अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की शालिनी ठाकुर की गोली मारकर हत्या

अमेरिका के कैलिफोर्निया में युवती की गोली मारकर हत्या। आरोपी युवक रोहित करनाल का रहने वाला था। युवती शालिनी की हत्या के बाद रोहित ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या की। मामला 8 सितंबर का बताया गया है।
करनाल /13 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैक्रामेंटो शहर में 8 सितंबर 2026 को एक दुखद घटना हुई। अड्रेन आर्केड इलाके के एक शॉपिंग सेंटर में पनेरा ब्रेड रेस्टोरेंट के बाहर भारतीय मूल की 38 वर्षीय शालिनी ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप हरियाणा के करनाल के 22 वर्षीय रोहित पर लगा। घटना के बाद रोहित अपनी गाड़ी से भाग निकला। पुलिस ने उसका पीछा किया तो हाइवे 50 पर उसे गाड़ी में मृत अवस्था में पाया गया। उसने खुद को गोली मार ली थी।
घटना दोपहर करीब तीन बजे हुई। शालिनी उस दिन काम पर पहुंचने वाली थीं। कोई उन्हें उनके वाहन के पास छोड़कर गया। रोहित पहले से वहां मौजूद था। वह शालिनी के पास पहुंचा और उनसे बात करने लगा। शालिनी भागने की कोशिश करने लगीं। रोहित ने उनका पीछा किया। फिर उसने पिस्तौल निकाली और कई गोलियां चलाईं। शालिनी जमीन पर गिर गईं। इसके बाद रोहित ने करीब से उनके सिर में एक और गोली मारी। कई गवाहों ने यह सब देखा।
पुलिस को सूचना मिली तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। शालिनी को बेहोश अवस्था में पाया गया। मेडिकल टीम ने उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया। गवाहों ने रोहित की गाड़ी का विवरण दिया। पुलिस ने फ्लॉक कैमरा सिस्टम की मदद से गाड़ी का पता लगाया। कुछ ही मिनटों में हाइवे 50 पर वाट एवेन्यू के पास गाड़ी मिल गई। रोहित ने गाड़ी रोक दी। पुलिस ने स्टैंडऑफ किया। ट्रैफिक घंटों तक जाम रहा। जब पुलिस ने चेक किया तो रोहित ड्राइवर की सीट पर झुका हुआ मिला। उसने खुद को गोली मारी हुई थी। पुलिस की तरफ से कोई गोली नहीं चली।
शालिनी ठाकुर सैक्रामेंटो में रहती थीं। वे रेस्टोरेंट में काम करती थीं। उनकी मां सुदेश कुमारी ने बताया कि बेटी बहुत डरी हुई थी। रोहित पिछले कई महीनों से उनका पीछा कर रहा था। परिवार का कहना है कि रोहित शादी का दबाव बना रहा था। उम्र में करीब 16 साल का फर्क होने की वजह से परिवार ने इनकार कर दिया था। शालिनी ने भी मना कर दिया था।

रोहित और शालिनी की पहचान डोरडैश डिलीवरी के जरिए हुई थी। रोहित शालिनी के वर्कप्लेस पर ऑर्डर लेने आता था। धीरे-धीरे उसका व्यवहार बदलने लगा। जनवरी 2026 के आसपास शालिनी ने अपनी कार के बोनट के नीचे ऐप्पल एयरटैग पाया। इससे उनकी लोकेशन ट्रैक हो रही थी। रोहित ने कई बार कार के टायरों की हवा निकाल दी। फिर उनका पीछा करके मदद का ऑफर देता था। वह घर के बाहर घंटों खड़ा रहता था।
रोहित ने शालिनी के अपार्टमेंट की चाबी की नकल बना ली थी। एक बार वह रात में घर में घुस गया जब शालिनी सो रही थीं। सुबह उसने कहा कि वह चिंतित था क्योंकि फोन नहीं उठाया गया। वह कभी-कभी घर पर बिना मांगे किराने का सामान भेज देता था। कई बार उसने जान से मारने या खुद मरने की धमकी भी दी।
मार्च में शालिनी ने पुलिस को शिकायत दी। बाद में मई में उन्होंने रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर लिया। कोर्ट ने रोहित को दूर रहने का आदेश दिया। लेकिन जुलाई में भी उसने ऑर्डर तोड़ा। शालिनी को लगा कि उसने फिर से घर पर सामान भेजा है। पुलिस ने रोहित को ढूंढने की कोशिश की। दो बार प्रयास किया गया लेकिन वह नहीं मिला। बड़े पैमाने पर कोई तलाशी अभियान नहीं चलाया गया।
रोहित करनाल का रहने वाला है। वह 2023 में अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचा था। अगस्त 2023 में एरिजोना बॉर्डर से घुसते समय अमेरिकी बॉर्डर पट्रोल ने उसे पकड़ा था। बाद में उसे रिहा कर दिया गया। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के अनुसार वह बिना दस्तावेज वाला प्रवासी था। उसकी इमिग्रेशन स्टेटस की पूरी जानकारी अभी साफ नहीं है।
सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ ऑफिस ने जांच की। उन्होंने बताया कि रोहित जनवरी से कम से कम शालिनी का पीछा कर रहा था। कोर्ट दस्तावेजों में सितंबर 2025 से परेशान करने की बात भी आई है। व्यवहार समय के साथ और खराब होता गया। शालिनी ने कई बार सुरक्षा मांगी लेकिन सिस्टम उन्हें पूरी सुरक्षा नहीं दे सका। उनकी मां ने कहा कि पुलिस ने बेटी की सुरक्षा नहीं की। अब वे अकेली महसूस करती हैं।
घटना के बाद परिवार और दोस्त शोक में हैं। शालिनी को दयालु और मददगार बताया जा रहा है। वे लोगों की मदद करने वाली थीं। उनका जाना कई लोगों के लिए बड़ा झटका है। पुलिस ने दोनों की मौत की पुष्टि की है। अब केस बंद होने की प्रक्रिया चल रही है क्योंकि आरोपी भी नहीं बचा।
यह घटना स्टॉकिंग के खतरे को फिर याद दिलाती है। एयरटैग जैसी चीजें ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल हो सकती हैं। रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर होने के बावजूद सुरक्षा की कमी दिखी। इमिग्रेशन नियमों और सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा शुरू हो गई है। होमलैंड सिक्योरिटी ने बयान जारी कर कहा कि आरोपी अवैध रूप से देश में था और उसने स्टॉकिंग के बाद हत्या की।

