कारोला हत्याकांड: पर्ल चौधरी ने उठाई नायब सैनी सरकार की कानून-व्यवस्था पर उंगलियां, कहा- पुलिस की लापरवाही से गई सागर की जान

Atal Hind9 August 20264 min read31 viewsगुरुग्राम
कारोला हत्याकांड: पर्ल चौधरी ने उठाई नायब सैनी सरकार की कानून-व्यवस्था पर उंगलियां, कहा- पुलिस की लापरवाही से गई सागर की जान

03 **को शिकायत, 05 को सागर की हत्या, एसएचओ निलंबित किया जाए-पर्ल चौधरी
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**पुलिस की समय रहते कार्रवाई नहीं करने की लापरवाही से परिवार ने बेटा खोया
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**कारोला हत्याकांड ने खोली भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था की पोल
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पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया सागर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई।

फतह सिंह उजाला/कारोला (फरुखनगर)09 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

गांव कारोला में 5 अगस्त को दिनदहाड़े हुई सागर की निर्मम हत्या ने भाजपा की नायब सैनी सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट पर्ल चौधरी ने आरोप लगाया कि पुलिस की समय रहते कार्रवाई नहीं करने की लापरवाही के कारण एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया। पर्ल चौधरी ने कहा कि 3 अगस्त की रात सागर के भाई, पिता और माता के साथ गांव में ही मारपीट की गई थी। घटना की सूचना 112 नंबर पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों का मेडिकल भी कराया गया। इसके बावजूद फर्रुखनगर थाने में परिवार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार लगातार पुलिस से गुहार लगाता रहा कि आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देकर गए हैं और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसका परिणाम यह हुआ कि 5 अगस्त को बैंगलोर से ड्यूटी करके घर लौट रहे सागर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई।

बावजूद फर्रुखनगर थाने में शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं

कांग्रेस नेत्री श्रीमती चौधरी संडे को गांव कारोला पहुंची और पीड़ित परिवार से मिलकर 

इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। इस मौके पर मृतक सागर की बहन और परिजनों सहित ग्रामीणों के द्वारा वारदात की विस्तार से जानकारी देते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने पीड़ित परिवार को यथासंभव हर प्रकार की मदद किया जाने का भरोसा दिलाया। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने कहा कि इस पूरे मामले में बावजूद फर्रुखनगर थाने में परिवार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं। उन्होंने मांग की कि एसएचओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई जाए तथा 3 अगस्त को हुई घटना की शिकायत, 112 कॉल, मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच करते हुए पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के साथ दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए।

बहन दोनों भाइयों की जान बचाने की गुहार लगा रही

पर्ल चौधरी ने कहा ने कहा कि इस हत्याकांड  की सबसे दर्दनाक तस्वीर मृतक सागर की बहन का वह वीडियो है, जिसमें वह अपने भाई की हत्या के बाद अपने बाकी दोनों भाइयों की जान बचाने की गुहार लगा रही है। पर्ल चौधरी ने कहा, “नायब सैनी जी, इस बहन की पुकार को सुनिए। वह अपने लिए न्याय की मांग करने के साथ-साथ अपने बाकी दोनों भाइयों की जिंदगी बचाने की गुहार लगा रही है। इससे ज्यादा भयावह स्थिति कानून-व्यवस्था के लिए क्या हो सकती है?” उन्होंने कहा कि यदि 3 अगस्त को पुलिस ने परिवार की शिकायत पर एफआईआर  दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की होती, तो संभवतः सागर की जान बचाई जा सकती थी। मृतक की बहन ने भी  बिलखते हुए कहा कि नौकरी और पैसे से ज्यादा जरूरी उसके दोनों भाइयों की जिंदगी की सुरक्षा है 

कानून-व्यवस्था केवल दावों और बयानों से नहीं चलती"

पर्ल चौधरी ने सरकार से मांग की कि सागर हत्याकांड के सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और पुलिस की लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

उन्होंने कहा, “कानून-व्यवस्था केवल दावों और बयानों से नहीं चलती। जब एक परिवार पुलिस को संभावित खतरे की सूचना देता है और दो दिन बाद उसी परिवार का सदस्य दिनदहाड़े मारा जाता है, तो यह सरकार और पुलिस प्रशासन के लिए बेहद गंभीर सवाल है।”

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12 टांके, 5 दिन और  कपड़े भी नहीं बदले गए

गांव की ही एक बुजुर्ग महिला ने संडे को खुलासा किया कि हमलावरों के द्वारा सागर के पिता-माता पर हमला किया जाने के बाद पिता के सिर में 12 टांके आए हैं। इस घटना को आज 5 दिन हो गए। बेटा खोने का गम परिवार को खा जा रहा है।  एक बेटे की जान जाने और दो बेटों की जिंदगी बचाने की चिंता के साथ परिवार की सुरक्षा की 24 घंटे माता-पिता  इतनी चिंतामें डूबे रहते है। उनको घटना के दिन पहने गए कपड़े भी बदलने की शुद् बुद् नहीं बची है।

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