बाबैन के सुल्तानपुर में संदिग्ध हालत में व्यक्ति की मौत

बाबैन के सुल्तानपुर में संदिग्ध हालत में व्यक्ति की मौत

जहरीला पदार्थ निगलने से व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी

बाबैन/सुरेश अरोड़ा /18 अगस्त 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के अंतर्गत आने वाले उप-तहसील क्षेत्र बाबैन के गांव सुल्तानपुर से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है। गांव के निवासी लगभग 50 वर्षीय बीर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ निगलने के कारण मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे गांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शोक और सन्नाटे का माहौल बना हुआ है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक बीर सिंह अपने परिवार के साथ गांव सुल्तानपुर में ही स्थायी रूप से रहते थे। उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी और दो युवा बेटे हैं। बीर सिंह अपने परिवार के मुख्य आजीविका कमाने वाले व्यक्ति थे और मेहनत-मजदूरी करके अपने घर का गुजर-बसर चला रहे थे। इस अचानक हुई घटना से उनका पूरा परिवार पूरी तरह से टूट गया है और रो-रोकर उनका बुरा हाल है।

बीर सिंह पेशे से मकान निर्माण कार्य के दौरान लेंटर (छत) का लोहे का जाल बांधने का कार्य करते थे। क्षेत्र के लोग उन्हें एक मेहनती और शांत स्वभाव के इंसान के रूप में जानते थे। रोजमर्रा की तरह वे अपने काम-धंधे में लगे रहते थे, लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि उनकी जान पर बन आई, यह बात फिलहाल रहस्य बनी हुई है और गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।

परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देर शाम उन्हें अचानक यह सूचना मिली कि बीर सिंह की तबीयत बेहद बिगड़ गई है और उन्होंने कथित तौर पर किसी अज्ञात जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना कोई समय गंवाए उन्हें इलाज के लिए नजदीकी लाडवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए।

लाडवा सीएचसी के आपातकालीन विभाग में तैनात डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बीर सिंह की स्थिति को अत्यधिक गंभीर पाया। उनकी गिरती हालत को देखते हुए और बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, करनाल के लिए रेफर कर दिया।

परिजनों और ग्रामीणों की मदद से बीर सिंह को तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से करनाल के मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की और आईसीयू वार्ड में ले जाकर उपचार शुरू किया। हालांकि, शरीर में जहर का प्रभाव अधिक फैल जाने के कारण इलाज के दौरान ही बीर सिंह ने दम तोड़ दिया और उनकी जीवन लीला समाप्त हो गई।

जैसे ही करनाल से बीर सिंह की मृत्यु की दुखद खबर गांव सुल्तानपुर पहुंची, मृतक के घर पर ग्रामीणों और रिश्तेदारों का तांता लग गया। किसी को भी इस बात पर सहसा यकीन नहीं हो रहा था कि हमेशा काम में व्यस्त रहने वाले बीर सिंह अब उनके बीच नहीं रहे। परिजनों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि बीर सिंह ने ऐसा कदम क्यों उठाया या गलती से कोई जहरीली चीज़ उनके पेट में चली गई।

घटना की सूचना बाबैन थाना पुलिस को मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। बाबैन थाना प्रभारी (एसएचओ) बलबीर दत्त अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही करनाल से पुलिस की एक टीम को पोस्टमार्टम की कागजी कार्रवाई के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने गांव सुल्तानपुर में घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई।

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने फोरेंसिक विशेषज्ञों (एसएफएल - सीन ऑफ क्राइम) की टीम को भी तुरंत मौके पर बुलाया। एसएफएल टीम ने घटनास्थल से विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। फोरेंसिक टीम ने उस जगह की सघन तलाशी ली जहां बीर सिंह मौजूद थे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जहरीला पदार्थ किस रूप में और कहां से आया था।

घटना की जानकारी मिलते ही लाडवा/बाबैन क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) निर्मल सिंह ने भी घटनास्थल और बाबैन थाने का दौरा किया। डीएसपी निर्मल सिंह ने स्थिति का जायजा लेने के बाद बताया कि पुलिस इस पूरे मामले की हर पहलू से बारीकी और निष्पक्षता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी भी जल्दबाजी में निष्कर्ष पर नहीं पहुंचेगी और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई करेगी।

डीएसपी निर्मल सिंह ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम द्वारा मृतक बीर सिंह के परिजनों, रिश्तेदारों और उनके साथ काम करने वाले साथियों के आधिकारिक बयान दर्ज किए जा रहे हैं। परिजनों के बयानों और घटनास्थल से जुटाए गए भौतिक व वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर ही आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यदि इसमें कोई बाहरी कारक या अन्य वजह सामने आती है तो उस पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि आजकल ग्रामीण इलाकों में मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी या पारिवारिक परेशानियों के चलते लोग अक्सर तनावग्रस्त हो जाते हैं। हालांकि बीर सिंह के मामले में अभी तक किसी स्पष्ट कारण का खुलासा नहीं हो सका है। गांव के प्रबुद्ध लोगों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके।

फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, करनाल में करवाकर उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का तकनीकी खुलासा हो पाएगा। बाबैन थाना पुलिस ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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