अमेरिका में 270 ट्रक ड्राइविंग स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई

अमेरिका में 270 ट्रक ड्राइविंग स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई, CDL लाइसेंस व्यवस्था पर उठे सवाल
न्यूयॉर्क /01 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज सोर्स
अमेरिका में कमर्शियल ट्रक ड्राइवरों की ट्रेनिंग और लाइसेंस व्यवस्था को लेकर संघीय सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी परिवहन विभाग ने देशभर के ट्रक ड्राइविंग और CDL ट्रेनिंग संस्थानों की जांच के बाद करीब 270 संस्थानों को निशाने पर लिया है। इनमें 110 ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स को तत्काल संघीय रजिस्टर से हटाने की कार्रवाई की गई है, जबकि 160 से ज्यादा अन्य संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका में ट्रक ड्राइवरों की योग्यता और कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सरकार काफी सख्त रुख अपना रही है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बड़े ट्रक चलाने वाले ड्राइवरों के लिए केवल लाइसेंस होना पर्याप्त नहीं है। उन्हें सड़क के नियम समझने, अधिकारियों से बातचीत करने और जरूरी सुरक्षा निर्देशों को समझने में सक्षम होना भी जरूरी है।
अमेरिकी परिवहन सचिव सीन डफी ने डेट्रॉयट में अधिकारियों के साथ कार्रवाई की जानकारी दी। सरकार का कहना है कि कई ट्रेनिंग संस्थानों ने ऐसे लोगों को भी ट्रेनिंग और प्रमाणन दिया, जिनके बारे में बाद की जांच में अंग्रेजी भाषा की आवश्यक योग्यता को लेकर सवाल सामने आए। अधिकारियों के मुताबिक 110 संस्थानों से जुड़े करीब 5,000 ड्राइवरों के रिकॉर्ड में अंग्रेजी दक्षता से संबंधित उल्लंघन सामने आए हैं।
सिर्फ अंग्रेजी का मामला नहीं
इस पूरे मामले को केवल अंग्रेजी भाषा की कमी से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। संघीय जांच में कई ट्रेनिंग स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी भी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार कुछ संस्थानों के पास ट्रक चलाने और जरूरी अभ्यास कराने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी।
कुछ मामलों में प्रशिक्षकों की योग्यता पर भी सवाल उठे। कहीं जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे तो कहीं ट्रेनिंग और मूल्यांकन से जुड़े रिकॉर्ड सही तरीके से नहीं रखे गए थे। संघीय जांचकर्ताओं ने कुछ ऐसे मामलों का भी उल्लेख किया जहां ट्रेनिंग सेंटर के रूप में दिखाई गई जगह वास्तव में पर्याप्त नहीं थी।
एक मामले में जांचकर्ताओं ने पाया कि ट्रेनिंग संस्थान ने क्लासरूम के तौर पर एक स्कूल बस या ट्रेलर जैसी जगह का दावा किया था। इससे अधिकारियों को यह सवाल उठाने का मौका मिला कि क्या कुछ संस्थान वास्तव में तय मानकों के अनुसार ड्राइवरों को ट्रेनिंग दे भी रहे थे या सिर्फ कागजों पर प्रक्रिया पूरी कर रहे थे।
अमेरिकी सरकार ने ऐसे मामलों को सड़क सुरक्षा से सीधे जुड़ा विषय बताया है। वजह साफ है। एक भारी कमर्शियल ट्रक का वजन कई टन होता है और अगर ड्राइवर को सड़क के संकेत, पुलिस के निर्देश या आपात स्थिति में दिए जाने वाले निर्देश ठीक से समझ नहीं आते, तो छोटी गलती भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
270 स्कूलों की कार्रवाई का असली मतलब क्या है?
