आप सरकार के झूठे वादों के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला-बोल, बलवीर सिंह सिद्धू ने उठाए गंभीर सवाल

आप' सरकार के खोखले वादों और झूठे बदलाव के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला-बोल
बलवीर सिंह सिद्धू ने 'आप' सरकार की नाकामियों पर उठाए तीखे सवाल
चंडीगढ़/8 सितंबर2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
चंडीगढ़ में कांग्रेस भवन के भीतर आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन में पार्टी की पूरी लीडरशिप ने हिस्सा लिया। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलवीर सिंह सिद्धू इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने पंजाब की वर्तमान सरकार के कामकाज पर बहुत तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन आम लोगों ने बदलाव की उम्मीद के साथ आप पार्टी को सत्ता सौंपी थी, आज वही लोग अपने बुनियादी अधिकारों को हासिल करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो चुके हैं।
नशे की समस्या और बढ़ती बेरोजगारी पर तीखा प्रहार किया गया। सिद्धू ने कहा कि सरकार ने पंजाब से नशे की समस्या को पूरी तरह खत्म करने के बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन आज की जमीनी हकीकत उन दावों से कोसों दूर है। वर्ष 2024 के दौरान कुल 8,973 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही नशा तस्करी के मामलों में पंजाब का देश भर में पहले स्थान पर रहना सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है। उन्होंने सवाल किया कि अगर पंजाब सचमुच नशा मुक्त हो चुका है, तो आज भी राज्य के युवा नशे की दलदल में क्यों फंस रहे हैं। परिवारों को अपने बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए आज भी क्यों गुहार लगानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार के मोर्चे पर भी पंजाब के युवाओं के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। राज्य में यूथ अनप्लॉयमेंट 22.3 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद सरकार केवल विज्ञापनों और बयानों के जरिए ही रोजगार देने के झूठे दावे कर रही है। पंजाब का युवा आज भी नौकरी की तलाश में भटक रहा है और सरकार सिर्फ अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने में व्यस्त है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए। सिद्धू ने कहा कि आप सरकार के अपने नेता ही अब प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करने लगे हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग द्वारा जीमाडा को सेंटर ऑफ लूट यानी लूट का केंद्र कहा जाना सरकार की कार्यप्रणाली पर बहुत बड़ा सवालिया निशान लगाता है। जब सत्ताधारी पार्टी के भीतर से ही ऐसे गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, तो पंजाब की जनता को इस पूरे मामले का पारदर्शी हिसाब मिलना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। पिछले करीब 18 महीनों के दौरान पुलिस ठिकानों को निशाना बनाकर कम से कम 10 ग्रेनेड धमाकों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसी घटनाओं के बाद सरकार के सुरक्षित पंजाब के दावों पर सवाल उठना पूरी तरह स्वाभाविक है। जनता को केवल भाषणों में नहीं बल्कि अपनी वास्तविक जिंदगी में सुरक्षा की आवश्यकता है।
बढ़ता कर्ज और अन्य गंभीर मामलों पर सरकार को घेरा गया। सिद्धू ने पंजाब के लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर भी सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि आगामी मार्च 2027 तक पंजाब का कुल कर्ज 4.47 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। इस साल अकेले लगभग 28,755 करोड़ रुपए केवल ब्याज चुकाने में ही खर्च होने की बात सामने आ रही है। सरकार पंजाब के भविष्य को कर्ज के भारी बोझ के नीचे दबा रही है और आने वाली पीढ़ियों पर इसका बहुत बड़ा आर्थिक बोझ डाल रही है। शेरों गांव की घटना का जिक्र करते हुए सिद्धू ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक युवा के साथ की गई बेरहमी बेहद निंदनीय है। जो युवा नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का सराहनीय प्रयास कर रहा था, उसे डराने के बजाय सरकार को उसका हौसला बढ़ाना चाहिए था। पांच करोड़ रुपए की कथित मांग से जुड़े मामले पर सिद्धू ने कहा कि यदि किसी बेटी की इज्जत और इंसाफ को पैसे से तौलने के लिए या मामले को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपए की मांग की गई है, तो यह बेहद गंभीर और शर्मनाक मुद्दा है। इन सभी आरोपों की पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। यदि जांच के दौरान ये आरोप साबित होते हैं, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। अंत में बलवीर सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब के आम लोगों की आवाज को अब किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता है। कांग्रेस पार्टी समाज के हर वर्ग के अधिकारों के लिए पूरी मजबूती से डटकर आवाज उठाती रहेगी। पंजाब की जनता सब कुछ बहुत ध्यान से देख रही है और आने वाले समय में सरकार की हर नाकामी का पूरा हिसाब लिया जाएगा।