ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था से राजस्व सेवाओं में आएगी पारदर्शिता और समयबद्धता : उपायुक्त नेहा सिंह

ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था से राजस्व सेवाओं में आएगी पारदर्शिता और समयबद्धता : उपायुक्त नेहा सिंह

ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था से राजस्व सेवाओं में आएगी पारदर्शिता और समयबद्धता : उपायुक्त  
पंजीकरण के बाद तय समय-सीमा में होगा इंतकाल

लंबित मामलों के लिए ऑनलाइन शिकायत निवारण की विशेष व्यवस्था

रणबीर सिंह,/ सोनीपत/ /27 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी, जवाबदेह एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पंजीकरण के बाद इंतकाल की प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना तथा आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

उपायुक्त ने बताया कि पंजीकरण के बाद इंतकाल की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके तहत पहले चार दिन तक इंतकाल पटवारी के लॉगिन में रहेगा, ताकि पटवारी द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा सके। यदि पांचवें दिन तक पटवारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो इंतकाल स्वतः कानूनगो के लॉगिन में अग्रेषित हो जाएगा। उन्होंने बताया कि कानूनगो को आवश्यक कार्रवाई के लिए दो दिन का समय दिया जाएगा।

सातवें दिन तक मामला आगे बढ़कर स्वतः सीआरओ के लॉगिन में पहुंच जाएगा। सीआरओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए चार दिन का समय निर्धारित किया गया है। यदि निर्धारित समय-सीमा में कोई कार्रवाई नहीं होती है तो 11वें दिन इंतकाल स्वतः जमाबंदी में दर्ज हो जाएगा। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इंतकाल किसी एक स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और प्रत्येक स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई हो। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए एक विशेष ऑनलाइन पेज/पोर्टल भी शुरू किया जाएगा, जहां कोई भी नागरिक अपने लंबित इंतकाल से संबंधित शिकायत दर्ज कर सकेगा।

नागरिक अपनी शिकायत के साथ संबंधित दस्तावेज भी ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग एवं अधिकारी द्वारा 10 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि इंतकाल नियमों के अनुसार किया जा सकता है तो नागरिक को इंतकाल की प्रति उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं, यदि किसी कारणवश इंतकाल नहीं किया जा सकता, तो संबंधित सीआरओ द्वारा स्पीकिंग ऑर्डर पारित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि स्पीकिंग ऑर्डर में स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि इंतकाल क्यों नहीं किया जा सकता, किस नियम अथवा कारण के आधार पर मामला स्वीकार नहीं किया गया तथा आवश्यकता होने पर आगे की प्रक्रिया क्या होगी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य नागरिकों को केवल यह कहकर वापस भेजना नहीं है कि इंतकाल नहीं हो सकता, बल्कि उन्हें लिखित एवं कारण सहित निर्णय उपलब्ध करवाना है। उपायुक्त ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक राजस्व सेवाएं नागरिकों को घर बैठे अथवा नजदीकी सीएससी केंद्र के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएं।

इसके तहत जमाबंदी, इंतकाल, डिजिटल हस्ताक्षरित रजिस्ट्री तथा अन्य राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जमाबंदी में व्यक्ति के हिस्से से संबंधित जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करवाने, छोटी-मोटी त्रुटियों के सुधार की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को अपने कार्य के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने बताया कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी को परेशान करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाना, जवाबदेही तय करना, पारदर्शिता बढ़ाना और आम नागरिक को समय पर सेवा उपलब्ध करवाना है।

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को वास्तविक तकनीकी समस्या, संचालन संबंधी कठिनाई अथवा कोई सकारात्मक सुझाव सामने आता है, तो उसे उचित माध्यम से विभाग के संज्ञान में लाया जा सकता है, ताकि उसका शीघ्र समाधान किया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि राजस्व सेवाओं में मानवीय हस्तक्षेप कम से कम हो, पारदर्शिता अधिक हो और नागरिकों को निर्धारित समय में सेवा मिले।

ऑटो म्यूटेशन और डिजिटल राजस्व सेवाओं के माध्यम से आमजन को सरल एवं सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य व्यवस्था को कठिन बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए व्यवस्था को सरल बनाना है। सरकार की इस पहल से राजस्व सेवाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी तथा नागरिकों को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।

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