खबरों में इसे 270 ट्रक ड्राइविंग स्कूलों के बंद होने के तौर पर बताया जा रहा है। लेकिन सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक मामला थोड़ा अलग है। 110 CDL ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स को आपात कार्रवाई के तहत हटाया जा रहा है, जबकि 160 से अधिक अन्य संस्थानों के खिलाफ प्रस्तावित हटाने और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
इसलिए यह कहना ज्यादा सही होगा कि करीब 270 ट्रेनिंग संस्थान संघीय कार्रवाई के दायरे में आए हैं। सभी संस्थानों की स्थिति एक जैसी नहीं है और सभी पर एक ही तरह के आरोप भी नहीं हैं।
अमेरिकी परिवहन विभाग ने बताया कि जुलाई में 40 राज्यों में करीब 400 जांच की गई थीं। इन जांचों में ट्रेनिंग से जुड़े कई तरह के नियमों के उल्लंघन सामने आए। इनमें अपर्याप्त ट्रेनिंग एरिया, बिना उचित लाइसेंस वाले प्रशिक्षक, जरूरी रिकॉर्ड का अभाव और गलत तरीके से ट्रेनिंग सुविधा दिखाने जैसी बातें शामिल थीं।
28 हजार से ज्यादा ड्राइवरों पर भी कार्रवाई
यह मामला सिर्फ ट्रेनिंग स्कूलों तक सीमित नहीं है। अमेरिकी परिवहन विभाग के अनुसार जून 2025 से अब तक 28,000 से ज्यादा कमर्शियल ड्राइवरों को अंग्रेजी भाषा की दक्षता संबंधी नियमों का पालन नहीं करने पर सड़क से हटाया गया है। इसका मतलब यह है कि ऐसे ड्राइवर अपनी कमर्शियल ड्राइविंग ड्यूटी जारी नहीं रख सकते, जब तक वे संबंधित आवश्यकताओं को पूरा न करें।
सरकार ने थर्ड-पार्टी CDL टेस्टिंग सिस्टम पर भी सवाल उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कुछ ऐसे टेस्टिंग सेंटर और परीक्षक सामने आए हैं जिन्होंने ऐसे लोगों को कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस दिलाने की प्रक्रिया में भूमिका निभाई, जो बाद में अंग्रेजी भाषा संबंधी नियमों को पूरा नहीं कर पाए।
परिवहन विभाग के अनुसार एक राज्य में केवल 10 स्किल टेस्टर्स ने मिलकर 2,000 से अधिक ऐसे CDL जारी किए जिनसे जुड़े ड्राइवर बाद में अंग्रेजी दक्षता की जांच में विफल पाए गए। अब संघीय सरकार देशभर में थर्ड-पार्टी CDL टेस्टर्स का ऑडिट कर रही है।
सरकार ने सुरक्षा को बनाया मुख्य मुद्दा
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है। सरकार चाहती है कि कमर्शियल ट्रक चलाने वाला प्रत्येक व्यक्ति तय मानकों के अनुसार प्रशिक्षित हो और सड़क पर जरूरी निर्देशों को समझ सके।
अधिकारियों ने पिछले कुछ समय में अंग्रेजी भाषा संबंधी नियमों को लेकर कई कदम उठाए हैं। FMCSA के अनुसार जून 2025 से अंग्रेजी दक्षता संबंधी नियमों के उल्लंघन में हजारों कमर्शियल ड्राइवरों को सड़क से हटाया गया है।
सरकार ने विदेशी ड्राइवरों को जारी किए गए कुछ नॉन-डोमिसाइल्ड CDL की भी जांच की है। FMCSA के मुताबिक पिछले डेढ़ साल में बड़ी संख्या में ऐसे लाइसेंस रद्द किए गए जिन्हें संघीय नियमों के अनुरूप नहीं माना गया।
यह कार्रवाई अमेरिका की ट्रकिंग इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां माल ढुलाई का बड़ा हिस्सा ट्रकों के जरिए होता है। इसलिए ड्राइवरों की उपलब्धता, उनकी ट्रेनिंग और लाइसेंस नियमों में बदलाव का असर पूरे परिवहन क्षेत्र पर पड़ सकता है।
जांच में सामने आईं कई गंभीर कमियां
संघीय जांचकर्ताओं ने सिर्फ भाषा की समस्या नहीं देखी। उन्होंने यह भी देखा कि ट्रेनिंग स्कूलों में वास्तव में छात्रों को किस तरह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ट्रक चलाने की ट्रेनिंग के लिए पर्याप्त जगह होना जरूरी है ताकि ड्राइवर पार्किंग, मोड़, बैकिंग और दूसरे जरूरी अभ्यास कर सकें। लेकिन अधिकारियों के मुताबिक कुछ संस्थानों के पास इसके लिए पर्याप्त जगह नहीं थी।
इसी तरह कुछ जगहों पर प्रशिक्षकों के लाइसेंस और योग्यता से जुड़े सवाल सामने आए। कुछ संस्थानों के पास छात्रों के मूल्यांकन से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी नहीं मिले। इन कमियों के कारण सरकार का ध्यान अब पूरे ट्रेनिंग सिस्टम की निगरानी पर है।
जांच का दायरा और बढ़ेगा
अमेरिकी सरकार ने साफ किया है कि कार्रवाई केवल 270 संस्थानों तक सीमित रहने वाली नहीं है। परिवहन विभाग, होमलैंड सिक्योरिटी और न्याय विभाग ने मिलकर ट्रकिंग इंडस्ट्री में संभावित धोखाधड़ी की जांच के लिए संयुक्त अभियान शुरू किया है।
होमलैंड सिक्योरिटी से जुड़ी एजेंसियां 23 राज्यों में 200 से ज्यादा ट्रेनिंग स्कूलों को लेकर एक साथ जांच अभियान चला रही हैं। दूसरी तरफ परिवहन विभाग थर्ड-पार्टी CDL टेस्टिंग व्यवस्था की भी जांच कर रहा है।
सरकार की जांच में लाइसेंस धोखाधड़ी के साथ पहचान संबंधी दस्तावेज, अनधिकृत रोजगार, फर्जी कंपनियों और दूसरी संभावित गड़बड़ियों की भी जांच की जा रही है। हालांकि इन सभी मामलों में किसी संस्था या व्यक्ति को दोषी साबित मानना जांच पूरी होने से पहले सही नहीं होगा।
ट्रकिंग इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा?