शालिनी की मूल जगह की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। वे भारतीय मूल की थीं और सैक्रामेंटो में काम और जीवन बसर कर रही थीं। रोहित की फैमिली बैकग्राउंड की भी ज्यादा डिटेल सामने नहीं आई। करनाल से जुड़े समाचारों में उसकी उम्र और मूल जगह की पुष्टि हुई है।
घटना के गवाहों ने पुलिस को पूरा ब्योरा दिया। शूटिंग दिन के उजाले में हुई। कई लोग वहां मौजूद थे। पुलिस ने फौरन कार्रवाई की और सात मिनट के अंदर गाड़ी ढूंढ ली। हाइवे पर स्टैंडऑफ लंबा चला। आखिर में रोहित की मौत खुद की गोली से हुई।
परिवार अब अंतिम संस्कार की तैयारी में है। मां सुदेश कुमारी ने स्थानीय मीडिया से बात की। उन्होंने बेटी के डर और सिस्टम की नाकामी का जिक्र किया। शालिनी फोन पर मां से दोपहर दो बजे के आसपास बात कर चुकी थीं। उसके थोड़ी देर बाद ही घटना हो गई।
यह मामला अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा और स्टॉकिंग कानूनों पर सवाल उठाता है। पुलिस जांच में एयरटैग, चाबी की नकल, टायर खराब करना और घर में घुसना जैसे सबूत मिले। रोहित ने शादी का प्रस्ताव भी दिया था जिसे ठुकरा दिया गया। उम्र का अंतर मुख्य वजह बनी।
सैक्रामेंटो पुलिस और शेरिफ ऑफिस ने मीडिया को अपडेट दिए। उन्होंने रोहित को ठंडे दिमाग का हत्यारा बताया क्योंकि उसने गिरी हुई शालिनी पर भी गोली चलाई। गवाहों की मौजूदगी में यह सब हुआ। कोई अन्य व्यक्ति घायल नहीं हुआ। अभी जांच की कुछ बातें बाकी हो सकती हैं। लेकिन मुख्य तथ्य साफ हैं। 8 सितंबर को सैक्रामेंटो के शॉपिंग सेंटर में हत्या हुई। रोहित फरार हुआ और खुद मर गया। शालिनी की मौत स्टॉकिंग की लंबी कहानी का दुखद अंत बनी। परिवार न्याय की उम्मीद छोड़ चुका है क्योंकि आरोपी भी नहीं बचा।
यह घटना याद दिलाती है कि समय रहते सुरक्षा कदम उठाने चाहिए। शिकायत दर्ज कराने और ऑर्डर लेने के बावजूद हालात बिगड़ सकते हैं। स्थानीय प्रशासन और इमिग्रेशन एजेंसियों पर भी नजर है। भारतीय समुदाय में इस घटना ने चिंता बढ़ाई है। शालिनी ठाकुर की याद में परिवार और दोस्त एकजुट हैं। वे उनकी मददगार स्वभाव की बात करते हैं। रोहित की हरकतें महीनों से चल रही थीं। एयरटैग मिलने के बाद भी पूरी सुरक्षा नहीं मिल सकी। पुलिस के प्रयासों के बावजूद वह नहीं पकड़ा जा सका।
अंत में दोनों की मौत हो गई। एक हत्या का शिकार बनी और दूसरा खुद को मार बैठा। कैलिफोर्निया की इस घटना ने कई सवाल छोड़ दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था, स्टॉकिंग कानून और अवैध प्रवास पर चर्चा जारी है। परिवार अब शोक में है और आगे की प्रक्रिया पूरी करने में लगा है।