भिवानी के शिक्षक शैलेश राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए हुए चयनित, शिक्षा के क्षेत्र में दिया है उत्कृष्ट योगदान

भिवानी के शिक्षक शैलेश राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए हुए चयनित, शिक्षा के क्षेत्र में दिया है उत्कृष्ट योगदान

भिवानी जिले के पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लेघां के पीजीटी फिजिक्स शैलेश कुमार को राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। शिक्षक के रूप में राष्ट्र निर्माता की बेहतरीन भूमिका अदा कर रहे हैं शैलेश। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समर्पण के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है। एक शिक्षक के रूप में राष्ट्र निर्माता बनकर उनका काम शिक्षा विभाग ही नहीं बल्कि समाज में भी अनुकरणीय एवं सराहनीय है।

शैलेश कुमार का शुरुआती सफर और विज्ञान प्रचार

शैलेश कुमार ने साल 2006 में अतिथि भौतिक प्रवक्ता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। तब उनके पास महज सात विद्यार्थी थे, जो दो साल में बढ़कर 72 से ज्यादा हो गए। विज्ञान के प्रचार के लिए वे साइंस वैन लेकर जिले के लगभग सभी स्कूलों में गए। उन्होंने वैज्ञानिक गतिविधियों से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया। उन्होंने 75 पायलट स्कूल, आंगनवाड़ी, पंचायत और जिला प्रशासन को एक मंच पर जोड़ने का सफल प्रयोग भी किया।

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कोरोना काल और डिजिटल शिक्षा में योगदान

कोरोना काल के दौरान उन्होंने ऑनलाइन क्लासेज और स्टडी मटीरियल तैयार किया। उन्होंने इस तरह हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाई, जिसके लिए साल 2021 में प्रशासन ने उन्हें सम्मानित किया। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) गुरुग्राम ने भी एजुसेट पर कक्षाएं लेने के लिए उन्हें सम्मानित किया है। उन्होंने भौतिक विज्ञान का पूरा पाठ्यक्रम यूट्यूब पर निशुल्क उपलब्ध कराया है।

लेघां के सरकारी स्कूल को दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान

उनके मार्गदर्शन में स्कूल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक बड़ी पहचान बनाई। साल 2022 में यूएनडब्ल्यूजीआईसी सम्मेलन में उनके छात्रों के प्रोजेक्ट ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। ऐसा करने वाला लेघां हरियाणा का पहला सरकारी स्कूल बना। साल 2025 में वे एनसीईआरटी का स्वर्ण पदक और देश का पहला राष्ट्रीय समृद्धि अवार्ड पाने वाले पहले शिक्षक बने। हाल ही में उनके छात्रों के शोध गिरते भूजल स्तर और अमृत सरोवर योजना को ब्रिक्स सम्मेलन 2026 में आईआईटी तिरुपति में प्रस्तुत किया गया।

प्रशिक्षण और पुरस्कार

वे अब तक करीब 4000 शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुके हैं। उनकी अटल टिंकरिंग लैब को दो बार राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है। शिक्षा के प्रति शैलेश कुमार के समर्पण और मेहनत से उन्हें हरियाणा सरकार ने राज्य स्तर पर पुरस्कार के लिए चयनित किया है। इस उपलब्धि से उनके विद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।

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