Atal hind

Author : Dilaram Bhardwaj

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उत्तर प्रदेश कविताएं हिमाचल प्रदेश

सत्या पांडेय जी लिखती है एक रचना वाराणसी से ‘जिन्दगी,

Dilaram Bhardwaj
जिन्दगी जिंदगी एक पहेली है सुख दुख की सहेली है ।। कभी सुख की भरी है कभी दुखों से भरी है।। कोई इंतजार में रोया...
कविताएं झारखंड मध्य प्रदेश हिमाचल प्रदेश

अनीता निधि लिखती है एक कविता झारखंड से

Dilaram Bhardwaj
—-  प्यास ———– ज्यों धरा है प्यासी ताके अंबर की ओर ओ बदरा बरसो झम झमा झम धरा का अकुलाये मन। त्यों ही मेरा भी...
कविताएं राजस्थान हरियाणा हिमाचल प्रदेश

वरिष्ठ कवि व पत्रकार दिलाराम भारद्वाज ‘दिल’ लिखते है एक रचना हिमाचल प्रदेश से

Dilaram Bhardwaj
:         आरजू बिना आरजू का कोई इंसा नहीं होता । किसी को चाहना कोई गुनाह नहीं होता । मिलते है दो दिल...
उड़ीसा ओडिशा छत्तीसगढ़ हिमाचल प्रदेश

सावित्री मिश्रा झारसुगुड़ा,ओडिशा से लिखती है ‘मां की ममता , एक रचना

Dilaram Bhardwaj
माँ की ममता ____________________________ माँ की ममता ईश्वर का अनमोल वरदान है, इस ममता के आँचल में बसता भगवान है। माँ की ममता से ही...
उत्तराखंड कविताएं राष्ट्रीय हरियाणा हिमाचल प्रदेश

कवि एवं पत्रकार दिलाराम भारद्वाज ‘दिल लिखते है एक रचना हिमाचल प्रदेश से -प्लास्टिक

Dilaram Bhardwaj
प्लास्टिक प्लास्टिक मेरा नाम है , प्रदूषण मेरा काम है । जमीन बंजर करता हूँ , सड़ता न में गलता हूँ । पानी में बह...
अमेरिका कविताएं हिमाचल प्रदेश

वरिष्ट कवि एवं पत्रकार दिलाराम भारद्वाज ‘ दिल , लिखते है एक रचना हिमाचल प्रदेश से ‘ दूर रहना ,

Dilaram Bhardwaj
दूर रहना दूर रहना है मुनासिब शातिर और दगाबाज से । बेबसी मिलती रहेगीसदा  दिखावे के रिवाज से। भेद मन का न बताना शैतान व...
किस्से कहानियां/कविताएं/चुटकलें झारखंड बिहार हिमाचल प्रदेश

अनीता निधि लिखती है एक रचना झारखंड से ‘ चाय हमारी चाह,

Dilaram Bhardwaj
चाय हमारी चाह ************* हर रोज सुबह तलब जगती है चाय की दिन शुरु होता नहीं बिना चाय के। आलस से अलसायी देह बिना चाय...
उड़ीसा किस्से कहानियां/कविताएं/चुटकलें झारखंड हिमाचल प्रदेश

सावित्री मिश्रा लिखती है एक रचना ओडिशा से ‘ विदाई

Dilaram Bhardwaj
विदाई ———– माता -पिता ने खुशी -खुशी कर दी बेटी की विदाई, पर किस्मत को शायद ये खुशी रास ना आई। दहेज लोलुपों को बहू...
किस्से कहानियां/कविताएं/चुटकलें जम्मू और कश्मीर

सरोज भारद्वाज लिखती है एक रचना जम्मू से

Dilaram Bhardwaj
घर की छत सिमट गई है घर की छत जिनपे कभी पतंगबाजी करते हुए गूंजा करती थी हमारी किलकारियां …. अब बिछ गई है रस्सियां...
उड़ीसा उत्तर प्रदेश

सावित्री मिश्रा लिखती है एक रचना ओडिशा से ‘ घूंघट ,

Dilaram Bhardwaj
घूँघट घूँघट पट से मौन मुखरित नयन कहते, चुपके -चुपके मुझसे मिलने आ जाना तुम । मेरे दो लाज भरे सुरमई नैनों संग , मुझसे...
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