मोहाली में 'AAP की सेहत का Reality Check' अभियान के तहत पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने गांव सनेटा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार के स्वास्थ्य मॉडल की पोल खोली और कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले स्वास्थ्य क्रांति के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।
बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि सनेटा में 25 बिस्तरों वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की आधारशिला 20 जून 2021 को सांसद मनीष तिवारी की मौजूदगी में रखी गई थी।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान इस परियोजना के लिए गांव की पंचायत ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर 3.11 एकड़ जमीन दान दी थी और 12.50 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर कर 3 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए थे। लेकिन सरकार बदलने के बाद आप सरकार ने इस परियोजना को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया।
सिद्धू ने कहा कि मोहाली को अलग स्वास्थ्य ब्लॉक बनाने का उद्देश्य लगभग 79 गांवों के लोगों को घर के पास आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं देना था, लेकिन चार साल बाद भी अस्पताल अधूरा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साइट पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर ट्रेनिंग सेंटर शुरू कर दिया गया है और मूल स्वास्थ्य परियोजना को नजरअंदाज कर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज के दावे के बावजूद मरीजों से रूटीन टेस्ट के 300 से 500 रुपये लिए जा रहे हैं।
बलबीर सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार द्वारा लगाया गया आधारशिला का पत्थर हटाकर वर्तमान सरकार के नेताओं के नाम की नई पट्टिका लगा दी गई है।
उन्होंने कहा कि आप सरकार पिछली कांग्रेस सरकार की परियोजनाओं का श्रेय लेने और इतिहास मिटाने के लिए ऐसा कर रही है। अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और जनहित के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी और अधूरे पड़े हर प्रोजेक्ट के लिए जवाबदेही तय करेगी।