भिवानी में अध्यापिका मनीषा की संदिग्ध मौत मामला: सीबीआई ने पंचकूला अदालत में दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट

चंडीगढ़ से सामने आई बड़ी खबर के अनुसार, हरियाणा के भिवानी में पिछले साल संदिग्ध परिस्थितियों में मारी गई अध्यापिका मनीषा की मौत के मामले में सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इस मामले की जांच पिछले करीब आठ महीने से चल रही थी। सीबीआई ने अपनी यह रिपोर्ट पंचकूला स्थित अदालत में दाखिल की है। सीबीआई की तरफ से गुरुवार की रात को मृतका के पिता को इस बात की आधिकारिक सूचना दी गई थी।
मनीषा के लापता होने और शव मिलने की पूरी घटना
यह पूरी घटना 11 अगस्त 2025 की है, जब 19 वर्षीय मनीषा अपने घर से स्कूल और फिर नर्सिंग कॉलेज जाने के लिए निकली थी। इसके बाद वह अचानक लापता हो गई थी और उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। इसके दो दिन बाद यानी 13 अगस्त 2025 को भिवानी के सिंघानी गांव के खेतों में उसका शव बरामद हुआ था। जब इस मामले की शुरुआती जांच हुई, तो स्थानीय पुलिस ने इसे आत्महत्या करार दिया था। स्थानीय पुलिस की इस थ्योरी का परिजनों और ग्रामीणों ने बहुत भारी विरोध किया था।
सीबीआई जांच और अदालत में रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया
जब चारों तरफ से इस मामले में दबाव लगातार बढ़ने लगा, तब सरकार ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। अब सीबीआई ने अपनी जांच पूरी कर ली है और पंचकूला स्थित स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, सीबीआई की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इस मामले के मुख्य शिकायतकर्ता संजय स्वामी को एक पत्र जारी किया गया था। इस पत्र के माध्यम से उन्हें जांच पूरी होने और अंतिम अदालत में रिपोर्ट पेश किए जाने की पूरी जानकारी दी गई थी।
सीबीआई कार्यालय के पत्र और आगे की न्यायिक प्रक्रिया
सीबीआई के स्पेशल क्राइम-टू, नई दिल्ली कार्यालय से एक पत्र जारी किया गया था। इस पत्र में यह बताया गया था कि शिकायत से संबंधित सीबीआई केस संख्या आरसी-0502025-0010 तथा थाना लोहारी, जिला भिवानी में दर्ज एफआईआर संख्या 135/2025 की जांच पूरी हो चुकी है। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 193 के तहत अंतिम रिपोर्ट पंचकूला की अदालत में दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी की है। अब इस मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट सामने आने के बाद अदालत में आगे की न्यायिक प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण होगी। अदालत इस रिपोर्ट पर पूरी तरह विचार करेगी और उसके बाद कानून के अनुसार अपना आगामी निर्णय लेगी।