अमेरिका में 10 गुजराती गिरफ्तार, ICE कस्टडी

अमेरिका में बड़ा पुलिस छापा: गैरकानूनी जुए के नेटवर्क का पर्दाफाश, 10 गुजराती मूल के लोग ICE की हिरासत में
अमेरिका के टेनेसी राज्य के कोलंबिया शहर में एक बड़े अवैध जुआ नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस और संघीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से रेड करके 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 10 लोग गुजराती मूल के बताए जा रहे हैं और उन्हें ICE यानी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट की हिरासत में ले लिया गया है।
टेनेसी(नैशविले)04 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज़ रिसोर्स
अमेरिका के टेनेसी राज्य से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ की स्थानीय पुलिस, अमेरिकी संघीय एजेंसियों और आव्रजन विभाग ने मिलकर एक बहुत बड़ा साझा ऑपरेशन चलाया है। इस कार्रवाई में एक बहुत बड़े अवैध जुआ और नशीले पदार्थों के नेटवर्क का भांडाफोड़ किया गया है। अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये की नकदी, अवैध जुआ मशीनें और भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ जब्त किए हैं।
इस पूरी घटना ने अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय और खासतौर पर गुजराती एनआरआई समाज के बीच एक बड़ी हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे रैकेट के सिलसिले में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 10 लोग गुजराती मूल के बताए जा रहे हैं, जिन्हें अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन यानी ICE (Immigration and Customs Enforcement) की कस्टडी में भेज दिया गया है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला और कैसे खुला राज?
यह पूरा मामला जुलाई 2026 में शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों और व्यापारियों की शिकायतें आने लगी थीं कि कुछ जगहों पर अवैध जुआ चल रहा है। कोलंबिया पुलिस ने अंडरकवर ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों ने लगभग 50 बिजनेस आउटलेट्स में जाकर जांच की। उनमें से 20 जगहों पर अवैध जुआ मशीनें चल रही थीं। बाहर से ये जगहें सामान्य गैस स्टेशन या किराना दुकान जैसी लगती थीं।
लेकिन पीछे के कमरों या छिपे हुए केबिन में जुआ मशीनें लगाई गई थीं। लोग वहां खेलते थे और जीतने पर तुरंत नकद पैसे दिए जाते थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि नाबालिग बच्चे भी इन मशीनों पर खेल रहे थे। जांच अधिकारियों ने अपनी आंखों से देखा कि 9-10 साल के बच्चे भी जुए में शामिल थे। यह बहुत गंभीर बात थी क्योंकि कानून के अनुसार बच्चों को ऐसे काम में शामिल करना अपराध है।
जब पर्याप्त सबूत इकट्ठा हो गए तो 25 अगस्त 2026 को बड़ा ऑपरेशन चलाया गया। 22 सर्च वारंट जारी किए गए। 20 बिजनेस जगहों और दो घरों पर एक साथ छापे मारे गए। एक घर कोलंबिया में था और दूसरा गैलाटिन में। इन घरों का इस्तेमाल काले पैसे रखने और लेन-देन के लिए किया जा रहा था। इस पूरे ऑपरेशन में कई एजेंसियां शामिल थीं। कोलंबिया पुलिस, गैलाटिन पुलिस, पोर्टलैंड पुलिस, टेनेसी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (TBI), इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS), ICE और स्थानीय ज्यूडिशियल ड्रग टास्क फोर्स सबने मिलकर काम किया।
जब्त की गई चीजों की लिस्ट देखकर अफसरी भी हैरान रह गए। कुल 1,328,269 डॉलर यानी करीब 1.32 मिलियन डॉलर नकद बरामद हुए। 144 अवैध जुआ मशीनें जब्त की गईं। इसके अलावा 100 पाउंड से ज्यादा क्रेटम और THCA जैसी ड्रग्स भी मिलीं। ये पदार्थ कुछ जगहों पर प्रतिबंधित या नियंत्रित हैं।
गिरफ्तार 13 लोगों में से 10 को ICE ने अपनी कस्टडी में ले लिया। इसका मतलब है कि उनके इमिग्रेशन स्टेटस पर सवाल हैं। अगर उनके पास वैध वीजा या नागरिकता नहीं है या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उन्हें भारत वापस भेजा जा सकता है। साथ ही अमेरिका के सख्त कानूनों के तहत आपराधिक केस भी चलेगा।।
तड़के सुबह 22 ठिकानों पर एक साथ पड़ी रेड
लगभग एक महीने तक ठोस सबूत इकट्ठा करने के बाद स्थानीय पुलिस, राज्य जांच ब्यूरो (TBI), अमेरिकी राजस्व सेवा (IRS) और ICE की टीमों ने मिलकर एक विशाल योजना बनाई। 25 अगस्त को तड़के सुबह सुरक्षा बलों की अलग-अलग टीमों ने 22 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें 20 कमर्शियल स्टोर और 2 रिहायशी मकान शामिल थे।
