चरखी दादरी गोलीकांड-हिसार जिले के टोकस गांव निवासी कीर्तिमान की मौत , 4 वेंटिलेटर पर

चरखी दादरी गोलीकांड: थाने के सामने ताबड़तोड़ फायरिंग में एक की मौत, चार वेंटिलेटर पर; गैंगवार और जमीनी विवाद की कहानी
दादरी गैंगवार में बड़ी अपडेट: 30 गोलियों से छलनी हुए घायलों में से हिसार के कीर्तिमान टोकास की मौत, 4 अब भी वेंटिलेटर पर; पुलिस ने केस में जोड़ी हत्या की धारा
मुख्य बिंदु
ताज़ा घटनाक्रम: चरखी दादरी में कोर्ट पेशी के बाद थाने के ठीक सामने हुए चर्चित स्कॉर्पियो गोलीकांड में घायल हुए 7 युवकों में से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतक की पहचान: हिसार के गाँव टोकास निवासी कीर्तिमान (उम्र लगभग 24-25 वर्ष) ने गुरुग्राम के निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
मामले में धारा बढ़ी: मौत की पुष्टि होते ही दादरी पुलिस ने मामले में हत्या (Section 302 IPC / BNS) की धारा जोड़कर जांच तेज कर दी है।
गैंगवार का दावा: लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क से जुड़े रोहित गोदारा गैंग (नवीन बॉक्सर) ने सोशल मीडिया पर इस जानलेवा हमले की जिम्मेदारी ली थी।
पुलिसिया कार्रवाई: दादरी पुलिस की सीआईए (CIA) टीमों ने कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
गुरुग्राम /चरखी दादरी/ 9 अगस्त 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
हरियाणा के चरखी दादरी जिले में 6 अगस्त को दिनदहाड़े सिटी पुलिस थाने के ठीक सामने और कोर्ट परिसर के नजदीक हुई अंधाधुंध गोलीबारी की घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। इस गैंगवार जैसी घटना में एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी पर करीब 30 राउंड गोलियां चलाई गईं। गाड़ी में सवार सातों लोग घायल हो गए। अब इस मामले में एक बड़ी अपडेट सामने आई है। हिसार जिले के टोकस गांव निवासी कीर्तिमान की गुरुग्राम के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। वह पैर और गर्दन में लगी तीन गोलियों की चोटों से गंभीर रूप से घायल थे और हमले के बाद से होश में नहीं आए थे।
घटना 6 अगस्त दोपहर करीब 12 बजे हुई। कीर्तिमान समेत उनके छह साथी स्कॉर्पियो में बाढ़ड़ा थाने में दर्ज एक जमीनी विवाद के मामले में कोर्ट में पेशी के लिए आए हुए थे। पेशी के बाद जब गाड़ी सिटी थाने के सामने से गुजर रही थी, तब तीन हमलावरों ने गाड़ी को घेर लिया। एक हमलावर ने बाइक गाड़ी के आगे लगाई और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की बौछार से स्कॉर्पियो का विंडस्क्रीन छलनी हो गया और अंदर बैठे सभी सात लोग घायल हो गए। आसपास के लोग और पुलिस कर्मी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल ले गए। गंभीर हालत वाले मरीजों को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। कीर्तिमान की हालत बिगड़ने पर उन्हें गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां रविवार को उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार हमले के बाद से वे बेहोश थे और वेंटिलेटर पर थे।
घायलों का विस्तृत ब्योरा इस प्रकार है:
| क्रम | नाम एवं निवासी | लगीं गोलियाँ / चोटें | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|---|
| 1. | कीर्तिमान (टोकास, हिसार) | 3 गोलियाँ (गर्दन और पैर में) | मृत्यु (गुरुग्राम अस्पताल में) |
| 2. | अमित फतेहगढ़ी (चरखी दादरी) | 7 गोलियाँ (कमर और पैरों में) ] | स्थिति अति गंभीर (वेंटिलेटर) |
| 3. | अंकित (मानकावास) | 4 गोलियाँ (छाती, कमर व कूल्हे के पास) | गंभीर (वेंटिलेटर पर) |
| 4. | कृष्ण (महेंद्रगढ़) | 4 गोलियाँ (हाथ, पैर और छाती में) | गंभीर (वेंटिलेटर पर) |
