विधानसभा सत्र: सरकारी भर्तियों, एसआईआर और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

चंडीगढ़ में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आगामी विधानसभा सत्र को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं। हरियाणा में विपक्षी दल कांग्रेस विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार को कई मुद्दों पर घेरेगी। इन मुद्दों में सरकारी भर्तियां, कौशल निगम, एसआईआर, कानून व्यवस्था, सफाई कर्मियों की मांगें, सरकार के घोटाले और किसानों की समस्याएं शामिल हैं। यह बैठक 27 अगस्त से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र के संबंध में गुरुवार को चंडीगढ़ में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सदन के भीतर और बाहर उठाए जाने वाले तमाम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
महंगाई और चीनी के बढ़े दामों पर भूपेंद्र हुड्डा का बयान
इस मौके पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इथेनॉल की मिलावट के बावजूद पेट्रोल की कीमतें तो पहले ही आसमान छू रही हैं। लेकिन अब इसके चलते चीनी के रेट ने भी आम आदमी के होश उड़ा दिए हैं। चीनी का भाव 70 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। इसका मतलब यह है कि यह दाम कुछ ही महीने में लगभग डबल हो गया है। ईंधन से लेकर खाने-पीने के सामान तक, जनता पर चौतरफा मार पड़ रही है।
एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर पार्टी की सतर्कता
हुड्डा ने एसआईआर के मुद्दे पर भी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि एसआईआर को लेकर पार्टी पूरी तरह चौकन्ना है। चुनाव आयोग और भाजपा की मिलिभगत पर अंकुश लगाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं। पार्टी नेताओं की तरफ से इस संबंध में चुनाव आयोग में अपनी शिकायतें भी दर्ज करवा दी गई हैं।
हरियाणा में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल
बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने बीजेपी सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दादरी में सरेआम फायरिंग और कुरुक्षेत्र में डकैती जैसी वारदातों से पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल है। थाने के सामने बदमाशों ने जिस तरह इस वारदात को अंजाम दिया, इससे यह साफ जाहिर होता है कि उनमें कानून का कोई डर नहीं बचा है। हरियाणा में सरेआम लूट, डकैती, फिरौती, हत्या और फायरिंग अब एक रूटीन बात बन गई है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा को को-ऑर्गेनाइजर स्टेट बनाने की मांग
बैठक में मौजूद सभी विधायकों ने एक स्वर में एक और बड़ी मांग उठाई है। सभी विधायकों ने मांग उठाई है कि भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में गुजरात के साथ हरियाणा को भी को-ऑर्गेनाइजर स्टेट बनाया जाए। इसकी मुख्य वजह यह है कि हमेशा हरियाणा के खिलाड़ियों ने हर एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के लिए सबसे ज्यादा मेडल जीते हैं।