अलवर के निशु हॉस्पिटल में अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा डिलीवरी कराने पर सख्त एक्शन, अस्पताल सील और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

Team Atal Hind7 August 20262 min read23 viewsराजस्थान
अलवर के निशु हॉस्पिटल में अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा डिलीवरी कराने पर सख्त एक्शन, अस्पताल सील और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

जयपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ मृत्यु के कारणों एवं संबंधित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने के मामले में सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। इस समीक्षा बैठक में प्रबंध निदेशक आरएमएससीएल पुखराज सैन, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, कार्यवाहक निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. नरोत्तम शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर, निदेशक एड्स डॉ. सुशील परमार सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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अनाधिकृत डिलीवरी से प्रसूता की मौत पर बड़ी कार्रवाई

अलवर के नंगला रायसिस स्थित निजी 'निशु हॉस्पिटल' में अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा प्रसूता की डिलीवरी कराने के मामले में सख्त एक्शन लिया गया है। गत 4 अगस्त को चिकित्सक की अनुपस्थिति में नर्सिंग कार्मिक द्वारा अनाधिकृत रूप से डिलीवरी करवाने के बाद प्रसूता अंजुम (पिंकी) पत्नी साहिल खान की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में निजी निशु हॉस्पिटल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। क्लीनिकल एस्टेबिलिशमेंट एक्ट के प्रावधानों के अनुसार अनियमितता पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करते हुए समस्त गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गयी है। अस्पताल संचालक डॉ. भुवनेश कुमार शर्मा के खिलाफ मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया तथा नर्सिंगकर्मी रफ़ीकन बानो के खिलाफ कार्रवाई के लिए नर्सिंग काउंसिल को पत्र लिख दिया गया है।

गर्भवती महिलाओं के आंकड़ों और बायोमेडिकल उपकरणों की मॉनिटरिंग

प्रमुख शासन सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड स्तर पर जांची जाने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के सही एवं अपडेट आंकड़े तैयार कर समयबद्ध रूप से अपलोड किए जाएं। उन्होंने अजमेर संभाग में एचआरपी मामलों से संबंधित कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संभागीय संयुक्त निदेशक को नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, चिकित्सालयों में उपलब्ध सरप्लस, अनुपयोगी अथवा मरम्मत योग्य बायोमेडिकल उपकरणों की जानकारी ई-उपकरण सॉफ्टवेयर पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए ताकि उपलब्ध उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

चिकित्सा भवनों की मरम्मत और सुरक्षा के निर्देश

गायत्री राठौड़ ने स्वास्थ्य विभाग के मरम्मत योग्य भवनों एवं भवन परिसरों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला कलेक्टर के सहयोग से ऐसे भवनों एवं परिसरों की पहचान की जाए, जहां आवश्यक मरम्मत एवं सुधारात्मक कार्यवाही की जरूरत है। उन्होंने विशेष रूप से अनुपयोगी एवं दुर्घटना संभावित भवनों/स्थलों पर आमजन का प्रवेश रोकने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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