| 5. | अंकित (भिवानी) | 2 गोलियाँ (पेट और पैर में) | उपचाराधीन (पीजीआई) |
| 6. | सूरज (मानहेरू) | छर्रे (पैरों में) | उपचाराधीन |
| 7. | विजय उर्फ सनी (हिसार) | छर्रे (पैरों में) | उपचाराधीन |
पुलिस जांच में सामने आया है कि घायलों में से अधिकांश का आपराधिक रिकॉर्ड है। अमित फतेहगढ़िया पर हत्या समेत विभिन्न धाराओं में 21 मुकदमे दर्ज हैं। कीर्तिमान पर हिसार के विभिन्न थानों में 10 से 15 आपराधिक मामले दर्ज थे। वे सोशल मीडिया पर सक्रिय थे और अपनी प्रोफाइल में ‘क्रिमिनल एक्टिविटीज’ लिख रखा था। वे हथियारों के साथ फोटो पोस्ट करते थे, जिसके लिए 2023 में FIR भी दर्ज हुई थी, लेकिन वे जारी रहे। विजय उर्फ सन्नी पर 6, अंकित पुत्र सतबीर पर 5 और कुछ अन्य पर एक-एक मामला दर्ज है। एक घायल अंकित पुत्र सुरेश का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला।
घटना की पृष्ठभूमि में जमीनी विवाद बताया जा रहा है। बाढ़ड़ा थाने में चार एकड़ जमीन को लेकर केस दर्ज है, जिसमें अमित, कीर्तिमान और विजय समेत कुछ लोगों पर आरोप हैं। पुलिस के अनुसार मुख्य निशाना अमित फतेहगढ़िया पर था, जो प्रदीप कसनिया गुट से जुड़े बताए जाते हैं। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई जिसमें रोहित गोदारा गैंग से जुड़े किसी व्यक्ति (नवीन बॉक्सर के नाम से) ने हमले की जिम्मेदारी ली और अमित फतेहगढ़िया पर हमले का दावा किया। पुलिस इसे गैंगवार मान रही है, हालांकि व्यक्तिगत दुश्मनी के पहलू की भी जांच हो रही है।
थाने के ठीक सामने और कोर्ट से महज कुछ मीटर दूर दिनदहाड़े इतनी बड़ी घटना होने से पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि इतने सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में पुलिस तैनाती कैसी थी और अपराधियों का इतना दुस्साहस कैसे हुआ। हरियाणा में गैंगवार और अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी की और छापेमारी शुरू की।
पुलिस कार्रवाई में सफलता भी मिली है। मुख्य साजिशकर्ता रोहित उर्फ कातिया (माजरा-दुबलधन, झज्जर निवासी) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ में उनके पैर में गोली लगी। उनकी निशानदेही पर प्रीत (साहुवास) और युद्धविरेंद्र/युद्धविंदर (सांगा, हाल लोहारू चौक) को भी गिरफ्तार किया गया। बाद में रोहित उर्फ बाबा उर्फ जग्गू (कलियाणा, बाबा गैंग सरगना) और सचिन उर्फ रोट (रावलधी) समेत अन्य आरोपी भी पकड़े गए। रविवार को फतेहगढ़ निवासी विश्वजीत उर्फ ढिल्लु को भी गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी कातिया को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जबकि कुछ अन्य को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। कीर्तिमान की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ दी गई है। घटना के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया गया है।
कीर्तिमान की मौत के बाद उनके शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का दावा है कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारियां होंगी। जांच में सीआईए, साइबर और अन्य टीमें भी शामिल हैं। एसपी लोगेश कुमार और डीएसपी धीरज कुमार की निगरानी में जांच चल रही है।
यह घटना हरियाणा में बढ़ते गैंग कल्चर, जमीनी विवादों से उपजी हिंसा और दिनदहाड़े अपराधियों के दुस्साहस की एक और मिसाल बन गई है। थाने के सामने गोलीबारी होने से आम नागरिकों में भय का माहौल बना है। पुलिस को न केवल आरोपियों को पकड़ने बल्कि अपराध पर अंकुश लगाने और अपनी छवि सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। बाकी घायलों की हालत पर नजर रखी जा रही है और जांच की आगे की अपडेट का इंतजार है।