अभय चौटाला का तोशाम दौरा, जजपा पर धोखा और कांग्रेस पर छल का लगाया गंभीर आरोप

अभय चौटाला का तोशाम दौरा, जजपा पर धोखा और कांग्रेस पर छल का लगाया गंभीर आरोप

2019 में जजपा ने जनता को दिया धोखा, 2024 में कांग्रेस ने किया छल : अभय चौटाला

27 सितंबर की नूंह रैली को लेकर अभय चौटाला जनसंपर्क अभियान के तहत पहुंचे तोशाम

अभय चौटाला का जजपा पर 2019 में धोखा देने और कांग्रेस पर 2024 में छल करने का आरोप, हुड्डा को सार्वजनिक मंच पर बहस की चुनौती

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विष्णु दत्त शास्त्री /तोशाम /29 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला ने नूंह में 27 सितंबर को प्रस्तावित सम्मान दिवस रैली को लेकर अपना जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है, जिसको लेकर अभय सिंह चौटाला शनिवार को तोशाम पहुंचे। जहां उन्होंने उपस्थित सैकड़ो लोगों के जनसमूह को संबोधित किया।

उल्लेखनीय है कि रैली को ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से अभय चौटाला लगातार प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर कार्यकर्ताओं और जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। अब तक वे करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों में दस्तक दे चुके हैं। शनिवार को उन्होंने तोशाम विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलनों को संबोधित किया और पार्टी कार्यकर्ताओं से नूंह रैली के लिए पूरी ताकत झोंकने का आह्वान किया।

इस दौरान इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा, सुनील लाम्बा, अशोक ढाणीमाहू, किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अजीत बडेसरा, युवा जिलाध्यक्ष संदीप घणघस, रितिक सांगवान सहित अनेक कार्यकत्र्ता मौजूद थे।

चौ. अभय चौटाला ने अपने संबोधन में प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भाजपा, कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता 2019 और 2024 के विधानसभा चुनावों के अनुभव को भूली नहीं है। उनके अनुसार, 2019 में जेजेपी ने जनता के साथ विश्वासघात किया, जबकि 2024 में कांग्रेस ने जनता के साथ छल किया।

उन्होंने दावा किया कि जनता अब दोनों दलों के राजनीतिक रवैये को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी। अभय चौटाला ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से दो करोड़ रोजगार देने, विदेशों से काला धन वापस लाने और लोगों के खातों में 15-15 लाख रुपये जमा करवाने जैसे वादे किए थे, लेकिन उनके अनुसार इनमें से कोई भी प्रमुख वादा पूरा नहीं हुआ।

अभय ने कहा कि इन वादों और नारों के आधार पर भाजपा ने 2014 में केंद्र के साथ-साथ हरियाणा में भी राजनीतिक जमीन मजबूत की और सत्ता हासिल की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारों ने इसके बाद जाति और धर्म के नाम पर राजनीति को बढ़ावा दिया। अभय चौटाला ने कहा कि जनता के वास्तविक मुद्दों, किसान, मजदूर, बेरोजगार और कर्मचारी वर्ग की समस्याओं के बजाय भावनात्मक मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में रखा गया।

उन्होंने कहा कि इनेलो की राजनीति हमेशा किसान, कमेरा वर्ग और आम आदमी के हितों के लिए संघर्ष करने की रही है। अभय चौटाला ने वर्ष 2016 के जाट आरक्षण आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय जाट समाज के युवा अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे और आंदोलन के दौरान प्रदेश में गंभीर परिस्थितियां पैदा हुईं। अभय ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान 32 नौजवानों की जान चली गई।

उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश की जनता में भाजपा सरकार के प्रति भारी रोष था और लोग भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुके थे। अभय चौटाला ने कहा कि भाजपा को यमुना पार भेजने का नारा देने वाले लोग बाद में भाजपा के साथ खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि यही राजनीतिक परिस्थितियां आगे चलकर जेजेपी के लिए भारी पड़ीं और 2024 के विधानसभा चुनाव में जनता ने उसे पूरी तरह नकार दिया।

हुड्डा पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप...

