नरवाना में पांच दिवसीय मधुमक्खी पालन और रखरखाव प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

पंजाब नेशनल बैंक किसान प्रशिक्षण केंद्र, सच्चा खेड़ा में अनुसूचित जाति योजना के अंतर्गत पांच दिवसीय मधुमक्खी पालन और उनका रखरखाव प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम भाकृअनुप- राष्ट्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र हिसार की वित्तीय सहयोग द्वारा किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं, महिलाओं एवं किसानों को स्वरोजगार के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ और उद्देश्य
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र के निदेशक श्री हितेश कालरा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पारंपरिक खेती के साथ-साथ सहायक व्यवसायों को अपनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। मधुमक्खी पालन एक ऐसा व्यवसाय है, जिसे कम पूंजी में शुरू करके बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। उन्होंने बताया कि मधुमक्खियाँ न केवल शहद उत्पादन करती हैं, बल्कि परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सरकार की योजनाएं और युवाओं के लिए अवसर
उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मधुमक्खी पालन के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
वैज्ञानिक तकनीक और व्यावहारिक प्रशिक्षण
इसमें मधुमक्खियों की विभिन्न प्रजातियाँ, उनके जीवन चक्र, बॉक्स प्रबंधन, शहद उत्पादन एवं संग्रहण की आधुनिक तकनीकें, रोग एवं कीट नियंत्रण, तथा उत्पाद के विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि वे स्वयं इस व्यवसाय को आसानी से प्रारंभ कर सकें।
प्रमाण पत्र वितरण और भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे तथा उन्हें मधुमक्खी पालन को एक सफल व्यवसाय के रूप में अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा। केंद्र द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। फोटो 7 नरवाना : मधुमक्खी पालन और उनका रखरखाव प्रशिक्षण कार्यक्रम शुभारंभ दौरान अधिकारीगण व प्रशिक्षु (छाया : जेठी)