बलवीर सिंह सिद्धू ने पुआधी अखाड़ा परंपरा के संस्थापक भगत आसा राम बैदवाण की समाधि पर टेका माथा

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू ने पुआधी अखाड़ा परंपरा के संस्थापक भगत आसा राम बैदवाण जी की स्मारक पर पहुंचकर उनकी समाधि पर नतमस्तक होकर श्रद्धा के फूल अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने स्मारक की प्रबंधक समिति के सदस्यों से मुलाकात कर क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श भी किया।
भगत आसा राम बैदवाण का योगदान
इस अवसर पर सिद्धू ने कहा कि भगत आसा राम बैदवाण जी ने पुआधी लोक-संस्कृति, अखाड़ा परंपरा और सामाजिक एकता को मजबूत करने में अमूल्य योगदान दिया। उनकी स्मृति को संजोना और आने वाली पीढ़ियों तक उनकी विरासत को पहुंचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रबंधक समिति और क्षेत्रवासियों द्वारा दिए गए मान-सम्मान के लिए वह हमेशा उनके आभारी रहेंगे।
ऑडिटोरियम प्रोजेक्ट को लेकर सरकार पर सवाल
सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान उन्होंने भगत आसा राम बैदवाण जी की स्मृति को समर्पित एक आधुनिक ऑडिटोरियम बनाने के लिए विशेष प्रयास किया था। चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर की तर्ज पर तैयार किए जाने वाले इस ऑडिटोरियम के लिए सेक्टर-78 में जगह और फंड मंजूर करवाया गया था, ताकि पुआधी संस्कृति, लोक कलाओं, अखाड़ा परंपरा और सांस्कृतिक गतिविधियों को एक बड़ा मंच मिल सके। बलवीर सिंह सिद्धू ने कहा कि यह केवल एक इमारत बनाने का मामला नहीं है, बल्कि पुआध की समृद्ध विरासत और भगत आसा राम बैदवाण जी की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने का विषय है। सरकार द्वारा इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को लंबे समय से लटकाया जाना क्षेत्र के लोगों की भावनाओं से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि पंजाब की मौजूदा 'आप' सरकार ने बड़े-बड़े वादे तो बहुत किए, लेकिन जमीनी स्तर पर पहले से स्वीकृत और जनहित से जुड़े प्रोजेक्टों को भी अमलीजामा पहनाने में विफल रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस सरकार द्वारा जगह और फंड मंजूर किए जा चुके थे, तो फिर पौने पाँच साल में इसका निर्माण शुरू क्यों नहीं करवाया गया।
कांग्रेस सरकार बनने पर काम पूरा करने का भरोसा
बलवीर सिंह सिद्धू ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि पंजाब में कांग्रेस सरकार बनते ही भगत आसा राम बैदवाण ऑडिटोरियम के प्रोजेक्ट को बिना किसी और देरी के दोबारा शुरू करवाया जाएगा और इसके निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुआध की धरती की सांस्कृतिक विरासत को उचित मान-सम्मान दिलाने के लिए कांग्रेस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अंत में उन्होंने कहा कि भगत आसा राम बैदवाण जी की स्मृति केवल एक व्यक्ति की स्मृति नहीं, बल्कि पूरे पुआध की सांस्कृतिक पहचान और विरासत का हिस्सा है। इस विरासत को संरक्षित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर हरकेश चंद शर्मा मछली कलां, बूटा सिंह सोहाणा, गुरदीप सिंह गग्गा, जसविंदर सिंह छिंदा, मनजीत सिंह पप्पी, गुरदीप सिंह घोला, मास्टर सुखदेव सिंह सोहाणा, लखविंदर सिंह काला, दविंदर सिंह सीटीयू, नरेंद्र सिंह जलाणिया, अमरीक सिंह सरपंच मटौर, मलकीत सिंह मटौर, सच्चा सिंह मटौर, कृष्ण कुमार सेठी पप्पू बुम्बा, सोहाणा, दिलबर खान मटौर के अलावा बड़ी संख्या में नगरवासी और क्षेत्रवासी उपस्थित थे।