युवाओं की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ, कैप्टन अजय सिंह यादव ने गुरुग्राम में हुई कार्रवाई पर उठाए सवाल

युवाओं की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ, कैप्टन अजय सिंह यादव ने गुरुग्राम में हुई कार्रवाई पर उठाए सवाल

अटल हिन्द ब्यूरो। रेवाड़ी, 22 अगस्त।युवाओं की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ है। गुरुग्राम में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस के युवा साथियों के खिलाफ FIR दर्ज करना और गिरफ्तारियां करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

युवाओं के परिजनों को परेशान करने की शिकायतें

इस मामले में चिंता की बात यह है कि प्रदर्शन में शामिल युवाओं के परिजनों को भी परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कैप्टन अजय सिंह यादव जी ने कहा है कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना, अपनी बात रखना और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।

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सरकार की नीतियों से असहमति और युवाओं के अधिकार

सरकार की नीतियों से असहमति रखने वाले युवाओं को FIR और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। हरियाणा के युवा डरने वाले नहीं हैं। वे अपने भविष्य, रोजगार और अपने अधिकारों को लेकर सवाल पूछ रहे हैं।

इन सवालों का जवाब देने के बजाय युवाओं पर पुलिस कार्रवाई करना और उनके परिवारों को परेशान करना समस्या का समाधान नहीं है। हरियाणा में भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि युवाओं की आवाज को दबाने का रास्ता लोकतंत्र को मजबूत नहीं, बल्कि कमजोर करता है।

संवाद और समाधान का रास्ता अपनाने की मांग

सरकार को पुलिस और एफआईआर के पीछे छिपने के बजाय युवाओं के बीच जाकर उनकी बात सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। आज देशभर में Gen-Z और युवा अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

उनकी लोकतांत्रिक असहमति को दबाने के लिए सत्ता और प्रशासन का इस्तेमाल करना गलत परंपरा को जन्म देता है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने हमें संविधान के माध्यम से अधिकार दिए हैं। इन अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है, न कि उन्हें कुचलना। कैप्टन अजय सिंह यादव ने मांग की है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं के खिलाफ दर्ज FIR और गिरफ्तारियों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।

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