क्या ईडी और पंजाब पुलिस के बीच चल रहा है फिक्स्ड मैच, राजा वड़िंग ने उठाए सवाल

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई करने में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की देरी और उसके रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या ईडी पंजाब पुलिस के साथ कोई फिक्स्ड मैच खेल रही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं है, तो ईडी उन आरोपियों को सीधे समन जारी कर पूछताछ क्यों नहीं कर रही, जिनके खिलाफ वह एफआईआर दर्ज करवाना चाहती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पहले ईडी कांग्रेस नेताओं को समन भेजती रही है और कई मामलों में लोगों को पहली ही पूछताछ या समन के बाद गिरफ्तार भी किया गया। इसी तरह ईडी आईएएस अधिकारियों को भी समन भेजकर पूछताछ करती रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि फिर पंजाब में सत्ता के करीब माने जाने वाले लोगों के मामले में ईडी इतना नरम रवैया क्यों अपना रही है।
वड़िंग ने पूछा कि क्या यह सब केवल जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच एक मौन समझौता है, जिसके तहत आप गुजरात और गोवा में भाजपा विरोधी वोटों को बांटकर भाजपा की मदद करती है और इसके बदले में भाजपा पंजाब में आप की मदद करती है।
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब का हर व्यक्ति जानता है कि आप सरकार कितनी भ्रष्ट रही है और भ्रष्टाचार ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसके बावजूद ईडी पंजाब पुलिस से पहले केस दर्ज करने की इंतजार कर रही है और उसके बाद कार्रवाई करने की बात कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि आप किस को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं और पंजाब पुलिस के डायरेक्टर जनरल अपने ही आकाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार की एफआईआर दर्ज करने के आदेश कैसे दे सकते हैं।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि ईडी इस मामले के तथ्य सार्वजनिक करने के लिए कोई बयान क्यों नहीं जारी कर रही और सिर्फ पंजाब के डीजीपी को चिट्ठियां ही क्यों भेज रही है। उन्होंने पूछा कि क्या ईडी सचमुच भ्रष्टाचार को बेनकाब करना चाहती है या फिर मामले पर पर्दा डालने में मदद कर रही है।
वड़िंग ने यह भी हैरानी जताई कि आप सरकार इस पूरे मामले पर पूरी तरह चुप क्यों है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा न होता तो आप सड़कों पर उतरकर बदले की राजनीति का रोला पाती, जो इस मामले में उसने नहीं किया। उन्होंने सवाल किया कि ईडी को पंजाब के डीजीपी को और कितनी चिट्ठियां लिखने की जरूरत है, जबकि वह अच्छी तरह जानती है कि पंजाब पुलिस का डीजीपी उसी सरकार में मौजूद लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने से इनकार करेगा, जिस सरकार के अधीन वह काम कर रहा है।