हल्द्वानी के शुद्धिकरण मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए बदले की राजनीति हो रही है, गिरफ्तारी आदेश पर बोले अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग यानी NCSC द्वारा पंजाब के अधिकारियों को पांच दिनों के भीतर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह पूरा मामला करीब दस महीने पुराना है। यह कार्रवाई पूरी तरह से बदले की राजनीति का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के हल्द्वानी में आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शुद्धिकरण के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाना है। यह शुद्धिकरण कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा वहां एक रैली को संबोधित किए जाने के बाद किया गया था।
एनसीएससी के आदेश और दस महीने पुराने मामले पर वड़िंग की सफाई
NCSC द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि उन्होंने अभी तक आयोग के आदेश नहीं देखे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मामला लगभग दस महीने पुराना है। राजा वड़िंग ने स्पष्ट किया कि स्वर्गीय बूटा सिंह का परिवार उनके अपने परिवार जैसा है। उन्होंने इस मामले पर उसी समय माफी भी मांग ली थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वर्गीय बूटा सिंह के बारे में कुछ भी अपमानजनक नहीं कहा था। उन्होंने केवल एक विशेष संदर्भ में उनके नाम का उल्लेख किया था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस घटना के बाद वह अलग-अलग मामलों को लेकर NCSC के चेयरमैन से दो बार मिल चुके हैं।
भाजपा पर सार्वजनिक दबाव और हल्द्वानी शुद्धिकरण का विवाद
राजा वड़िंग ने कहा कि आज जारी किए गए यह निर्देश स्पष्ट रूप से उस जनਤक दबाव का परिणाम हैं। इस समय भाजपा भारी सार्वजनिक दबाव का सामना कर रही है। यह दबाव उस घटना के बाद बढ़ा है जब उत्तराखंड के हल्द्वानी में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने रैली स्थल का शुद्धिकरण किया था। यह शुद्धिकरण केवल इसलिए किया गया क्योंकि वहां एक दलित नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक रैली को संबोधित किया था। वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस गंभीर मामले को संसद के भीतर भी उठाया था। इसके बाद राहुल गांधी ने शुद्धिकरण करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
कांग्रेस पार्टी कानूनी लड़ाई लड़ने और पीछे न हटने के लिए पूरी तरह तैयार
कानून के अनुसार शुद्धिकरण करने का यह कृत्य अस्पृश्यता और एक गैर-कानूनी कार्रवाई है। इसके बावजूद दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके विपरीत उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने राहुल गांधी के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी। राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब के अधिकारियों को उनकी गिरफ्तारी के निर्देश देना इसी कड़ी का एक हिस्सा है। इसका एकमात्र उद्देश्य जनता का ध्यान असल और जरूरी मुद्दों से भटकाना है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने भी उनके खिलाफ ऐसा ही आदेश जारी किया था जिस पर अदालत ने रोक लगा दी थी। PCC अध्यक्ष ने अंत में स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ऐसी चालों से बिल्कुल डरने वाली नहीं है। भाजपा को इस बात का जवाब देना होगा कि एक दलित नेता के रैली को संबोधित करने मात्र से किसी स्थान का शुद्धिकरण क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन लोगों को कानून के कटघरे में लाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।