हरियाणा भाजपा का मिशन 75 फेल, नहीं होगी 60 पार  59 सीटों पर भाजपा, 38 पर कांग्रेस, 36 पर जेजेपी जीत की दौड़ में शामिल

हरियाणा भाजपा का मिशन 75 फेल, नहीं होगी 60 पार  59 सीटों पर भाजपा, 38 पर कांग्रेस, 36 पर जेजेपी जीत की दौड़ में शामिल

-राजकुमार अग्रवाल—(कैथल )
प्रदेश के चुनावी माहौल में बड़ा उलटफेर होता हुआ नजर आ रहा है मिशन 75 को लेकर दोबारा सत्ता हासिल करने की दावेदारी पेश कर रही भाजपा लक्ष्य से दूर पिछड़ती हुई नजर आ रही है।
खास सर्वे में 90 विधानसभा क्षेत्रों का रुझान बता रहा है कि भाजपा 75 सीट किसी भी सूरत में हासिल नहीं कर पाएगी।
भाजपा सिर्फ 59 सीटों पर जीत की दौड़ में शामिल है। 20 सीटों पर उसका कमल खिलता हुआ नजर आ रहा है। 17 सीटों पर भाजपा का पलड़ा भारी रहने के आसार हैं। इस तरह सिर्फ 37 सीटों पर ही भाजपा जीत का दावा पेश कर पा रही है।
22 सीटों पर भाजपा मुकाबले में शामिल है। इस तरह कुल 59 सीटों पर ही भाजपा जीत का टोटल दावा पेश कर पा रही है। मुकाबले में शामिल 22 सीटों में से जितनी सीटें वह जीतेगी उसके हिसाब से उसका फाइनल आंकड़ा सामने आएगा। 22 सीटों में से अगर आधी सीटें भाजपा जीतेगी तो भाजपा 50 सीटों से नीचे भी रह सकती है।

कांग्रेस कर रही वापसी

गलत सीटें बांटकर भारी नुकसान झेलने वाले कांग्रेस वापसी कर रही है। 8 सीटों पर कांग्रेस जीत का परचम फहराने के कगार पर है। 20 सीटों पर वह मजबूती के साथ चुनाव लड़ रही है और 10 सीटों पर वह मुकाबले में बनी हुई है। इस तरह कांग्रेस कुल 38 सीटों पर जीत की दौड़ में शामिल है।

जेजेपी ने किया हैरान

15 दिन पहले चुनावी दंगल में बेहद कमजोर मानी जाने वाली जननायक जनता पार्टी भाजपा और कांग्रेस को कांटे की टक्कर देते हुए चुनावी समीकरण बदल रही है।
पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला की अगुवाई में जेजेपी 7 सीटों पर साफ तौर पर सबसे आगे खड़ी है। 9 सीटों पर उसका पलड़ा भारी नजर आ रहा है और 20 सीटों पर वह मुकाबले में बनी हुई है। इस तरह जेजेपी 36 सीटों पर मुकाबले में आ चुकी है।

इनेलो का हो रहा सफाया

2014 के चुनाव में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल करने वाली इनेलो दुर्गति का शिकार हो रही है और वह सिर्फ 2 सीटों पर ही मुकाबले में बनी हुई है।

7 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी और 2 सीटों पर गोपाल कांडा की हलोपा बड़ी पार्टियों को कांटे की टक्कर दे रहे हैं।