इस अचानक हुई कार्रवाई से जुआ नेटवर्क चलाने वालों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस जब दुकानों के अंदर घुसी तो वहाँ मशीनों के जरिए खुलेआम नकद इनाम बांटे जा रहे थे। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व कोलंबिया पुलिस प्रमुख जेरेमी हेवुड कर रहे थे। उन्होंने मीडिया को बताया कि यह जांच बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन टीम की मुस्तैदी से पूरे नेटवर्क का एक ही झटके में सफाया हो गया।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की इस संयुक्त रेड के दौरान जो जब्ती हुई, उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। यह कोई छोटा-मोटा स्थानीय सट्टा नहीं था, बल्कि करोड़ों रुपये के टर्नओवर वाला एक संगठित अपराध नेटवर्क था।
1.32 मिलियन डॉलर नकद: अधिकारियों ने मौक़े से लगभग 1,328,269 अमेरिकी डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक) की चमचमाती हार्ड कैश बरामद की।
144 अवैध जुआ मशीनें: दुकानों के पिछले कमरों से 144 से ज्यादा ऐसी इलेक्ट्रॉनिक मशीनें जब्त की गईं, जिनका इस्तेमाल गैरकानूनी सट्टेबाज़ी के लिए किया जाता था।
100 पाउंड से अधिक नशीले पदार्थ: छापे के दौरान 100 पाउंड से ज्यादा Kratom और THCA जैसे प्रतिबंधित व नशीले केमिकल प्रॉडक्ट्स बरामद किए गए।
मासूम बच्चों का इस्तेमाल और ड्रग्स का काला कारोबार
इस जांच में जो सबसे दर्दनाक और चिंताजनक बात सामने आई, वह थी इस धंधे में छोटे बच्चों की मौजूदगी। अंडरकवर पुलिस अधिकारियों ने अपनी जांच में देखा कि इन दुकानों में 9 से 10 साल तक के छोटे बच्चों को भी जुए के पैसों की लेन-देन प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा था। बच्चों की मौजूदगी ने इस मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया।
इसके अलावा, जिन दुकानों पर यह सट्टा चल रहा था, वे धीरे-धीरे आसपास के इलाकों में नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त का मुख्य केंद्र बनती जा रही थीं। स्थानीय निवासियों का कहना था कि इन दुकानों की वजह से पूरे इलाके का माहौल खराब हो रहा था और आम नागरिकों का वहाँ से गुजरना भी मुश्किल हो गया था।
गालियातिन और कोलंबिया के घरों में छिपाया जाता था कैश
पुलिस की तफ्तीश में यह खुलासा भी हुआ कि दुकानों से रोज़ाना जो लाखों डॉलर की काली कमाई होती थी, उसे किसी बैंक खाते में जमा कराने के बजाय गुप्त रिहायशी ठिकानों पर छुपाया जाता था। इसके लिए गिरोह ने कोलंबिया और पास के गालियातिन शहर में किराए के मकान ले रखे थे।
इन दोनों रिहायशी मकानों का इस्तेमाल केवल जुए से कमाए गए कैश को छुपाने और सुरक्षित रखने के लिए किया जाता था। जब पुलिस ने इन घरों की तलाशी ली, तो वहाँ से भी बड़ी मात्रा में डॉलर से भरे बैग बरामद हुए। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस पैसे को हवाला के जरिए अमेरिका से बाहर भारत या किसी अन्य देश में तो नहीं भेजा जा रहा था।
10 आरोपी ICE कस्टडी में, वीजा व इमिग्रेशन की गहन जांच जारी
इस पूरे ऑपरेशन में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी टीवी चैनलों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में से 10 आरोपी गुजराती मूल के बताए जा रहे हैं। मामला केवल सट्टेबाज़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें आव्रजन नियमों के उल्लंघन का पहलू भी जुड़ गया है।
इसी वजह से ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने इन 10 आरोपियों को तुरंत अपनी कस्टडी में ले लिया है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक सभी गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम और उनके पासपोर्ट या नागरिकता से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि ये लोग अमेरिका में कानूनी वीजा पर थे, उनका वीजा खत्म हो चुका था या वे अवैध रूप से सीमा पार करके आए थे।
अमेरिका में गुजराती समुदाय पर बढ़ता कानूनी शिकंजा
पिछले कुछ समय से अमेरिका में व्यापार और छोटे स्टोर्स चलाने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदाय की आड़ में गैरकानूनी गतिविधियां चलाने के कई मामले सामने आए हैं। इससे पहले भी मिसौरी और अन्य अमेरिकी राज्यों में 'स्किल गेम' और 'आर्केड' के नाम पर अवैध जुआ चलाने के मामले में कई गुजराती मूल के लोगों पर संघीय मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
अमेरिका के न्याय विभाग (Department of Justice) का कहना है कि वे इस प्रकार के संगठित नेटवर्क पर कड़ी नजर रख रहे हैं। वैध व्यापार लाइसेंस की आड़ में सट्टेबाज़ी, धोखाधड़ी और टैक्स चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कोलंबिया पुलिस प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है, और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियाँ और अदालती आरोप (Indictments) तय किए जा सकते हैं।