी है, उससे साफ हो जाता है कि फ्लाईओवर निर्माण में तय मानको की अनदेखी करके मनमानी ही बरती गई है। शहरी क्षेत्रों में फ्लाईओवर के बीच में लोहें के सरिये का सडक़ बनाने के नीचे जाल के रूप में प्रयोग देखा गया है, लेकिन यहां पहाड़ी के फ्लाईओवर पर एेसा कुछ भी दिखाई नहीं दिया। ग्रामींणों के मुताबिक लोहे कि पत्तियां भी आपस में नट-बोल्ट से न कसकर, इन्हे बैल्ड करके लगाया गया है। इससे महत्वपूर्ण और खतरनाक तथ्य यह है कि भारी भरकम आने-जाने वाली गुड्स ट्रेनों के कंपन को अब और अधिक यह फ्लाईओवर सहन कर सकेगा, इसका कोई भी दावा नहीं किया जा सकता है।

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