कैथल: कृषि वितरण निगम और स्मार्ट मीटर योजना के विरोध में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को भाकियू चढ़ूनी का पूर्ण समर्थन

भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट ने कस्बा ढाड में किसानों को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया है। हरियाणा सरकार द्वारा नया कृषि वितरण निगम (Agri-DISCOM) बनाए जाने, पैरेलल लाइसेंस जारी करने तथा स्मार्ट मीटर योजना को लेकर बिजली कर्मचारियों द्वारा 11, 12 और 13 अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल को भाकियू चढ़ूनी ने पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। संगठन प्रदेशभर में बिजली कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा तथा किसानों और आम उपभोक्ताओं को इन मुद्दों के प्रति जागरूक करेगा।
बिजली व्यवस्था से सीधा जुड़ा है किसानों और आम जनता का जीवन
युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट ने कहा कि बिजली केवल कर्मचारियों से जुड़ा विभागीय विषय नहीं है, बल्कि यह किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के जीवन से सीधे जुड़ी आवश्यक सेवा है। हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है और खेती के लिए बिजली की निर्बाध एवं उचित दरों पर उपलब्धता बेहद जरूरी है। ऐसे में बिजली वितरण व्यवस्था में होने वाले किसी भी बड़े बदलाव का सीधा प्रभाव किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
नए कृषि वितरण निगम और पैरेलल लाइसेंस को लेकर किसानों में चिंता
उन्होंने कहा कि नए कृषि वितरण निगम और पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था को लेकर किसानों में अनेक सवाल और चिंताएं हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इन बदलावों से किसानों को मिलने वाली बिजली सुविधाओं, कृषि बिजली की लागत, सब्सिडी और आम उपभोक्ताओं के बिजली बिलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। यदि भविष्य में बिजली व्यवस्था में निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ती है तो इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
स्मार्ट मीटर योजना और बिलिंग व्यवस्था पर सरकार से मांग
स्मार्ट मीटर योजना पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों और आम उपभोक्ताओं की आशंकाओं को दूर करने के लिए व्यापक स्तर पर जानकारी देनी चाहिए। बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता, गलत बिल की स्थिति में शिकायत का त्वरित समाधान तथा उपभोक्ता हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। बिजली कर्मचारी प्रदेश की बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी चिंताओं को केवल कर्मचारियों का मुद्दा नहीं माना जा सकता है।
गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेगी भाकियू चढ़ूनी
किसान और बिजली कर्मचारी एक-दूसरे से सीधे जुड़े हुए हैं, क्योंकि बिजली व्यवस्था का सीधा असर खेतों और किसानों पर पड़ता है। भाकियू (चढ़ूनी) 11, 12 और 13 अगस्त की हड़ताल को प्रदेशभर में अपना पूर्ण समर्थन देगी और संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों को बिजली व्यवस्था में प्रस्तावित बदलावों की जानकारी देंगे। किसानों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए जागरूक किया जाएगा। साथ ही सरकार से मांग की गई है कि किसी भी बड़े बदलाव को लागू करने से पहले किसान संगठनों, बिजली कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के प्रतिनिधियों से व्यापक चर्चा की जाए।