भारतीय किसान यूनियन ने लाडवा में की बैठक, 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन ने लाडवा में की बैठक, 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन ने किसान विश्राम गृह में की बैठक, एसडीएम राजेश सोनी को सौंपा ज्ञापन

15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करे सरकार: रामधारी

मानव गर्ग/लाडवा /10 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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भारतीय किसान यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को किसान विश्राम गृह में आयोजित की गई। यह बैठक जिलाध्यक्ष रामधारी भूरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में किसानों से जुड़े हुए विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद भारतीय किसान यूनियन के सभी पदाधिकारी और सदस्य एकजुट हो गए। इसके बाद सभी लोग लाडवा एसडीएम राजेश सोनी के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू करने सहित किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।

जिलाध्यक्ष रामधारी भूरा ने इस दौरान जानकारी देते हुए कहा कि अब धीरे-धीरे अनाज मंडियों में परमल धान की आवक बढ़ने लगी है। ऐसी स्थिति में सरकार को किसानों के हित में कड़ा कदम उठाना चाहिए। सरकार को 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अभी तक सरकार की तरफ से 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने को लेकर कोई भी स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इस वजह से किसानों के मन में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि धान की फसल अब मंडियों में पहुंचने लगी है। आने वाले दिनों में मंडियों में धान की आवक और अधिक बढ़ने वाली है। इसलिए सरकार को समय रहते खरीद की सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए। सरकार को 15 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू कर देनी चाहिए। ऐसा करने से किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने गन्ने का भाव 750 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।

उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ने की फसल तैयार करने में काफी खर्च उठाना पड़ता है। किसानों को बीज, खाद, दवाइयों, सिंचाई और मजदूरी सहित काफी खर्च वहन करना पड़ता है। मौजूदा समय के भाव में किसानों के लिए अपनी लागत निकालना भी बहुत मुश्किल हो रहा है। सरकार को किसानों की लागत और उनकी मेहनत को ध्यान में रखना चाहिए। सरकार को गन्ने का उचित भाव निर्धारित करना चाहिए।

उन्होंने पिछले वर्ष की आलू की फसल के भाव अंतर की बकाया राशि का भुगतान भी जल्द करवाने की मांग की। किसानों की यह आलू फसल से जुड़ी राशि अभी तक बकाया चल रही है। सरकार को इस बकाया राशि को तुरंत जारी कर देना चाहिए। इससे किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो सकेंगे। मजबूत होने के बाद वे अपने खेतों में दोबारा से आलू की फसल की बुआई कर पाएंगे।

बैठक समाप्त होने के बाद भारतीय किसान यूनियन के सभी पदाधिकारी और सदस्य एक साथ किसान विश्राम गृह से एसडीएम कार्यालय के लिए रवाना हुए। उन्होंने वहां पहुंचकर एसडीएम राजेश कुमार सोनी को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार से 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करवाने की अपनी मांग मजबूती से रखी। इस पूरे अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के अनेक पदाधिकारी और सदस्य मौके पर मौजूद रहे।

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