इस कार्रवाई का असर अमेरिका के ट्रकिंग सेक्टर पर भी पड़ सकता है। अगर बड़ी संख्या में ट्रेनिंग संस्थान बंद या निलंबित होते हैं, तो नए ड्राइवरों की ट्रेनिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
दूसरी तरफ सरकार का तर्क है कि कम योग्य ड्राइवरों को सड़क से हटाना लंबे समय में सुरक्षा के लिए जरूरी है। अच्छी ट्रेनिंग मिलने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सकता है और कमर्शियल ट्रकिंग में योग्यता का स्तर बेहतर हो सकता है।
ट्रकिंग उद्योग के लिए चुनौती यह भी है कि सुरक्षा मानकों को सख्त करने के साथ ड्राइवरों की उपलब्धता बनी रहे। अमेरिका में ट्रकिंग पहले से ही बड़े रोजगार और माल परिवहन क्षेत्र का हिस्सा है। इसलिए लाइसेंस और ट्रेनिंग नियमों में अचानक बड़े बदलाव का असर कंपनियों, ड्राइवरों और माल ढुलाई की लागत तक पहुंच सकता है।
राजनीति से अलग सुरक्षा का सवाल
इस पूरे अभियान को अमेरिका में राजनीतिक बहस से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप प्रशासन इसे सड़क सुरक्षा, नियमों के पालन और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई बता रहा है। दूसरी ओर इस तरह की नीतियों को लेकर प्रवासी अधिकारों और रोजगार पर असर की चिंता भी जताई गई है।
लेकिन मूल सवाल इससे अलग है। सवाल यह है कि अमेरिका की सड़कों पर भारी ट्रक चलाने वाला व्यक्ति पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित है या नहीं और क्या वह जरूरी सुरक्षा निर्देश समझ सकता है।
सरकार का कहना है कि कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस केवल रोजगार का दस्तावेज नहीं है। इसके साथ बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी होती है क्योंकि ट्रक चालक सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए भी जिम्मेदार होता है।
आगे क्या होगा?
अब अमेरिकी परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद CDL ट्रेनिंग स्कूलों, टेस्टिंग सेंटरों और राज्य स्तर की लाइसेंस व्यवस्था पर निगरानी और बढ़ सकती है। सरकार यह भी देख रही है कि ट्रेनिंग स्कूलों से लेकर अंतिम लाइसेंस जारी होने तक कहीं कोई कमजोर कड़ी तो नहीं है।
अभी 270 संस्थानों से जुड़ी कार्रवाई को पूरी तरह खत्म हुआ मामला नहीं माना जा सकता। 110 संस्थानों पर तत्काल हटाने की कार्रवाई और 160 से ज्यादा अन्य संस्थानों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई के बाद आगे जांच, अपील और प्रशासनिक प्रक्रिया भी हो सकती है।
कुल मिलाकर अमेरिका में यह कार्रवाई ट्रक ड्राइवरों की योग्यता, CDL लाइसेंस और ट्रेनिंग सिस्टम की बड़ी जांच का हिस्सा है। सरकार का दावा है कि उसका लक्ष्य ऐसे लोगों को भारी वाहन चलाने से रोकना है जो जरूरी मानकों को पूरा नहीं करते।
हालांकि इस अभियान का अंतिम असर तभी साफ होगा जब जांच पूरी होगी और यह सामने आएगा कि कितने ट्रेनिंग स्कूल वास्तव में नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, कितने लाइसेंस गलत तरीके से जारी हुए और कितने ड्राइवरों को दोबारा ट्रेनिंग या नई जांच की जरूरत पड़ेगी।
स्रोत-आधार: अमेरिकी परिवहन विभाग और FMCSA की आधिकारिक जानकारी के साथ हालिया अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों से तथ्यों का मिलान किया गया है।