शुक्रवार को जिला परिषद चेयरपर्सन अनिता मलिक की अध्यक्षता तथा अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवां की उपस्थिति में जिला परिषद भिवानी की एक बैठक जिला परिषद कार्यालय में आयोजित की गई। इस दौरान उपस्थित जिला पार्षदों के बीच विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। बैठक की मुख्य बातें इस प्रकार हैं: एसएफसी बजट अभी तक अकाउंट में क्यों नहीं आया, अवैध कॉलोनियों पर क्या कार्यवाही हुई, भारत भवन की बोली के लिए सीईओ का धन्यवाद, अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जाँच व कानूनी कार्यवाही की माँग, चेयरपर्सन मैडम के लिए नई गाड़ी खरीदी जाए, तोशाम में पोस्टर हटाने के मामले में जवाब-तलब, पुलिस प्रशासन के खिलाफ निंदा का प्रस्ताव, खानक माइनिंग में अवैध वसूली की निंदा, और देवावास सरपंच के मामले में पंचायत सेक्रेटरी पर कार्यवाही की माँग।
चर्चा करते हुए जिला परिषद चेयरपर्सन अनीता मलिक ने मांग उठाई की
एसएफसी का जो बजट 2 महीने पहले जिसकी चिट्ठी आई थी अभी तक अकाउंट में क्यों नहीं आया। अवैध कॉलोनियों पर क्या कार्यवाही हुई, इनको रोकने के लिए उपस्थित जिला पार्षदो की मौजूदगी में प्रस्ताव पास किया गया और प्रत्येक तहसील में कॉपी भेजने के लिए कहा गया की वो इन अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्रियां ना करें डीटीपी द्वारा कार्यवाही की जाए। बैठक के दौरान भारत भवन की बोली के लिए सीईओ का धन्यवाद किया गया। इस दौरान कहा गया कि जिन अधिकारियों ने सदन को गुमराह किया कभी कोर्ट केस के नाम से कभी खण्डर के नाम से उनके विरुद्ध जो जिला परिषद की इनकम को नुकसान पहुंचाया वो उनकी तनख्वा से वसूली की जाए तथा इन अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जाँच व कानूनी कार्यवाही की जाए। जिला परिषद व डीआरडीए के जो भी कार्य करवाये जा रहे हैं उन समस्त कार्यो की नोटिंग भुगतान से पूर्व अध्यक्ष के सम्मुख प्रस्तुत करने के उपरांत उन कामों का भुगतान किया जाए।
चेयरपर्सन मैडम के लिए नई गाड़ी खरीदी जाए।
तोशाम में पोस्टर हटाने के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने किस एक्ट किस नियम से आदेश दिए, एसडीएम के मौखिक आदेश हैं तो लिखित कॉपी क्यों नहीं ली, एसडीएम ने मौखिक आदेश किस एक्ट में दिए जिसके पोस्टर नहीं हटे उन पर क्या कार्यवाही की गई जिसके लिए तोशाम एसडीएम तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी लिखित में जवाब दें।
भिवानी पुलिस प्रशासन जो कोर्ट के आदेश के बाद भी कार्यवाही नहीं करते जो बहुत ही निंदनीय कार्य है सदन में उपस्थित सभी की सहमति से पुलिस प्रशासन के खिलाफ निंदा का प्रस्ताव पास किया गया। इस दौरान चेयरपर्सन अनिता मलिक ने कहा कि मुझे सुरक्षा नहीं दे रखी मुझे मरवाने के लिए राजनैतिक षड्यंत्र रचे जा रहे हैं भिवानी, हिसार, दादरी व राजस्थान के क्रिमिनलों को मेरे क्रैशरों के आगे खड़ा किया जाता है जो सब सीसीटीवी में रिकॉर्ड है।
खानक माइनिंग में 11 करोड़ रुपए महीना अवैध वसूली करवाई जा रही है और पत्थर लेने जा रही गाड़ियों से 1.50 करोड़ रुपए महीना वसूला जा रहा है
इतनी बड़ी वसूली को पूरा भिवानी प्रशासन मूक-दर्शक बनकर देख रहा है सदन अवैध वसूली की निंदा करता है। अवैध वसूली के दोषियों पर कार्यवाही की मांग करता है। बैठक के दौरान कहा गया कि सभी पार्षदों का व चेयरमैन का ऑफिसियल आई-डी कार्ड बनवाया जाए। इसके अतिरिक्त बैठक में मुद्दा उठाया गया कि गांव देवावास का जो सरपंच सुल्तान सरपंच पद से हटाया गया है उस पर जो आरोप लगा है कि उसने जो गलत पेमेंट निकाली, दोनों एक्सईएन यह बताएं कि पंचायत सेक्रेटरी के हस्ताक्षर के बिना क्या कोई सरपंच पेमेंट निकाल सकता है।
बैठक में मांग उठाई गई की जिला परिषद को जो डीएमएफ का हिस्सा बनता है वो मंगवाया जाए।