कैथल में सबसे ज्यादा रणदीप और लीला गुज्जर पर  दांव लगा रहे हैं सटोरिये 

 

 

(KAITHAL)कैथल में सबसे ज्यादा रणदीप और लीला गुज्जर पर  दांव लगा रहे हैं सटोरिये

 

Hariyana (kaithal)कैथल (राजकुमार अग्रवाल )

हरियाणा का कैथल जिला राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. कैथल जिले की चार विधानसभा सीटों में से (BJP)बीजेपी-(CONGRESS)कांग्रेस के पास महज एक-एक सीट है और दो सीटों पर निर्दलीय का कब्जा है. माना जा रहा था कि केंद्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह(AMIT SHAH)  की रैली के बाद कैथल जिले  में भाजपा उम्मीदवारों की पकड़ काफी मजबूत हो जाएगी लेकिन अमित शाह  की रैली का कोई खास असर नहीं दिख रहा है। भाजपा को कई सीटों पर जोरदार टक्कर मिल रही है। जिला कैथल की हॉट सीट बनी कैथल विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर चल रही है यहाँ मुख्य मुकाबला भाजपा के (LILA RAM GUJJAR)लीला राम गुज्जर और कांग्रेस के(RANDEEP SURJEWALA) रणदीप सुरजेवाला के बीच है।तो(KALAYAT) कलायत में भी हालात इधर कुआँ उधर खाई के बने हुए है इस सीट पर भी कांग्रेस और बीजेपी प्रत्याशी के बीच हार जीत का खेल चल रहा है जिसके चलते भाजपा प्रत्याशी कमलेश ढांडा और कांग्रेस के जेपी दुब्बल एक दूसरे को पटकनी देने में लगे हुए है ,पुण्डरी विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी वर्तमान समीकरण के चलते चुनावी दौड़ में बाहर है यहाँ मुख्य मुकाबला निर्दलीयों के बीच है जिसमे भाजपा के (RANDHIR GOLAN)बागी रणधीर गोलन ,दिनेश कौशिक ,नरेंदर शर्मा वहीँ कांग्रेस सतबीर भाणा को आगे लाकर दांव पेच चला रही है और अपनी किस्मत आजमा रहे है वैसे इस सीट पर हमेशा निर्दलीय ही विजय होता रहा है इस विधानसभा सीट पर किसी भी राजनीतिक दल का वजूद नहीं रहा है ,उधर  जिला कैथल में पहली बार 2014 में भाजपा ने गुहला चीका सीट पर जीत दर्ज करके अपना अस्तित्व बचाया था कैथल जिले की 4 विधानसभा सीटों में यही एक मात्र सीट थी जो भाजपा के खाते में गई थी लेकिन इस बार 2019 में समीकरण बदले हुए है अपने ही अपनों के पीछे हाथ धोकर पड़े है इस सीट पर कांग्रेस फिर से दिल्लू बाजीगर पर दांव खेल रही है तो वहीँ भाजपा युवा उम्मीदवार रवि तारावली को मैदान में उतार कर 2014 का इतिहास दोहराना चाह रही है लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले के चलते सभी के पसीने छूटे हुए है  । लेकिन जो भी हो जिला कैथल की सभी 4 विधानसभा सीटों पर जो भी परिणाम आएंगे चौकाने वाले होंगे क्योंकि हरियाणा में चुनाव प्रचार मोदी के चेहरे को आगे लाकर किया जा रहा है हरियाणा में बीते 5 सालों में भाजपा सरकार ने क्या क्या विकास कार्य किये या जनहित को ध्यान में रख कर फैसले लिए है इस बात को लेकर  कोई भी भाजपा प्रत्याशी चुनाव प्रचार नहीं कर रहे है और ना ही आने वाले 5 सालों में हरियाणा के क्या क्या किया जाएगा ये बता रहे है सिर्फ धारा 370 ,और केंद्र में मोदी की सरकार का गुणगान कर मतदाताओं को लुभाया जा रहा है ,वहीँ कांग्रेस प्रत्याशी अपने बलबूते पर ही चुनाव मैदान में डटे हुए है पार्टी गुटबंदी के चलते इस बार 2019 के हरियाणा आम चुनाव में कांग्रेस का जो भी प्रत्याशी जीत दर्ज करेगा उसके पीछे भाजपा की मनोहर सरकार का हाथ होगा क्योंकि हरियाणा की जनता ने पिछले 5 सालों में मनोहर सरकार से जो उम्मीदे लगाई थी उस पर वो खरे नहीं उतर पाए उल्टा बार बार(UTRUN) यूँ टर्न लेकर अपनी और पार्टी की किरकिरी ही करवाई जिसके कारण मतदाता अपने पत्ते नहीं खोल रहा और एन वक्त पर किसी को धराशाही तो किसी के सर ताज पहनायेगा
लेकिन सूत्रों की माने तो सट्टा बाजार के आंकड़े जिला कैथल में कांग्रेस और भाजपा दोनों के होश उड़ा सकते हैं। सट्टा बाजार अब कैथल सीट पर  लीला गुज्जर  और रणदीप सुरजेवाला  में मुकाबला बता रहा है। लीला का भाव कहीं 40 तो कहीं 80  पैसे चल रहा है तो रणदीप का  60से 80  पैसे  यानि इन दोनों नेताओं में मुकाबला है  लेकिन मतदान अभी चार दिन बाद हैं और कुछ भी संभव है। जिला कैथल  में भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ नाराजगी ज्यादा है तो कांग्रेस भी पीछे नहीं है रणदीप के करवाए  विकास याद आतें है तो उनकी राष्ट्रिय स्तर पर कही देश विरोधी बातें भी मतदाताओं पचा नहीं पा रहे है जिसके चलते सट्टा बज़ार ऊपर नीचे हो रहा है  ये भाव बदल भी सकता है।सट्टा बाजार के बारे में हम आपको बता दें कि किसी सरकारी तंत्र की तरह इस सट्टा बाजार का भी अपना  इंटेलिजेंस नेटवर्क है। सट्टा बाजार का  नेटवर्क  अपने लोगों को भेजकर डाटा इकट्ठा करता है जिससे ये सटोरिए विश्लेषण करते हैं और तब भाव तय किया जाता है। सूत्रों के अनुसार कैथल में आयोजित अमित शाह की  रैली में भी कई सट्टेबाज चुपचाप आये थे और अब उनके आंकड़े चौकाने वाले आ रहे हैं। ये सटोरिये लगभग एक महीने से हरियाणा में डेरा जमाये बैठे हैं। पुण्डरी सीट पर भाजपा को बाहर का रास्ता दिखा रहे है तो कलायत में मामला कुछ अलग बता रहे है यहाँ भाव कांग्रेस और भाजपा के बीच नाममात्र है जिसके चलते कमलेश ढांडा और जेपी दुब्बल पर 60 -40 का ही खेल चल रहा है ,गुहला विधानसभा सीट पर चौकोना  मुकाबला है ,जिसके चलते ईश्वर सिंह जेजेपी पर सट्टा बाज़ार गर्म है लेकिन दिल्लू बाजीगर ,रवि तरांवाली ,को भी कम करके नहीं आँका जा रहा इस सीट पर सबसे ज्यादा खेल कोई बिगाड़ेगा तो वो है  देवेंदर हंस और भाजपा विधायक कुलवंत बाजीगर क्योंकि देवेंद्र बागी होकर मैदान में उतरा है तो कुलवंत बाजीगर को अपनी टिकट कटने के मलाल है जिसके चलते सबसे ज्यादा नुकशान यहाँ भाजपा को ही उठाना पड़ सकता है

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