नरवाना के केएम राजकीय महाविद्यालय में भारतेंदु हरिश्चंद्र जयंती पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन

केएम राजकीय महाविद्यालय नरवाना में हिंदी विभाग एवं भारतेंदु परिषद द्वारा निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत हिंदी साहित्य के युगपुरुष एवं आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती के उपलक्ष್ಯ में किया गया था। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा तथा साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना था। इसके साथ ही इसका उद्देश्य रचनात्मक लेखन क्षमता का विकास करना और हिंदी के महत्त्व के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा था।
प्रतियोगिता में महाविद्यालय की विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों को हिंदी भाषा तथा रोजगार की संभावनाएं, राष्ट्र निर्माण में हिंदी की भूमिका, सोशल मीडिया और हिंदी भाषा तथा हिंदी का वर्तमान स्वरूप और भविष्य आदि से संबंधित विषयों पर निबंध लेखन का अवसर दिया गया। प्रतिभागियों ने अपने विचारों को बहुत ही मौलिक तथा प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
भारतेंदु हरिश्चंद्र का योगदान और वक्ता के विचार
इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जगबीर दूहन ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतेंदु हरिश्चंद्र ने हिंदी को आधुनिक चेतना, राष्ट्रीय भावना और सामाजिक सरोकारों से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने साहित्य को समाज के प्रति उत्तरदायी बनाने के साथ-साथ हिंदी गद्य भाषा के विकास के लिए भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ मीनू सिंह ने हिंदी विभाग द्वारा की जा रही सभी गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को इस तरह की प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित भी किया।
प्रतियोगिता के विजेता और परिणाम
कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर शुभम सिंह ने प्रतियोगिता का परिणाम घोषित किया। एमए हिंदी द्वितीय वर्ष की छात्रा रागिनी ने इसमें प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा खुशी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। बीएससी ऑनर्स फिजिक्स प्रथम वर्ष के छात्र प्रतीक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा एमए द्वितीय वर्ष की छात्रा पवन व शिवानी ने संयुक्त रूप से सांत्वना स्थान प्राप्त किया है।
निर्णायक मंडल और पुरस्कार वितरण
निर्णायक मंडल की भूमिका प्रोफेसर सुलतान सिंह, कविता कुमारी व सुमन देवी ने निभाई। निर्णायक मंडल द्वारा विद्यार्थियों के निबंधों का मूल्यांकन विषय-वस्तु, मौलिकता, भाषा-शैली, प्रस्तुतीकरण तथा विचारों की स्पष्टता के आधार पर किया गया है। सभी विजेता प्रतिभागियों को आगामी 14 सितंबर हिंदी दिवस के दिन स्मृति चिन्ह व नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।