अंबाला में गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब के बाहर विवाद, गुरसिमरन सिंह मंड और पुलिसकर्मियों समेत कई घायल

अंबाला स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब के बाहर शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब इंटरनेशनल एंटी-खालिस्तानी टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड के गुरुद्वारा साहिब पहुंचने को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान मंड, उनके बेटे भवजोत सिंह और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई है। घटना के दौरान एक वाहन में तोड़फोड़ किए जाने का वीडियो भी सामने आया है। गुरसिमरन सिंह मंड श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे। उनके साथ उनका बेटा भवजोत सिंह और वाई-प्लस सुरक्षा में तैनात पांच जवान थे, जिनमें दो सीआरपीएफ के जवान भी शामिल थे। मंड के अनुसार, गुरुद्वारा साहिब के बाहर कुछ लोगों ने उन्हें अंदर जाने से रोका जिसके बाद बहस बढ़ गई और निहंगों सहित कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
मंड ने आरोप लगाया कि उन पर डंडों और तेजधार हथियारों से हमला किया गया और बाद में भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेरकर तोड़फोड़ की। मंड के मुताबिक उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया जिसमें तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों में सब इंस्पेक्टर कुलबीर सिंह, सीआईडी के सब इंस्पेक्टर राकेश और एएसआई चरणा सिंह के नाम सामने आए हैं। मंड का कहना है कि उन्हें पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं और उन्होंने शुक्रवार को गुरुद्वारा साहिब आने की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी थी, लेकिन मौके पर स्थानीय थाने की ओर से अलग से सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनसे जबरन माफी मंगवाने और नारे लगवाने का प्रयास किया गया।
दूसरी ओर, गुरुद्वारा कमेटी की ओर से मंड के आरोपों को खारिज किया गया है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य सरदार गुरतेज सिंह ने कहा कि गुरसिमरन सिंह मंड के गुरुद्वारा साहिब पहुंचने के दौरान वाहन कथित तौर पर लापरवाही से चलाया गया जिससे संगत के कुछ श्रद्धालुओं को चोटें आईं और कुछ वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद संगत में नाराजगी थी और मंड से सार्वजनिक रूप से सिख पंथ से माफी मांगने की मांग की गई है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें कुछ युवक एक कार के ऊपर खड़े दिखाई दे रहे हैं और वाहन में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं, हालांकि वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
विवाद और मारपीट की सूचना मिलने के बाद डीएसपी जगबीर, डीएसपी हितेश और थाना प्रभारी धर्मवीर पुलिस टीम के साथ गुरुद्वारा परिसर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य गुरतेज सिंह ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करने की मांग की है ताकि घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा सके। पंजोखरा पुलिस मामले की जांच में जुटी है और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत किस कारण से हुई और घटना में किसकी क्या भूमिका रही।