अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर साढ़े आठ घंटे का घमासान: लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद खुला जाम

Atal Hind Team Online13 August 20265 min read26 viewsअम्बाला
अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर साढ़े आठ घंटे का घमासान: लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद खुला जाम

अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर साढ़े आठ घंटे का भारी घमासान, लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद खुला रास्ता

अंबाला | 13 अगस्त 2026 | अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

अंबाला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीते दिन स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। लगभग साढ़े आठ घंटे तक लगे लंबे जाम को खुलवाने के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जोरदार टकराव हुआ। रात करीब 8:30 बजे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।

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इस पूरी घटना के दौरान दोनों पक्षों में तीखी झड़प हुई। अंबाला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजीत सिंह शेखावत ने जानकारी दी कि जाम खुलवाने पहुँची पुलिस टीम पर भीड़ में मौजूद कुछ शरारती तत्वों ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक वरिष्ठ अधिकारी सहित कई जवानों को गंभीर चोटें आई हैं।

हमले में डीएसपी का अंगूठा कटा, कई जवान और किसान चोटिल

एसपी अजीत सिंह शेखावत के अनुसार भीड़ में छिपे उपद्रवियों ने धारदार हथियारों से हमला बोला। इस दौरान क्राइम शाखा के डीएसपी विरेंद्र शर्मा का हाथ बुरी तरह कट गया और उनके हाथ का अंगूठा लटक गया। उन्हें अत्यंत गंभीर हालत में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।

इसके अलावा हमले में करीब 6 से 7 अन्य पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उधर, पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने के बाद हुई भगदड़ और लाठीचार्ज में कुछ किसानों को भी चोटें आने की खबर है। सभी घायलों को तुरंत पास के नागरिक एवं सैनिक अस्पतालों में पहुंचाया गया।

डीजीपी अजय सिंघल ने जाना घायलों का हाल

घटना की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल खुद स्थिति का जायजा लेने अंबाला पहुंचे। उन्होंने कैंट स्थित नागरिक अस्पताल में भर्ती घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना।

इसके बाद डीजीपी सैनिक अस्पताल भी पहुंचे, जहां घायल डीएसपी विरेंद्र शर्मा का इलाज चल रहा है। डीजीपी ने डॉक्टरों से बातचीत कर अधिकारियों के इलाज की पूरी जानकारी ली और पुलिस बल को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

प्राथमिकी की मांग मानने के बाद भी जारी रहा प्रदर्शन

अंबाला पुलिस के अनुसार हाईवे पर जाम लगने की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। पुलिस ने कई दौर की बातचीत करके शांतिपूर्ण तरीके से रास्ता खाली करने की अपील की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का रुख सहयोगात्मक नहीं दिख रहा था।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे भवजोत सिंह के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की थी। पुलिस ने इस मांग को स्वीकार करते हुए केस दर्ज भी कर लिया था, लेकिन इसके बावजूद भीड़ अन्य मांगों पर अड़ी रही और जाम खत्म करने से मना कर दिया।

अंधेरे का फायदा उठाकर घातक हथियारों से हमला

जैसे ही रात का अंधेरा होने लगा, स्थिति और बिगड़ती चली गई। एसपी ने बताया कि भीड़ में छिपे कुछ असामाजिक तत्वों ने अपने पास रखे भाले, फरसे, तलवारें और कुल्हाड़ियां निकाल लीं और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर अचानक हमला बोल दिया।

पुलिस के मुताबिक, इस हमले का मकसद शांतिपूर्ण हल निकालना नहीं बल्कि माहौल को खराब करना था। अचानक हुए इस घातक हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े।

गैस टैंकर की चाबी छीनी, बड़े हादसे की थी साजिश

प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने हाईवे पर फंसे एक एलपीजी गैस टैंकर के ड्राइवर को डरा-धमकाकर भगा दिया और टैंकर की चाबी अपने पास रख ली। प्रशासन द्वारा बार-बार निवेदन करने के बाद भी उन्होंने टैंकर को वहां से हटाने नहीं दिया।

हाईवे पर भरे हुए गैस टैंकर का इस तरह खड़े रहना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। पुलिस का कहना है कि यह स्थिति को जानबूझकर बेहद खतरनाक बनाने की साजिश थी ताकि प्रशासन पर अनुचित दबाव बनाया जा सके।

अन्य वाहनों की चाबियां भी छीनीं, हाईवे किया पूरी तरह ठप

केवल गैस टैंकर ही नहीं, बल्कि हाईवे पर फंसे कई अन्य व्यावसायिक और निजी वाहनों की चाबियां भी उपद्रवियों ने जबरन छीन लीं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी वाहन हिलाया न जा सके और यातायात पूरी तरह ठप रहे।

साढ़े आठ घंटे तक हजारों यात्री, मरीज और एम्बुलेंस हाईवे पर फंसे रहे। आम जनता को हो रही भारी परेशानी और सुरक्षा खतरे को देखते हुए आखिरकार पुलिस प्रशासन ने बल प्रयोग का फैसला लिया।

उपद्रवियों की तस्वीरें जारी, पहचान की प्रक्रिया शुरू

घटना के बाद अंबाला पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस कर्मियों पर हमला करने वाले और दिनभर उपद्रव मचाने वाले लोगों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। पुलिस ने ऐसे संदिग्धों की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं।

जारी की गई तस्वीरों और वीडियो फुटेज में कुछ युवक हाथों में फरसे, गंडासियां और अन्य तेजधार हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इन फुटेज की मदद से एक-एक चेहरे की पहचान कर रही है।

सरकारी काम में बाधा और जानलेवा हमले का मामला दर्ज

एसपी अजीत सिंह शेखावत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डीएसपी और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने, दंगा भड़काने और सरकारी काम में बाधा डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उपद्रवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न संगीन धाराओं में मामले दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही छापेमारी करके हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात, स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में

अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर यातायात बहाल करा दिया गया है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए हाईवे और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और गश्त बढ़ानी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है और किसी को भी शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

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