भोपाल में अंडकोष चोर गैंग का खुलासा? किशोर की हत्या से हड़कंप

भोपाल में अंडकोष चोर गैंग का खुलासा? किशोर की हत्या से हड़कंप

भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या। अंडकोष बेचने के लालच में साजिश का शक। पोस्टमॉर्टम में अंग गायब। पुलिस ने पांच आरोपी गिरफ्तार किए। पूरी जांच की जानकारी।

भोपाल/ 18 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

भोपाल के जहांगीराबाद इलाके से 6 अगस्त को गायब हुए एक 17 साल के किशोर की मौत के मामले में बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पांच दिन बाद 11 अगस्त को भोपाल के छोटे तालाब में एक अज्ञात लाश तैरती हुई मिली थी। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर मर्ग कायम किया और जांच शुरू की। शव काफी पुराना हो चुका था, जिससे उसकी पहचान तुरंत नहीं हो सकी थी।

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14 अगस्त को मृतक के परिजनों ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर उसकी पहचान अपने गायब बेटे के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल खंगालना शुरू किया। इस दौरान पुलिस को कुछ संदिग्धों की जानकारी मिली, जिसके आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया।

हिरासत में लिए गए लोगों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने किशोर को एक बड़ा लालच दिया था। उन्होंने उसे अपना अंडकोष (टेस्टिकल) बेचने के बदले 2 करोड़ रुपये देने का वादा किया था। आरोपियों का दावा था कि इसे किसी मेडिकल या अवैध मानव अंग व्यापार के जरिए विदेश भेजा जाना था।

सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब डॉक्टर ने मृतक का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के दौरान किशोर के शरीर से अंडकोष गायब पाया गया। इस बात ने पुलिस के शक को और मजबूत कर दिया कि शहर में कोई ऐसा गिरोह सक्रिय हो सकता है जो पैसों का लालच देकर मानव अंगों की तस्करी कर रहा है। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि यह सिर्फ लालच देकर झांसा देने का मामला है या इसके पीछे वाकई में कोई अंतरराष्ट्रीय मानव अंग तस्करी रैकेट काम कर रहा है।

जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि भोपाल में कुछ समय पहले भी एक अन्य अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था, जिसके शरीर से अंडकोष गायब थे। दो अलग-अलग मामलों में एक जैसी कड़ी मिलने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस अब पुराने मामलों की फाइलों को भी दोबारा खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या दोनों घटनाओं के तार आपस में जुड़े हुए हैं या यह किसी एक ही गैंग का काम है।

भोपाल के एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। संदिग्धों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस कथित सौदे के पीछे भोपाल से बाहर या विदेश के लोग भी शामिल हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें इस पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन के वादों और मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि उनके मासूम बेटे को पैसों का झूठा सपना दिखाकर जाल में फंसाया गया और फिर दर्दनाक तरीके से उसकी जान ले ली गई। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने में दें।

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