Corona-डयूटी  पर हूँ बेटा तेरी अर्थी को कंधा नहीं दे पाउँगा , मुझे माफ कर देना बेटा,

डयूटी  पर हूँ बेटा तेरी अर्थी को कंधा नहीं दे पाउँगा , मुझे माफ कर देना बेटा,

Corona का दर्द : बेटे की मौत पर कांधा भी नहीं दे सका बोर्डर में तैनात ये जवान पिता….VIDEO कॉल पर बेटे के किये दर्शन, बिलखते हुए कहा- माफ कर देना मुझे बेटा

 

दंतेवाड़ा 29 मार्च 2020(ATAL HIND) कोरोना हर पल जख्म दे रहा है…कहीं कोई बाप बेबस है, तो कहीं बेटा मजबूर….कहीं मां तड़प रही, तो कहीं बहन-बीबी और बच्चे असहाय है। कोरोना के दर्द के बीच नियति इतनी निष्ठुर है कि शब्दों में बयां कर पाना संभव नहीं। दंतेवाड़ा में कोरोना के दर्द ने एक बाप को जिंदगी भर का जख्म दे दिया है। वो कहते हैं ना एक बाप के लिए बेटे की अर्थी से भारी सामान उसके कंधों पर कुछ और नहीं हो सकता….लेकिन उस बाप का क्या….जो अपनी औलाद का आखिरी पलों में मुंह भी ना देख पाये।दर्द का ये सैलाब बोर्डर में तैनात जवान राजकुमार नेता की जिंदगी में आया है। राजकुमार SSB में तैनात हैं और नेपाल बोर्डर पर वतन की रखवाली कर रही है। 14 सालों से बोर्डर में तैनात राजकुमार का एक साल का बेटा आदित्य था, जो कुछ महीने से ट्यूमर की समस्या से जूझ रहा था। बुधवार को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी, लेकिन वक्त की विडंबना देखिये कोरोना ने एक बाप के कदमों को इस कदर बांध दिया कि वो अपनी औलाद की झलक पाने के लिए तरस गया।

जनवरी में दंतेवाड़ा आये राजकुमार ने बेटे का इलाज हैदाराबाद ले जाकर कराया था, जिसके बाद वो ठीक भी हो गया था, लेकिन बुधवार को अचानकर उसकी तबीयत बिगड़ गयी और फिर अस्पताल में मासूम आदित्य को भर्ती कराया गया। राजकुमार गुरुवार को अपने बेटे के पास लौटना चाहता था, लेकिन लॉकडाउन ने उसके पैर बांध दिये। और फिर अगले ही दिन बच्चे की अस्पताल में मौत हो गयी। बेटे की मौत की खबर ने राजकुमार को बैचेन कर दिया। वो अपने दिल के टुकड़े से मिलना चाहता था, उसकी एक झलक पाना चाहता था…लेकिन निर्दयी कोरोना उस बाप को इस कदर बेबस कर दिया कि उसे नजर भर देख भी नहीं सका।वीडियो कॉल पर बेजान बेटे को देख पिता राजकुमार बिलख पड़ा। कलपते हुए बस इतना ही कह पाया….”बेटा हमको माफ कर देना, खूब सारा प्यार बेटा…तुम अपने पापा को कैसे छोड़कर चला गया”…फिर चुप हो गया। अंतिम संस्कार को वीडियो कॉल पर ही देखा और पूरे वक्त रोते रहा। राजकुमार नेताम ने कुछ मीडियाकर्मियों से अपने दर्द को साझा करते हुए रोते हुए यही कहा कि जिंदगी भर ये हमको दुख रहेगा। घर जाऊंगा तो मेरा बेटा मेरे साथ नहीं होगा, बेटे से नहीं मिल पाया।

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