डी.ए. के बकाए के लिए कर्मचारियों को क्यों तरसा रही है ‘आप’ सरकार: बलबीर सिंह सिद्धू

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ते के बकाए को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी अपने हक की मांग कर रहे हैं। यह कोई खैरात नहीं, बल्कि उनकी मेहनत से जुड़ा जायज अधिकार है। सरकार को अब स्पष्ट करना चाहिए कि डी.ए. का बकाया कब तक अदा किया जाएगा।
स. सिद्धू ने कहा कि पंजाब में लगभग साढ़े छह लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई वर्षों से डी.ए. के बकाए का भुगतान न होने के कारण सरकार पर हजारों करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारी बनती है। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी अपने जीवन का बहुमूल्य समय सरकारी सेवा में लगा रहे हैं, उन्हें अपने ही हक के लिए धरने और प्रदर्शन करने के लिए मजबूर करना ‘आप’ सरकार की कर्मचारी विरोधी सोच को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए अदालत तक गए और अदालती कार्यवाही में भी उनके पक्ष में फैसले आए हैं। इसके बावजूद सरकार द्वारा मामले को लटकाना और आगे कानूनी लड़ाई की ओर ले जाने की तैयारी करना समझ से परे है। स. सिद्धू ने सवाल किया कि अगर सरकार के पास विज्ञापनों, समारोहों और अन्य प्रचार गतिविधियों के लिए पैसा है तो फिर कर्मचारियों के जायज अधिकार देने के समय खजाना खाली क्यों हो जाता है?
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सरकार बनने से पहले पंजाब के लोगों से बड़े-बड़े वादे किए थे और कहा था कि किसी भी वर्ग को अपने अधिकारों के लिए धरने-प्रदर्शन नहीं करने पड़ेंगे। लेकिन आज हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं। कर्मचारी, पेंशनभोगी, किसान, युवा और अन्य वर्ग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव के नाम पर सत्ता में आई सरकार ने लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए मजबूर कर दिया है।
बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या, बेरोजगारी, किसानों की चिंताएं और उद्योगों से जुड़े मुद्दों ने हर वर्ग को चिंता में डाल रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल बयानबाजी और विज्ञापनों की राजनीति से बाहर निकलकर जमीनी हकीकतों पर ध्यान देना चाहिए। पंजाब के लोग अब सरकार के वादों पर नहीं, बल्कि उसके कामों का हिसाब मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के अधिकारों की आवाज बुलंद की है और आगे भी इस संघर्ष में कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्मचारियों की जायज मांगों को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी। सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए हर संभव लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा।
स. बलबीर सिंह सिद्धू ने सरकार और अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि डी.ए. समेत अपने जायज अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले किसी भी कर्मचारी को डराने, धमकाने या किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि ‘आप’ सरकार या किसी अधिकारी द्वारा किसी कर्मचारी के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की गई तो कांग्रेस पार्टी उस कर्मचारी के साथ मजबूती से खड़ी होगी। स. सिद्धू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर ऐसी धक्केशाही की पूरी जांच करवाई जाएगी और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के जायज अधिकारों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के जो अधिकार लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें लटकाने के बजाय सरकार बनते ही प्राथमिकता देकर उनका समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर आने के लिए मजबूर नहीं करेगी, बल्कि उनके साथ बातचीत और न्याय के आधार पर नीति बनाई जाएगी।
अंत में सिद्धू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और ‘आप’ के राष्ट्रीय नेता अरविंद केजरीवाल से सीधा सवाल किया कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का डी.ए. बकाया आखिर कब दिया जाएगा? उन्होंने कहा कि सरकार को अब बहाने बनाने के बजाय तारीख बतानी चाहिए। सिद्धू ने कहा कि पंजाब के कर्मचारी अपने अधिकारों का हिसाब जरूर लेंगे और आने वाले समय में जनता सरकार के हर वादे और हर फैसले का हिसाब करेगी।