चंडीगढ़ EWS कॉलोनी में बिजली बिल समाधान कैंप, तंवर ने उठाए सवाल

₹1,000 का बिजली बिल या लटकती तारों से जान का खतरा—वार्ड-35 की EWS कॉलोनी में गरीबों की दोहरी मार: विक्रांत तंवर का भाजपा पर हमला
चंडीगढ़ /29 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
चंडीगढ़ वार्ड नंबर 35 की EWS कॉलोनी, सेक्टर-49 में बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सिटीजन फोरम वार्ड-35 के प्रधान एवं आम आदमी पार्टी के स्टेट मीडिया इंचार्ज विक्रांत ए. तंवर द्वारा बिजली बिल समस्या समाधान कैंप आयोजित करवाया गया। कैंप में CPDL के अधिकारियों की मौजूदगी में स्थानीय निवासियों की बिजली बिलों से संबंधित शिकायतें सुनी गईं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। बड़ी संख्या में EWS कॉलोनी के निवासियों ने कैंप में पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं और इसका लाभ उठाया।
इस अवसर पर विक्रांत ए. तंवर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “एक दिहाड़ीदार मजदूर, जिसके घर में सिर्फ पंखे हैं और कूलर तक नहीं है, उसके घर का बिजली बिल भी ₹1,000 से अधिक आ रहा है। वह गरीब आदमी इतनी महंगाई में बिजली का इतना बड़ा बिल भरने के बाद अपने परिवार को खिलाएगा क्या?” उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों के कारण दिहाड़ीदार मजदूरों और गरीब वर्ग के लिए जीवनयापन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

तंवर ने कहा कि पंजाब में हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है और बड़ी संख्या में लोगों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार गरीब और आम लोगों को राहत देने की दिशा में काम कर रही है, जबकि चंडीगढ़ में लोगों को बढ़े हुए बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने मुनाफे में चल रहे चंडीगढ़ के बिजली विभाग का निजीकरण कर बिजली व्यवस्था निजी हाथों में सौंप दी, जिसके बाद आम उपभोक्ताओं पर बिजली के बिलों का बोझ बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि कई परिवारों के बिजली बिल पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली की न्यूनतम स्लैब सीमा में बदलाव और मुफ्त बिजली की सुविधा उपलब्ध न होने से आम एवं गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
विक्रांत ए. तंवर ने कहा, “चंडीगढ़ की जनता का आखिर क्या कसूर है? अगर पंजाब में गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सकती है, तो चंडीगढ़ के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को ऐसी राहत क्यों नहीं दी जा सकती?” उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि बिजली के बढ़ते बिलों और निजीकरण के बाद आम जनता पर पड़ रहे आर्थिक बोझ की जिम्मेदारी कौन लेगा।

सेक्टर-49 की EWS कॉलोनी में लटकती तारों से भी जान का खतरा
इसी दौरान विक्रांत ए. तंवर ने वार्ड-35 की EWS कॉलोनी, सेक्टर-49 का मौके पर निरीक्षण भी किया, जहां उन्होंने बिजली के खंभों और स्ट्रीट लाइटों पर खुले एवं असुरक्षित बिजली कनेक्शन तथा जगह-जगह लटकती तारें देखीं। उन्होंने कहा कि लगभग हर खंभे पर खुले में लटकती तारें किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस EWS कॉलोनी में गरीब परिवार पहले ही बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान हैं, वहीं खुले बिजली कनेक्शन और असुरक्षित वायरिंग उनकी जान के लिए भी खतरा बनी हुई है।
तंवर ने कहा, “पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट लगने की घटना में हम एक होनहार छात्र को खो चुके हैं। इसके बावजूद अगर प्रशासन और संबंधित विभाग वार्ड-35 की EWS कॉलोनी में खुले बिजली कनेक्शनों और लटकती तारों को लेकर गंभीर नहीं होते, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?”
उन्होंने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की कि सेक्टर-49 की EWS कॉलोनी में बिजली के खंभों, स्ट्रीट लाइटों, खुले कनेक्शनों और लटकती तारों का तत्काल सुरक्षा निरीक्षण करवाया जाए तथा सभी असुरक्षित कनेक्शनों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित किया जाए।

उन्होंने कहा कि “बिजली केवल बिल का मुद्दा नहीं है, यह लोगों की जान और सुरक्षा का भी सवाल है।” प्रशासन को हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित खतरों को पहले ही दूर करना चाहिए।
तंवर ने कहा कि बिजली बिल समाधान कैंप का उद्देश्य राजनीति से ऊपर उठकर लोगों की वास्तविक समस्याओं का मौके पर समाधान करवाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे जनसमस्या समाधान कैंप आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
तंवर ने कहा कि चंडीगढ़ की जनता सब देख और समझ रही है तथा आने वाले चुनावों में बढ़ती महंगाई, बढ़े हुए बिजली बिलों, बिजली सुरक्षा की अनदेखी और भाजपा की नीतियों का जवाब अपने वोट के माध्यम से देगी।