अभय चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा से छुटकारा चाहती थी, लेकिन उनके अनुसार भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा की टीम के रूप में काम किया और कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने के बजाय भाजपा को फायदा पहुंचाया। अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि हुड्डा ने राजनीतिक दबाव और जांच एजेंसियों के डर के कारण भाजपा के साथ समझौते की राजनीति की।

उन्होंने कथित छापों, ईडी की कार्रवाई और अमित शाह से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं के बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं। अभय के अनुसार, उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा और हुड्डा के बीच राजनीतिक तालमेल के तौर पर देखा। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा की ओर से सिटिंग विधायकों को टिकट दिए जाने की बात कही गई थी और इसके बाद टिकटों को लेकर कांग्रेस के भीतर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हुईं। अभय चौटाला ने कहा कि हुड्डा ने राहुल गांधी से टिकटों की घोषणा करवाई और अगले ही दिन पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ओर से सरकार बनाने संबंधी बयान सामने आया।

अभय ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं से साफ होता है कि हुड्डा ने भाजपा के इशारे पर राजनीति की। अभय चौटाला ने इस वर्ष मार्च में राज्यसभा सीट को लेकर हुए चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के क्रॉस वोट और रद्द हुए वोटों के कारण चुनाव का समीकरण प्रभावित हुआ। अभय ने कहा कि कर्मवीर बौद्ध की किस्मत अच्छी थी कि वे एक वोट के अंतर से चुनाव जीत गए। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा के एक विधायक का वोट रद्द नहीं होता तो चुनाव का परिणाम अलग हो सकता था। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे सार्वजनिक मंच पर आकर इस पूरे विषय पर उनसे बहस करें।

अभय ने कहा कि यदि उन्हें मौका मिला तो वे जनता के सामने पूरे मामले की तस्वीर साफ कर देंगे। अभय चौटाला ने अपने पिता और इनेलो के पूर्व मुख्यमंत्री चौ. ओमप्रकाश चौटाला का जिक्र करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके पिता को एक साजिश के तहत जेल भेजा गया। अभय चौटाला ने कहा कि वे और उनका परिवार उस दौर में जेल की सजा भुगत चुका है, लेकिन राजनीतिक संघर्ष से पीछे नहीं हटा।

उन्होंने कहा कि अदालत की ओर से आए फैसलों को लेकर भी अब कई सवाल खड़े हुए हैं और उनका दावा है कि नौकरियों के मामले में उनके पिता पर लगाए गए आरोपों को लेकर वास्तविकता अलग थी। अभय ने तीखे अंदाज में कहा कि इनेलो ने जेल भी काट ली और संघर्ष भी किया, जबकि हुड्डा को पूरी जिंदगी जेल में काटनी पड़ेगी।  कार्यकर्ता सम्मेलनों में अभय चौटाला ने इनेलो कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि 27 सितंबर की नूंह रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि पार्टी के लिए शक्ति प्रदर्शन का अवसर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

अभय चौटाला ने अपने पिता चौ. ओमप्रकाश चौटाला को याद करते हुए कहा कि चौटाला साहब हमेशा कार्यकर्ताओं से कहते थे—"मेहनत करते जाओ, आखिर सरकार जरूर बनेगी।" उन्होंने कहा कि यही संदेश आज भी इनेलो के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने और नूंह की प्रस्तावित सम्मान दिवस रैली को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।

अभय ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं और ऐसे समय में कार्यकर्ताओं की मेहनत ही पार्टी को नई ताकत दे सकती है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब राजनीतिक विकल्प की तलाश में है और इनेलो इसी विकल्प के रूप में जनता के बीच अपनी भूमिका मजबूत करेगी।

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