तोशाम के गांव आलमपुर में एआईकेकेएमएस की जनसभा, भारत-अमरीका ट्रेड डील का विरोध

तोशाम के गांव आलमपुर में एआईकेकेएमएस की जनसभा, भारत-अमरीका ट्रेड डील का विरोध

तोशाम में जनजीवन के ज्वलंत मुद्दों को लेकर किसान संगठन ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की ओर से गांव आलमपुर स्थित बैकवर्ड धर्मशाला में एक जनसभा का आयोजन किया गया। इस जनसभा की अध्यक्षता प्रताप सिंह धारणीया ने की और इस दौरान मंच संचालन संगठन के राज्य सहसचिव बस्ती राम ने किया। इस सभा में काफी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और अपनी मांगों को लेकर विचार-विमर्श किया।

भारत-अमरीका ट्रेड डील को बताया किसानों की तबाही का फरमान

सभा के दौरान एआईकेकेएमएस के राज्य उप-प्रधान हंसराज राणा ने भारत-अमरीका ट्रेड डील को किसानों की तबाही का फरमान करार दिया। उन्होंने इस डील के विरोध में एक जोरदार आंदोलन गठित करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि इस समझौते से भारत के किसान का कृषि क्षेत्र पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा और कृषि व सभी खाद्य पदार्थों पर कारपोरेट कंपनियों का कब्जा हो जाएगा, जिससे किसान-मजदूरों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी।

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

26 अक्टूबर को रोहतक में राज्य स्तरीय महापंचायत का निमंत्रण

संगठन के नेताओं ने बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी रोकने, मनरेगा स्कीम बहाल करने तथा किसानों को उनकी फसल लागत का डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य देने की मांग की। उन्होंने किसान-मजदूरों को कर्ज मुक्त करने, किसान विरोधी अमेरिका-भारत डील रद्द करने और बिजली का निजीकरण व स्मार्ट मीटर लगाना बंद करने की मांग उठाई। इसके अलावा पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, सीएनजी, खाद और बीज के बढ़ाए गए रेट वापस लेने की मांग के लिए आगामी 26 अक्टूबर को नांदल भवन, बोहर, रोहतक में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय किसान, मजदूर, छात्र, युवा महिला महापंचायत में चलने का निमंत्रण दिया गया।

सरकार की नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल

जिला प्रधान रोहतास सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार किसान-मजदूर विरोधी नीतियां लाकर पूंजीपतियों और बड़ी कंपनियों को मालामाल कर रही है। किसानों की आर्थिक हालत बद से बदतर होती जा रही है और किसान कर्ज के जाल में फंसकर आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और खेती में काम आने वाले उर्वरकों, खादों, बीजों, कीटनाशकों तथा खेती के औजारों के दाम आसमान छू रहे हैं। सिंचाई के लिए नहरों में पर्याप्त पानी नहीं है और पीने के पानी की भी भारी किल्लत बनी हुई है।

महंगाई और निजीकरण के खिलाफ आंदोलन की जरूरत

वक्ताओं ने कहा कि महंगाई के कारण गरीबों का जीना मुश्किल हो गया है और चीनी, प्याज सहित सभी जरूरी चीजें, शिक्षा व इलाज महंगे हो गए हैं। सरकार सभी सरकारी महकमों का निजीकरण कर रही है और मनरेगा स्कीम को संकुचित कर दिया है जिससे मजदूरों को पूरे साल काम नहीं मिलता है। सभा में प्रताप सिंह नेहरा, फूलचंद दुल्हेड़ी, विनोद नंबरदार, राजकुमार, दलबीर, रमेश कुमार, रणवीर सिंह, ओम प्रकाश, मनोज कुमार, कृष्ण कुमार, कुलदीप, राजवीर और प्रवीण सहित कई लोग मौजूद रहे।

Share:

Comments

Leave a comment