अम्बाला के बराड़ा में मृत पशुओं की दुर्गंध से बेहाल हुए लोग, घरों में रहना हुआ दूभर

अम्बाला के बराड़ा में मृत पशुओं की दुर्गंध से बेहाल हुए लोग, घरों में रहना हुआ दूभर

अम्बाला के बराड़ा शहर के वार्ड 9 के निवासी मृत पशुओं की दुर्गंध के कारण पूरी तरह बेहाल हैं। हालात यह हैं कि लोगों का अपने घरों में रहना दूभर हो गया है और ना तो वह खाना खा सकते हैं, ना सांस ले सकते हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष भी पाया जा रहा है।

  • बराड़ा-कुलपुर रोड पर बनी हड्डा रोडी की जगह पर गिराए जाते हैं मृत पशु।
  • दुर्गंध के कारण रिश्तेदारों ने घरों में आना बंद किया, आएं तो टिक नहीं पाते।
  • गौशाला से भारी मात्रा में मृत पशु आने से समस्या काफी बढ़ गई है।
  • खूंखार कुत्तों के मंडराने और बच्चों के बीमार होने से लोग सहमे हुए हैं।

हड्डा रोडी की जगह और लोगों की समस्याएं

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बराड़ा गांव के वार्ड 9 में बराड़ा-कुलपुर रोड पर हड्डा रोडी की जगह बनी हुई है, जहां मृत पशुओं को गिराया जाता है। लोगों का कहना है कि दुर्गंध के कारण उनके रिश्तेदारों ने भी उनके घरों में आना बंद कर दिया है। यदि कोई आ भी जाए तो बदबू के बीच वह रह नहीं पाता। वार्ड 9 निवासी प्रमोद कुमार, शिवदयाल, जगीर सिंह, सोमनाथ, कमलदीप, रोहित कुमार, हैप्पी, लक्ष्मण, राजिन्द्र कुमार, आशा रानी, सुलोचना देवी, कविता, अफसाना, रानी समेत अन्य लोगों ने बताया कि हड्डा रोडी रिहायशी क्षेत्र से दूर बनाया जाता है। पहले इस तरफ घर नहीं थे और मृत पशु भी कभी कभार यहां डाले जाते थे। लेकिन अब रिहायशी क्षेत्र काफी बढ़ गया है। इसके अलावा इस हड्डा रोडी की कोई चारदीवारी नहीं की गई है। यहां खुले में ही मृत पशुओं को डाल दिया जाता है। इन पशुओं को कुत्ते के झुंड मुंह मारते हैं, जिसके कारण यहां दुर्गंध फैली रहती है। इन लोगों ने कहा कि काफी दिनों से यहां गौशाला से भारी मात्रा में मृत पशु आ रहे हैं, जिससे समस्या काफी बढ़ गई है। उन्होंने मांग की कि इस जगह को रिहायशी क्षेत्र से दूर स्थापित किया जाए। जब तक इसे अन्य जगह स्थापित नहीं किया जाता तब तक कोई ऐसा कैमिकल प्रयोग किया जाए जिससे बदबू ना फैले।

बच्चे बीमार और खूंखार कुत्तों का खौफ

इन लोगों ने बताया कि बदबू का आलम इतना है कि उनके घरों में हर समय बदबू छाई रहती है। ना तो वह सांस ले सकते हैं ना कुछ खा सकते हैं। यदि बच्चे कुछ खाते हैं तो उन्हें दुर्गंध के कारण उल्टियां शुरू हो जाती हैं। इस कारण बहुत से घरों में बच्चे भी बीमार रहते हैं। लोगों ने बताया कि मृत पशुओं को खाने के लिए काफी संख्या में खूंखार कुत्ते मंडराते रहते हैं। सडक़ किनारे होने के कारण यहां गुजरने वाले लोगों पर यह कुत्ते हमला कर देते हैं, जिससे कुत्तों को लेकर भी लोगों में भय की स्थिति बनी हुई है।

नगरपालिका से मांग और अधिकारियों के बयान

वार्ड 9 पार्षद प्रतिनिधि सतिन्द्रजीत सिंह का कहना है कि रोजाना कोई ना कोई इस समस्या को लेकर उनके पास आता है। इस संबंध में वह नगरपालिका से भी बात कर चुके हैं, लेकिन नगरपालिका का कहना है कि उनके पास कोई ऐसी जगह नहीं, जहां हड्डा रोडी को शिफ्ट किया जा सके। इस संबंध में वह स्वास्थ्य विभाग से भी बात कर चुके हैं, लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला। इस दुर्गंध से केवल वार्ड 9 के निवासी ही नहीं बल्कि सडक़ से गुजरने वाला हर व्यक्ति परेशान है। इस सडक़ से कुलपुर, सारन, गगनपुर समेत कई गांवों के लोग बराड़ा आते-जाते हैं। यहां फैली दुर्गंध के कारण उन्हें मुंह पर कपड़ा डालकर निकलना पड़ता है। उनकी मांग है कि मृत पशुओं के लिए कई और जगह बनाई जाए। नगरपालिका बराड़ा के चेयरमैन रजत मलिक ने वर्जन देते हुए कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है। इस संबंध में नगरपालिका के सचिव और एमई से बातचीत की जा रही है। जल्द ही इस जगह पर चारदीवारी बनाई जाएगी। यहां से हड्डा रोडी की जगह को शिफ्ट करने के लिए जगह की तलाश की जा रही है। जैसे ही कहीं और जगह मिलेगी, इसे शिफ्ट कर दिया जाएगा।

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