भाजपा
पलड़ा भारी 20
जीत की दौड़ में 17
मुकाबले में 22
टोटल 59

कांग्रेस
पलड़ा भारी 8
मजबूत दावेदारी 20
मुकाबले में 10
टोटल 38

जेजेपी
पलड़ा भारी 7
मजबूत दावेदारी 9
मुकाबले में 20
टोटल 36

इनेलो
मुकाबले में 2

हेलोपा
मुकाबले में 2

निर्दलीय
मुकाबले में 7

सभी 90 सीटों के यह है चुनावी रुझान-
1 कालका- कांग्रेस
2 पंचकूला- कांग्रेस
3 नारायणगढ़- कांग्रेस/बीजेपी/जेजेपी
4 अम्बाला कैंट- बीजेपी
5 अम्बाला शहर- बीजेपी
6 मुलाना- बीजेपी
7 साढौरा- बीजेपी
8 जगाधरी- कांग्रेस/बीजेपी
9 यमुनानगर- बीजेपी
10 रादौर- बीजेपी/कांग्रेस
11 लाडवा- कांग्रेस/बीजेपी/इनैलो
12 शाहाबाद- जेजेपी
13 थानेसर- कांग्रेस/बीजेपी
14 पेहवा- कांग्रेस/निर्दलीय
15 गुहला- जेजेपी
16 कलायत- कांग्रेस/जेजेपी/बीजेपी
17 कैथल- कांग्रेस/बीजेपी
18 पूंडरी- निर्दलीय/जेजेपी/कांग्रेस
19 नीलोखेड़ी- बीजेपी/जेजेपी/ कांग्रेस
20 इंद्री- निर्दलीय/बीजेपी/जेजेपी
21 करनाल- बीजेपी
22 घरौंडा- बीजेपी
23 असन्ध-निर्दलीय/जेजेपी/कांग्रेस
24 पानीपत ग्रामीण- जेजेपी
25 पानीपत शहरी- बीजेपी
26 इसराना- कांग्रेस
27 समालखा- कांग्रेस
28 गन्नौर- बीजेपी/कांग्रेस
29 राई- बीजेपी/कांग्रेस/जेजेपी
30 खरखौदा- जेजेपी/कांग्रेस
31 सोनीपत- बीजेपी
32 गोहाना- कांग्रेस
33 बरोदा- जेजेपी/बीजेपी
34 जुलाना- जेजेपी/बीजेपी
35 सफीदों- बीजेपी
36 जींद- जेजेपी/बीजेपी
37 उचाना- जेजेपी
38 नरवाना- जेजेपी
39 टोहाना- जेजेपी/बीजेपी
40 फतेहाबाद- जेजेपी/बीजेपी
41 रतिया- बीजेपी/कांग्रेस/जेजेपी
42 कालांवाली- कांग्रेस/अकाली
43 डबवाली- बीजेपी/कांग्रेस
44 रानिया- निर्दलीय/लोकहित
45 सिरसा-लोकहित/बीजेपी
46 ऐलनाबाद-इनलो/बीजेपी
47 आदमपुर- कांग्रेस
48 उकलाना- बीजेपी/जेजेपी/निर्दलीय
49 नारनोंद- जेजेपी/बीजेपी
50 हांसी- बीजेपी/जेजेपी
51 बरवाला- बीजेपी/जेजेपी
52 हिसार- बीजेपी
53 नलवा- बीजेपी/कांग्रेस/जेजेपी
54 लोहारु- बीजेपी/जेजेपी
55 बाढड़ा- जेजेपी
56 दादरी- जेजेपी
57 भिवानी- बीजेपी/जेजेपी
58 तोशाम- कांग्रेस/बीजेपी
59 बवानीखेड़ा- कांग्रेस/जेजेपी
60 महम- कांग्रेस/निर्दलीय
61 किलोई- कांग्रेस/बीजेपी
62 रोहतक- बीजेपी
63 कलानोर-बीजेपी
64 बहादुरगढ़- कांग्रेस/बीजेपी
65 बादली- कांग्रेस/बीजेपी/जेजेपी
66 झज्जर- बीजेपी/कांग्रेस/जेजेपी
67 बेरी- कांग्रेस/बीजेपी
68 अटेली- बीजेपी
69 महेन्द्रगढ़- कांग्रेस
70 नारनोल- बीजेपी/जेजेपी
71 नांगल चौधरी-जेजेपी/बीजेपी
72 बावल- बीजेपी/जेजेपी/कांग्रेस
73 कोसली-बीजेपी
74 रेवाड़ी- बीजेपी/कांग्रेस
75 पटौदी- बीजेपी/जेजेपी
76 बादशाहपुर- बीजेपी
77 गुरुग्राम- बीजेपी
78 सोहना- जेजेपी
79 नूह- कांग्रेस/बीजेपी/जेजेपी
80 फ़िरोज़पुर झिरका- कांग्रेस/जेजेपी
81 पुन्हाना- कांग्रेस/बीजेपी
82 हथीन- जेजेपी/कांग्रेस
83 होडल- कांग्रेस/बीजेपी
84 पलवल- बीजेपी
85 पृथला- निर्दलीय
86 फ़रीदाबाद एनआईटी- कांग्रेस
87 बड़खल- कांग्रेस/बीजेपी
88 बल्लभगढ़- बीजेपी
89 फरीदाबाद- बीजेपी
90 तिगांव- कांग्रेस

बात यह है कि भाजपा का मिशन 75 पूरा होने के बजाय अधूरा रहेगा। भाजपा का चुनावी ग्राफ दिन प्रतिदिन नीचे जा रहा है और उसके प्रत्याशियों को विरोधी दलों के प्रत्याशी लगातार करीबी टक्कर दे रहे हैं।
गलत टिकटें देने और कई सीटों पर बागी प्रत्याशी खड़े होने के कारण भाजपा को बड़ा नुकसान हो रहा है। अगर निष्पक्ष चुनाव हुए तो भाजपा किसी भी सूरत में 60 सीटों से पार नहीं जा पाएगी।
अगर इसी तरह से भाजपा का चुनावी ग्राफ नीचे जाता गया तो 21 तारीख आते आते हुए हैं तो वह 50 सीटों से नीचे भी खिसक सकती है।
टिकट बांटने में सबसे ज्यादा गड़बड़ करने वाली कांग्रेस को भाजपा की कहानी बिगड़ने का बड़ा फायदा हो रहा है और न चाहते हुए भी वह 38 सीटों पर मुकाबले में बनी हुई है।
कांग्रेस के बड़े चेहरे भाजपा का खेल बिगाड़ रहे हैं।वर्तमान रुझान के अनुसार कांग्रेस 2014 के चुनाव परिणाम से पार जा सकती है।
जननायक जनता पार्टी सबको हैरान करते हुए सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। जेजेपी कुल 36 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस को कांटे की टक्कर दे रही है। अगर जेजेपी का ग्राफ इसी तरह बढ़ता रहा तो वह 2014 में इनेलो के मिली सीटों के बराबर जा सकती है।
भाजपा की चुनावी संभावनाओं का फाइनल परिणाम प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों पर टिका हुआ है। अमित शाह, यूपी के सीएम योगी और राजनाथ सिंह के दौरों का भाजपा को कोई फायदा नहीं हुआ है।अब मोदी का चमत्कार ही भाजपा को 60 सीटों से पार ले जा पाएगा। प्रदेश का चुनावी माहौल कहीं ना कहीं 2009 की तरफ बढ़ता हुआ दिख रहा है।

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