कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा को बर्खास्त और गिरफ्तार करने की मांग की

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को बर्खास्त करने और उनकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मंत्री का पुतला भी फूंका और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
दलित युवक गुलजार सिंह की आत्महत्या का मामला
यह पूरा विरोध प्रदर्शन दलित युवक गुलजार सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोपों के चलते किया जा रहा है। ज्ञापन में यह साफ बताया गया है कि धीरबा के रहने वाले दलित गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और उनके साथियों द्वारा कथित तौर पर धमकाए और अपमानित किए जाने के बाद यह انتہائی कदम उठाया था।
FIR में नाम शामिल न करने पर उठाए सवाल
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है, लेकिन इस मामले में वित्त मंत्री हरपाल चीमा का नाम जानबूझकर शामिल नहीं किया गया है। यह स्थिति तब और अधिक गंभीर हो जाती है जब गुलजार सिंह ने अपनी मृत्यु से पहले दिए गए बयान (Dying Declaration) में स्पष्ट रूप से हरपाल सिंह चीमा को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया था। ज्ञापन के अनुसार, कानून में ऐसे बयानों को एक बहुत महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जाता है।
डीजीपी से तत्काल कार्रवाई की मांग
कांग्रेस ने डीजीपी से मांग की है कि हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। पार्टी का कहना है कि ऐसा होने से वे अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करके गुलजार सिंह के परिवार पर दबाव डालकर समझौता करने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा ज्ञापन में यह भी बड़ा आरोप लगाया गया कि गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार परिवार की इच्छा के खिलाफ सरकार द्वारा जबरन करवाया गया था, इसलिए पुलिस का सबसे पहला कर्तव्य बनता है कि वे हरपाल चीमा को गिरफ्तार करें ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।