मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बड़ी घोषणा, आशा सहयोगिनियों के मानदेय में की 10 प्रतिशत की वृद्धि

दिनेश जांगिड़ की रिपोर्ट /जयपुर /15 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में सक्षम नारी, स्वस्थ बचपन, समृद्ध राजस्थान राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने की बड़ी घोषणा की है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और साथिन बहनें सक्षम नारी, स्वस्थ बचपन और समृद्ध राजस्थान के संकल्प के साथ कार्य कर रही हैं। महिला कल्याण और बाल विकास में इनका अमूल्य योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर बेटी को पोषण, शिक्षा और विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
महिलाओं का सशक्तिकरण
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना मानवता की प्रगति अधूरी है। इसलिए उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसा महत्वपूर्ण अभियान एवं विभिन्न योजनाएं चलाई हैं, जिससे बड़ी संख्या में बालिकाएं और महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 5 हजार रुपये की राशि बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये तथा दिव्यांग गर्भवती महिलाओं के लिए राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपये की गई है। राज्य सरकार द्वारा मा वाउचर योजना के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी की निशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे 4.82 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे बच्चे के जन्म पर मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत लगभग 6 लाख 48 हजार लाभार्थियों को लगभग 215 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है।
नारी शक्ति का नेतृत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत की चौपाल से लेकर स्टार्टअप की बोर्ड मीटिंग तक भारत की नारी शक्ति का नेतृत्व दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अवसरों में वृद्धि के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की महत्वपूर्ण पहल की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रक्षाबंधन के उपहार के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिन बहनों को प्रति खाते 1100 रुपये के अनुसार कुल 14.65 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी की।
विभिन्न योजनाओं के तहत राशि का वितरण
राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं साथिन को यूनिफॉर्म के लिए 13.41 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी की। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सीबीई एवं डाटा प्लान के लिए 16.77 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 40 हजार 538 लाभार्थियों को 23.43 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के अन्तर्गत 20 हजार 670 लाभार्थियों को 6.36 करोड़ रुपये एवं लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत 50 हजार लाभार्थियों को 14.75 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी की। मुख्यमंत्री ने राज्य के 27 आकांक्षी ब्लॉक्स में किशोरी बालिका योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत पांच लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक सौंपे।
पुस्तक विमोचन और बच्चों के साथ संवाद
मुख्यमंत्री ने कैश प्लस मॉडल व्यवहार परिवर्तन रणनीति से संबंधित पुस्तक, मातृ और शिशु पोषण पर आधारित सफलता की कहानियों की संग्रह पुस्तिका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बच्चों के विकास में देरी और दिव्यांग बच्चों में संकेतकों की पहचान से जुड़ी मार्गदर्शिका और नव चेतना हैण्डबुक का विमोचन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री का छोटे-छोटे बच्चों ने गुलाब के फूल देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी बच्चों को दुलार करते हुए उन्हें चॉकलेट्स, फल और गिफ्ट्स वितरित किए। साथ ही, अपने हाथों से बच्चों को अन्नप्राशन भी करवाया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी का संबोधन
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा राजस्थान बनाने का है, जहां हर बेटी को अवसर मिले, वो आत्मनिर्भर बने और हर बच्चे को पूरा पोषण मिले। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा नंद घरों और डिजिटल लर्निंग सहित अनेक नवाचारों के माध्यम से बच्चों के प्रारंभिक विकास एवं सीखने की प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं साथिन बहनें त्योहार और पारिवारिक दायित्वों के साथ बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माताओं और जरूरतमंद परिवारों की चिंता करते हुए अपनी जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करती हैं।