मालकिन और देवर का अश्लील वीडियो किया वायरल, 3 आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर के मस्तूरी में नौकरी से निकाले जाने का खौफनाक बदला: पूर्व कर्मचारियों ने मालकिन और देवर का अश्लील वीडियो किया वायरल, पुलिस ने तीन आरोपियों को भेजा जेल
बिलासपुर में नौकरी से निकालने पर नाराज दो स्टाफ ने मालिक की पत्नी और उसके चचेरे भाई का संबंध बनाने का वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया और फिर बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया
बिलासपुर (छत्तीसगढ़) /14 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स /
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद ही हैरान कर देने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ नौकरी से निकाले जाने से बौखलाए पूर्व कर्मचारियों ने अपने ही मालिक से बदला लेने के लिए घिनौनी साजिश रच डाली। आरोपियों ने कारोबारी की पत्नी और उनके चचेरे भाई (देवर-भाभी) का अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया और बात न मानने पर उस संवेदनशील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर मस्तूरी थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें अदालत के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है।
यह पूरा मामला बिलासपुर जिले के मस्तूरी पुलिस थाना क्षेत्र का है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय अजय चौधरी, 24 वर्षीय नरेश पटेल और 38 वर्षीय पीतांबर सिंह के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी बिलासपुर के ही खपरी लिमतरा गांव के रहने वाले हैं और पीड़ित कारोबारी के यहाँ पहले काम किया करते थे। पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर यह कानूनी कार्रवाई की है।
मामले का विस्तृत ब्योरा देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित कारोबारी बिलासपुर क्षेत्र में एग्रीकल्चर ट्रांसपोर्ट यानी कृषि से जुड़े परिवहन का बड़ा व्यवसाय करता है। उसके पास हार्वेस्टर और ट्रैक्टर जैसी कई गाड़ियां हैं, जिन्हें वह खेती-किसानी के काम में किराए पर चलाने और माल ढुलाई के काम में इस्तेमाल करता है। अपने इस कारोबार को संभालने और हिसाब-किताब रखने के लिए उसने खपरी लिमतरा के रहने वाले पीतांबर सिंह और अजय चौधरी को नौकरी पर रखा हुआ था। दोनों काफी समय से कारोबारी के यहाँ गाड़ियों के संचालन और पैसों के लेन-देन का काम देख रहे थे।
सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन कुछ समय पहले कारोबारी को अपने व्यवसाय के हिसाब-किताब में गड़बड़ी और पैसों की हेराफेरी का शक हुआ। जब कारोबारी ने अपने स्तर पर खातों और पुराने लेन-देन की बारीकी से जांच की, तो पता चला कि पीतांबर सिंह और अजय चौधरी मिलकर पैसों का गबन कर रहे थे और व्यापार में हेराफेरी कर रहे थे। धोखेबाजी का पता चलते ही पीड़ित कारोबारी ने सख्त कदम उठाया और दोनों आरोपियों को तुरंत नौकरी से बाहर निकाल दिया। इसके साथ ही उन्हें दोबारा काम पर न आने की सख्त हिदायत भी दे दी।
नौकरी से अचानक निकाले जाने और पैसों की हेराफेरी पकड़े जाने के कारण दोनों आरोपी कारोबारी से मन ही मन भारी रंजिश रखने लगे। वे कारोबारी को नीचा दिखाने और उससे मोटी रकम ऐंठने की साजिश रचने लगे। इसी साजिश में उन्होंने अपने एक और साथी नरेश पटेल को भी शामिल कर लिया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि जब आरोपी कारोबारी के यहाँ काम करते थे, उसी दौरान उन्होंने चुपके से कारोबारी की पत्नी और उसके चचेरे भाई (देवर) का एक निजी व अश्लील वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। आरोपी इस वीडियो का इस्तेमाल सही समय आने पर हथियार के रूप में करना चाहते थे।
नौकरी छूटने के बाद आरोपियों ने उसी गुप्त वीडियो के आधार पर कारोबारी और उसके परिवार को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वे वीडियो को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की धमकी देकर कारोबारी से पैसों की मांग करने लगे। जब पीड़ित परिवार ने उनकी नाजायज मांगों को मानने से इनकार कर दिया, तो आरोपियों का दुस्साहस और बढ़ गया। बीते 9 जुलाई की रात लगभग 10 बजे तीनों आरोपी पीड़ित के चचेरे भाई के पास पहुंचे। वहां उन्होंने गाली-गलौज की, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपमानित किया और जान से मारने की सीधी धमकी दी।
जब धमकियों के बाद भी पीड़ित परिवार आरोपियों के दबाव में नहीं आया, तो आरोपियों ने अपनी रंजिश निकालने के लिए उस अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड करके वायरल कर दिया। वीडियो के वायरल होते ही पीड़ित परिवार और उनके रिश्तेदारों में हड़कंप मच गया और उन्हें भारी सामाजिक मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। लगातार मिल रही धमकियों और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से परेशान होकर पीड़ित परिवार अंततः हिम्मत जुटाकर मस्तूरी थाने पहुँचा और पुलिस को आपबीती सुनाई।
मामले की संवेदनशीलता और महिलाओं से जुड़े अपराध को गंभीरता से लेते हुए मस्तूरी थाना पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए तत्काल FIR दर्ज की। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए उनके संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों नामजद आरोपियों—अजय चौधरी, नरेश पटेल और पीतांबर सिंह को खपरी लिमतरा इलाके से कस्टडी में ले लिया। पुलिस ने उनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नए आपराधिक कानून 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 77 (महिला की लज्जा भंग करना/ताक-झांक), 79, 296 (अश्लीलता), 351(3) ( आपराधिक धमकी), सूचना प्रौद्योगिकी कानून (IT Act) की धारा 66ई, 67, 67बी तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (निवारण) अधिनियम (SC-ST Act) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया से उक्त आपत्तिजनक कंटेंट को हटवाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत (रिमांड) में जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। बिलासपुर पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति का निजी या आपत्तिजनक वीडियो शेयर करना या उसे आगे फॉरवर्ड करना कानूनन अपराध है। यदि किसी के पास ऐसा कोई वीडियो आता है, तो उसे आगे भेजने के बजाय तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें, ताकि पीड़ित की गोपनीयता बनी रहे और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।